क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस से 6.3 अरब डॉलर की चोरी हुई है। हमलावरों ने फर्जी भर्ती प्रक्रिया और मैलवेयर का इस्तेमाल कर कंपनी के सिस्टम में सेंध लगाई।

एक फर्जी नौकरी इंटरव्यू और दुर्भावनापूर्ण कोड के जरिए दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों में से एक, बाइनेंस से करीब 6.3 अरब डॉलर की चोरी की गई है। इस हमले में सोशल इंजीनियरिंग और एआई टूल्स के साथ छेड़छाड़ का सहारा लिया गया, जिसे अब तक की सबसे बड़ी क्रिप्टो चोरी माना जा रहा है। बाइनेंस ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि यह कोई साधारण फिशिंग हमला नहीं था, बल्कि एक बहु-चरणीय अभियान था। इसमें मैलवेयर, आंतरिक एआई टूल में बदलाव और कंप्यूटरों पर कब्जे जैसे उन्नत तरीकों का इस्तेमाल किया गया। बुधवार, 4 नवंबर 2026 को जारी विवरण के अनुसार, हमलावरों ने भर्ती प्रक्रिया का फायदा उठाकर कंपनी के इंजीनियरों को निशाना बनाया। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने इस चोरी के पीछे 'ट्रेडरट्रेटर' नामक उत्तर कोरियाई हैकिंग अभियान का हाथ होने का शक जताया है, जो लाज़रस ग्रुप से जुड़ा माना जाता है। हालांकि, उत्तर कोरियाई पक्ष ने इन आरोपों से इनकार किया है।
बाइनेंस के मुताबिक, इस हमले की शुरुआत जून में हुई जब एक इंजीनियर ने गलती से एक दुर्भावनापूर्ण इंस्टॉलेशन डाउनलोड कर लिया। हालांकि, सुरक्षा टीम ने मैलवेयर को पकड़ लिया और प्रभावित डिवाइस व क्रेडेंशियल बदल दिए। लेकिन सितंबर में हमलावरों ने एक नए तरीके से हमला किया। एक नौकरी तलाशने वाले प्लेटफॉर्म के जरिए फर्जी भर्तीकर्ता ने दूसरे इंजीनियर से संपर्क किया।
इस प्रक्रिया के दौरान वीडियो कॉल में फर्जी एचआर प्रतिनिधि और कंपनी के सीईओ बनकर बात करने वाले व्यक्ति ने इंजीनियर से एक 'असाइनमेंट' डाउनलोड कराया। इस असाइनमेंट में दुर्भावनापूर्ण कोड छिपा था, जिसने एक वैध डेवलपमेंट टूल की जगह ले ली और हमलावरों के सर्वर से जुड़ गया। कंपनी के सुरक्षा टूल शुरुआत में इस खतरे को पकड़ने में नाकाम रहे। इसके बाद 20 अक्तूबर को हमलावरों ने उसी कंप्यूटर और एक आंतरिक एआई टूल की मदद से वॉलेट से जुड़े दो अन्य इंजीनियरों के कंप्यूटर तक अपनी पहुंच बना ली। अंततः 29 अक्तूबर को चुराए गए कंटेनर डिप्लॉयमेंट टोकन के जरिए एक स्क्रिप्ट चलाई गई, जिससे चोरी को अंजाम दिया गया।
चोरी के बाद बाइनेंस ने प्रभावित वॉलेट सिस्टम और आंतरिक एआई टूल को दोबारा बनाया है। कंपनी ने प्रभावित उपकरणों को बदलने के साथ-साथ संबंधित क्रेडेंशियल और टोकन को बंद कर दिया है। वर्तमान में कंपनी कानून-प्रवर्तन एजेंसियों, ब्लॉकचेन विश्लेषण फर्मों और सुरक्षा शोधकर्ताओं के साथ मिलकर चोरी हुई संपत्तियों का पता लगाने और उन्हें फ्रीज करने की कोशिश कर रही है। खबर लिखे जाने तक यह जानकारी मिली है कि कंपनी ने लगभग 2.85 अरब डॉलर की राशि फ्रीज की है और प्रभावित ग्राहकों को भरपाई करने का आश्वासन दिया है, हालांकि इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। कंपनी अब स्वतंत्र साइबर-सुरक्षा विशेषज्ञों से अपनी प्रणालियों की समीक्षा करा रही है। भविष्य के खतरों से बचने के लिए बाइनेंस ने सुरक्षा शोध फंड और एआई सुरक्षा पहल शुरू करने की बात कही है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है।
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