सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, सैलरी में हो सकता है तगड़ा इजाफा

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। आठवें वेतन आयोग के तहत बेसिक सैलरी में 66% तक का इजाफा संभव है। अगर सरकार परिवार की यूनिट को 3 से बढ़ाकर 5 मान लेती है, तो फिटमेंट फैक्टर में बड़ा बदलाव आएगा। इससे कर्मचारियों की मासिक आय दोगुना तक बढ़ सकती है।

8th Pay Commission
आठवें वेतन आयोग
locationभारत
userअसमीना
calendar05 Mar 2026 04:40 PM
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केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए यह समय उम्मीद भरा लग रहा है। आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की तैयारी के बीच कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 66 प्रतिशत तक का बड़ा इजाफा होने की संभावना है। यह बढ़ोतरी केवल इसलिए संभव है क्योंकि कर्मचारी संगठन सरकार से परिवार की यूनिट 3 से बढ़ाकर 5 करने की मांग कर रहे हैं। अगर यह प्रस्ताव स्वीकार हो जाता है तो फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी से कर्मचारियों का वेतन लगभग दोगुना हो जाएगा।

पुराने नियम और 1956 का फॉर्मूला

वर्तमान वेतन निर्धारण का ढांचा काफी पुराना है। आज जो बेसिक पे तय होता है वह ‘थ्री फैमिली यूनिट’ के आधार पर तय किया जाता है। यह फॉर्मूला 1956 में हुए इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस में तय किया गया था। तब से सरकार केवल तीन सदस्यों के परिवार को ही वेतन निर्धारण में मानती आ रही है। इस पुरानी प्रणाली के तहत कर्मचारियों की मासिक आय उनके परिवार की वास्तविक जरूरतों को पूरी तरह नहीं दर्शाती। ऐसे में कर्मचारियों ने बदलाव की मांग उठाई है ताकि सैलरी वास्तविक जीवन के हिसाब से तय हो।

क्यों उठाई गई 5 यूनिट की मांग?

समाज और परिवार की संरचना में बदलाव आया है। आज कई परिवारों में बुजुर्ग माता-पिता बच्चों पर निर्भर रहते हैं और न्यूक्लियर फैमिली (एकल परिवार) का चलन भी बढ़ गया है। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि अब परिवार की यूनिट को 3 से बढ़ाकर 5 किया जाना चाहिए ताकि माता-पिता और अन्य सदस्य की देखभाल के खर्च को वेतन में शामिल किया जा सके।

बेसिक पे में 66% तक का इजाफा

इस प्रस्ताव के पीछे गणित बेहद सरल है। जब परिवार की यूनिट बढ़ती है तो फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी होती है। वर्तमान नियमों के अनुसार 3 यूनिट पर फैक्टर 1.76 के करीब है। यदि यूनिट बढ़कर 5 हो जाती है तो फैक्टर 2.42 तक पहुंच सकता है। इसका मतलब यह है कि बेसिक पे में लगभग 66 प्रतिशत का उछाल देखने को मिलेगा।

आपके खाते में कितना फायदा?

मान लीजिए कि किसी कर्मचारी की बेसिक पे वर्तमान में ₹78,800 है। अगर पुराना नियम लागू रहा तो वेतन बढ़कर ₹1,38,688 हो सकता है। लेकिन नया नियम लागू हुआ और यूनिट बढ़ाकर 5 कर दी गई तो वही बेसिक पे बढ़कर ₹1,90,676 तक पहुंच सकती है। इसमें महंगाई भत्ता और सालाना इंक्रीमेंट भी शामिल हैं। यह बढ़ोतरी कर्मचारियों के लिए बेहद राहत भरी साबित होगी।

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realme NARZO Power 5G की कीमत और वेरिएंट्स, कौन सा ऑप्शन है बेस्ट?

realme NARZO Power 5G भारत में लॉन्च हो गया है जिसमें 10001mAh की बड़ी बैटरी और 80W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट है। इसमें 6.8 इंच का AMOLED डिस्प्ले और MediaTek Dimensity 7400 Ultra चिपसेट दिया गया है। फोन में 50MP + 8MP रियर कैमरा और 16MP फ्रंट कैमरा है। यह फोन realme P4 Power 5G के फीचर्स के साथ आता है।

realme NARZO Power 5G
realme NARZO Power 5G Launch
locationभारत
userअसमीना
calendar05 Mar 2026 03:07 PM
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realme ने हाल ही में भारत में NARZO Power 5G स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है। इस फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 10001mAh बैटरी है जो एक बार चार्ज करने पर लंबा बैकअप देती है। हालांकि, इसके अधिकांश फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस पहले लॉन्च हुए realme P4 Power 5G से मिलते-जुलते हैं। आसान भाषा में कहें तो realme ने एक नए नाम के साथ वही फोन पेश कर दिया है जिसकी खूबियां कुछ दिनों पहले P4 Power 5G में देखी गई थीं।

realme NARZO Power 5G के प्रमुख फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस

realme NARZO Power 5G में 6.8 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले है जो 144Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। यह फोन MediaTek Dimensity 7400 Ultra चिपसेट पर बेस्ड है और इसमें 8GB LPDDR4X RAM के साथ 128GB और 256GB स्टोरेज विकल्प मौजूद हैं। फोन एंड्रॉयड 16 पर बेस्ड realme UI 7.0 के साथ आता है। कैमरे की बात करें तो इसमें 50MP + 8MP का रियर कैमरा और 16MP का फ्रंट कैमरा है। बैटरी के मामले में यह फोन 10001mAh की बेहद ताकतवर बैटरी और 80W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आता है।

realme NARZO Power 5G vs realme P4 Power 5G में क्या है फर्क?

सतही तौर पर NARZO Power 5G और P4 Power 5G लगभग समान हैं। फर्क बस सीरीज और कुछ कलर विकल्पों का है। P4 Power 5G P सीरीज का हिस्सा है जबकि NARZO Power 5G नारजो सीरीज में आता है। इसके अलावा P4 में चर्चित ऑरेंज कलर वेरिएंट है जो NARZO में नहीं है। इसके अलावा दोनों फोन में फीचर्स और बैटरी क्षमता लगभग समान है इसलिए प्रदर्शन में अंतर नहीं दिखता। भारत में realme NARZO Power 5G की कीमत 8GB + 128GB वेरिएंट के लिए ₹29,999 और 8GB + 256GB वेरिएंट के लिए ₹27,999 रखी गई है। यूजर्स अब डिस्काउंटेड प्राइस में भी इन फोनों को चुन सकते हैं।

क्यों है यह फोन खास?

इस फोन की सबसे बड़ी ताकत इसकी 10001mAh बैटरी है। सामान्य उपयोगकर्ता के लिए यह बैटरी सिंगल चार्ज में लगभग तीन दिन तक चल सकती है। इसके चलते पावर बैंक रखने की जरूरत लगभग खत्म हो जाती है। बैटरी, डिस्प्ले और फास्ट चार्जिंग की वजह से यह फोन लंबी यात्रा और लगातार यूज करने वालों के लिए एक दम सही विकल्प बनता है। अगर बात करें कि कौन सा फोन लेना चाहिए तो सतही तौर पर दोनों अच्छे हैं और प्रदर्शन में समान हैं। अगर कीमत में अंतर है तो डिस्काउंटेड विकल्प लेना बेहतर रहेगा। बैटरी और डिस्प्ले दोनों फोन में समान हैं इसलिए मुख्य आधार आपकी पसंद और बजट होना चाहिए।

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तीन दिन की गिरावट के बाद सेंसेक्स 500 अंक उछला, जानें कारण

भारतीय शेयर बाजार में तीन दिनों की गिरावट के बाद 5 मार्च को तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 450 से 500 अंकों तक बढ़ गया और निफ्टी 24,645 के करीब पहुंच गया। बाजार में वैल्यू बाइंग, ग्लोबल संकेत और निवेशकों के डर में कमी तेजी के मुख्य कारण रहे। फाइनेंशियल और कैपिटल मार्केट शेयरों में सबसे अधिक उछाल देखा।

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सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव का लाइव अपडेट
locationभारत
userअसमीना
calendar05 Mar 2026 01:59 PM
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भारतीय शेयर बाजार में तीन दिनों की लगातार गिरावट के बाद 5 मार्च को निवेशकों को राहत मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 472 अंक बढ़कर 79,588 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी भी 24,645 के करीब कारोबार करता दिखा। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसी अनिश्चितताओं के बावजूद बाजार में तेजी देखने को मिली। आज के कारोबार में फाइनेंशियल और कैपिटल मार्केट शेयरों में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली।

शुरुआती कारोबार की तस्वीर

सुबह 9:55 बजे सेंसेक्स 0.60 प्रतिशत यानी 472.30 अंक बढ़कर 79,588.49 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 0.68 प्रतिशत या 165.30 अंक बढ़कर 24,645.80 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार के सभी 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में थे। ब्रॉडर मार्केट में भी मजबूती दिखी। स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स लगभग 1 प्रतिशत तक चढ़ गए।

तेजी के 3 बड़े कारण

ग्लोबल बाजारों से सकारात्मक संकेत

एशियाई और अमेरिकी बाजारों से सकारात्मक संकेत मिले। साउथ कोरिया का कॉस्पी इंडेक्स और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स हरे निशान में थे। अमेरिकी बाजार भी बीती रात हरे निशान में बंद हुए। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध टालने की संभावित बातचीत और तेल बाजार को स्थिर रखने के आश्वासन ने निवेशकों का डर कम किया।

गिरावट के बाद वैल्यू बाइंग

तीन दिनों की गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की। खासकर रियल्टी, मेटल और ऑटो सेक्टर के शेयरों में वैल्यू बाइंग देखी गई। जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट्स वीके विजयकुमार के अनुसार, हाल के दिनों में भू-राजनीतिक तनाव और तेल कीमतों की अनिश्चितता सेंटीमेंट पर असर डाल सकती है। लेकिन जब तेल व्यापार सामान्य रहता है तो बाजार में तेजी लौट सकती है।

बाजार में अस्थिरता में कमी

शेयर बाजार में डर को दिखाने वाला इंडिया VIX करीब 10 प्रतिशत गिरकर 19.04 के स्तर पर आ गया। इसका मतलब है कि भू-राजनीतिक तनाव के बाद निवेशकों की घबराहट में कमी आई है और बाजार अधिक स्थिर दिख रहा है।

तकनीकी नजरिया

जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटजिस्ट आनंद जेम्स के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,840 का स्तर संभावित लक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि 24,625 के आसपास मजबूत रेजिस्टेंस मौजूद है। यदि निफ्टी 24,370 के नीचे फिसलता है तो 24,000 से 23,550 तक गिरावट संभव है। फिलहाल बाजार में बड़ी गिरावट की संभावना कम दिखाई दे रही है।

डिस्क्लेमरः चेतना मंच यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

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