Budget 2026 में आम आदमी, किसानों और निवेशकों के लिए बड़ी राहत की उम्मीद है। इस बार सोना-चांदी की कीमतों में बदलाव, इनकम टैक्स में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने और किसान सम्मान निधि में वृद्धि की संभावना है। बजट में जॉइंट टैक्स फाइलिंग, मेडिकल खर्च पर छूट और गिफ्ट टैक्स सीमा में सुधार की भी उम्मीद है।

आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना नौवां बजट पेश करेंगी। इस बार सबकी नजरें इनकम टैक्स, सोना-चांदी की कीमतों और किसान सम्मान निधि पर टिकी हैं। उम्मीद है कि बजट से आम आदमी को सीधे फायदा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ सकती है, सोना-चांदी पर टैक्स में बदलाव हो सकता है और बुनियादी ढांचे के लिए खर्च बढ़ाया जा सकता है। आइए जानते हैं बजट की प्रमुख बातें।
इस बजट से सबसे ज्यादा ध्यान सोने-चांदी की कीमतों पर रहेगा। वित्त मंत्रालय और एक्सपर्ट्स का मानना है कि कुछ टैक्स रियायतों और नियमों में बदलाव से सोना-चांदी सस्ता हो सकता है। इसके अलावा, इनकम टैक्स की नई रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाकर 1 लाख रुपए किए जाने की संभावना है। इससे मिडिल क्लास और छोटे निवेशकों को राहत मिलेगी।
किसानों के लिए किसान सम्मान निधि में वृद्धि की संभावना है। इससे ग्रामीण और कृषि आधारित समुदायों को सीधे लाभ मिलेगा। बजट में कृषि और ग्रामीण विकास के लिए भी विशेष प्रावधान किए जाने की उम्मीद है।
राजकोषीय घाटा यानी सरकार के खर्च और आय के बीच अंतर, चालू वित्त वर्ष में 4.4% रहने का अनुमान है। विशेषज्ञ उम्मीद कर रहे हैं कि वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार इसे 4% तक लाने का लक्ष्य तय कर सकती है। इससे बाजार और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।
सरकार चालू वित्त वर्ष में बुनियादी ढांचे पर 11.2 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है। अगले बजट में इसे 10-15% बढ़ाने की संभावना है। इसका मतलब है कि कैपिटल एक्सपेंडिचर 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है। यह कदम प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देगा और रोजगार के नए अवसर बनाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि कर्ज-जीडीपी रेशियो को 60% तक लाया जाए। साल 2024 में यह रेशियो 85% था, जिसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 57% था। बाजार इस बजट में सरकार की नई समय-सीमा और रणनीति पर नजर रखेगा। 2025-26 के लिए सरकार ने टैक्स रेवेन्यू का टारगेट 42.70 लाख करोड़ रुपये रखा था। इसमें से 25.20 लाख करोड़ प्रत्यक्ष करों से और 17.5 लाख करोड़ अप्रत्यक्ष करों से आएंगे। GST से 11.78 लाख करोड़ रुपये का राजस्व रहने का अनुमान है। बजट 2026 में GST में बदलाव और राजस्व के नए आंकड़ों पर खास नजर रहेगी।
2025-26 में मौजूदा कीमतों पर GDP ग्रोथ 10.1% रहने का अनुमान था। वास्तविक GDP ग्रोथ 7.4% मानी गई थी। अगले वित्त वर्ष में GDP ग्रोथ 10.5 से 11% के बीच रहने की संभावना है। महंगाई कम रहने के कारण यह अनुमान बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।Budget 2026 में हेल्थकेयर सेक्टर में सरकारी खर्च बढ़ाने की उम्मीद है। डिफेंस में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा, और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में नई रफ्तार देने के भी संकेत हैं। इसके अलावा, रियल एस्टेट सेक्टर में सस्ती ब्याज दरें और अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा मिल सकता है।
इस बजट में अमृत भारत और वंदे भारत ट्रेनों की घोषणा हो सकती है। इससे ट्रेवल सुविधाओं में सुधार होगा और रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।