Silver Price Crash: चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड हाई के बाद जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। सिर्फ दो दिनों में चांदी करीब 19 हजार रुपये सस्ती हो गई है। गुरुवार को ही चांदी के दाम 10 हजार रुपये तक टूट गए हैं। सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट देखी जा रही है।

सोने-चांदी में निवेश करने वालों के लिए बीते दो दिन बेहद चौंकाने वाले रहे हैं। जिस चांदी ने हाल ही में रिकॉर्ड हाई बनाकर बाजार में हलचल मचा दी थी वही अब भारी गिरावट का सामना कर रही है। सिर्फ दो दिनों के भीतर चांदी की कीमतों में करीब 19 हजार रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं सोने की कीमतें भी दबाव में आ गई हैं और लगातार कमजोर होती नजर आ रही हैं। इस अचानक आई गिरावट ने निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर बाजार में ऐसा क्या बदल गया।
दो दिन पहले चांदी की कीमतें ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई थीं। 6 अक्टूबर को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी ने 2,59,322 रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन इसके बाद बाजार का रुख तेजी से बदला। अब तक चांदी की कीमतों में 18,700 रुपये से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है, जिसे बड़ी गिरावट माना जा रहा है।
गुरुवार के कारोबारी सत्र में चांदी के दामों में जबरदस्त दबाव देखने को मिला। MCX पर चांदी की कीमतें कारोबार के दौरान 10,000 रुपये गिरकर 2,40,605 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गईं, जो दिन का निचला स्तर रहा। चांदी की ओपनिंग 2,51,041 रुपये पर हुई थी, जबकि बुधवार को यह 2,50,605 रुपये पर बंद हुई थी। दोपहर 11:50 बजे तक चांदी 8,923 रुपये की गिरावट के साथ 2,41,682 रुपये पर कारोबार कर रही थी।
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट देखने को मिली। MCX पर सोना गुरुवार को 1,500 रुपये से ज्यादा टूट गया। कारोबारी सत्र के दौरान सोना 1,36,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक पहुंच गया, जबकि एक दिन पहले यह 1,38,009 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। यानी सोने की कीमत में करीब 1,509 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को सोने की ओपनिंग 1,37,996 रुपये पर हुई थी।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई अहम कारण हैं। सबसे बड़ा कारण डॉलर इंडेक्स में मजबूती है। जब डॉलर मजबूत होता है तो कीमती धातुओं पर दबाव बनता है। इसके अलावा, हालिया तेजी के बाद निवेशकों द्वारा की जा रही मुनाफावसूली भी कीमतों को नीचे खींच रही है।
वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर से जुड़े जानकार अनुज गुप्ता के अनुसार, सोने और चांदी में हाल की गिरावट पूरी तरह से मुनाफावसूली और डॉलर इंडेक्स में आई तेजी का नतीजा है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ भू-राजनीतिक प्रभाव अब कमजोर पड़ रहे हैं जिससे कीमती धातुओं को सपोर्ट मिलना कम हुआ है। उनका मानना है कि आने वाले दिनों में भी सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मौजूदा हालात में विशेषज्ञ जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचने की सलाह दे रहे हैं। अगर आप लॉन्ग-टर्म निवेशक हैं तो गिरावट के दौरान रणनीति बनाकर निवेश किया जा सकता है। वहीं शॉर्ट-टर्म निवेशकों के लिए बाजार फिलहाल जोखिम भरा बना हुआ है।