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यह इलाका देश का सबसे बड़ा AI यूजर हब बनकर उभरा है। इसके बाद बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे शहरों का नंबर आता है। इसका मतलब साफ है कि अब सिर्फ टेक सिटी ही नहीं बल्कि बड़े मेट्रो शहर भी AI के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

भारत में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दौड़ में सबसे आगे कौन सा शहर है? आमतौर पर लोग सोचते हैं कि बेंगलुरु जैसे टेक हब इस मामले में नंबर 1 होंगे लेकिन हाल ही में आई एक रिपोर्ट ने इस धारणा को बदल दिया है। अब तस्वीर कुछ और ही दिख रही है और यह जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।
OpenAI की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में ChatGPT का सबसे ज्यादा इस्तेमाल दिल्ली NCR में हो रहा है। यह इलाका देश का सबसे बड़ा AI यूजर हब बनकर उभरा है। इसके बाद बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे शहरों का नंबर आता है। इसका मतलब साफ है कि अब सिर्फ टेक सिटी ही नहीं बल्कि बड़े मेट्रो शहर भी AI के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
रिपोर्ट बताती है कि भारत के टॉप 10 शहर मिलकर देश के कुल AI यूजर्स का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं जबकि इनकी आबादी कुल जनसंख्या का 10 प्रतिशत से भी कम है। इसका मतलब है कि AI का इस्तेमाल अभी कुछ ही बड़े शहरों तक ज्यादा सीमित है। यहां लोग AI का इस्तेमाल सिर्फ चैटिंग के लिए नहीं बल्कि काम, कोडिंग, पढ़ाई और रोजमर्रा की समस्याओं को हल करने के लिए भी कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब उन टॉप देशों में शामिल हो चुका है जहां लोग AI का एडवांस तरीके से उपयोग कर रहे हैं। यूजर्स अब सिर्फ सवाल-जवाब तक सीमित नहीं हैं बल्कि डेटा एनालिसिस, कोडिंग और जटिल समस्याओं के समाधान में भी AI का सहारा ले रहे हैं। खास बात यह है कि नए टूल्स और ऐप्स के आने के बाद AI का इस्तेमाल और भी तेज हो गया है जिससे देश में टेक्नोलॉजी का विस्तार साफ नजर आता है।
जहां बड़े शहरों में AI का तेजी से इस्तेमाल हो रहा है वहीं छोटे शहर अभी इस रेस में पीछे नजर आते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, डेटा एनालिसिस जैसे कामों में बड़े शहर छोटे शहरों से कई गुना आगे हैं। इससे यह साफ होता है कि अभी AI का फायदा हर हिस्से तक बराबर नहीं पहुंच पाया है। हालांकि कुछ राज्यों में पढ़ाई और हेल्थ से जुड़े कामों में AI का उपयोग बढ़ रहा है जो एक सकारात्मक संकेत है।
OpenAI अब भारत में AI को और ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए तेजी से काम कर रहा है। इसके लिए कंपनी TCS जैसी बड़ी कंपनियों के साथ मिलकर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को बढ़ावा दे रही है। साथ ही Razorpay के साथ साझेदारी कर डेवलपर्स को नए टूल्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विश्वविद्यालयों में भी नए प्रोग्राम शुरू किए जा रहे हैं ताकि छात्रों को शुरुआत से ही AI की जानकारी मिल सके।
अगर यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले समय में AI सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि छोटे शहरों और गांवों तक भी तेजी से पहुंचेगा। इससे शिक्षा, हेल्थकेयर और खेती जैसे क्षेत्रों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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