विज्ञापन
पर्सनल लोन लेते समय लोग अक्सर सिर्फ लोन की राशि पर ध्यान देते हैं लेकिन असली फर्क ब्याज दर से पड़ता है। अगर ब्याज ज्यादा है तो हर महीने EMI भी ज्यादा देनी पड़ेगी और कुल मिलाकर आपको ज्यादा पैसा चुकाना होगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि EMI कम करने का कोई जादुई तरीका नहीं होता।

आज के समय में बढ़ती महंगाई ने लोगों की जेब पर सीधा असर डाला है। घर की मरम्मत हो, बच्चों की पढ़ाई, शादी का खर्च, मेडिकल इमरजेंसी या कोई जरूरी खरीदारी सिर्फ बचत के भरोसे हर काम पूरा करना आसान नहीं रह गया है। ऐसे में पर्सनल लोन कई लोगों के लिए एक आसान सहारा बनकर सामने आता है लेकिन पर्सनल लोन लेने से पहले सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि कौन सा बैंक सबसे कम ब्याज पर लोन दे रहा है। क्योंकि ब्याज दर जितनी कम होगी आपकी EMI उतनी ही कम होगी। यही वजह है कि लोन लेने से पहले सही बैंक चुनना बहुत जरूरी हो जाता है। अगर आप भी पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं तो यह जानना जरूरी है कि SBI, HDFC, ICICI, Axis Bank और दूसरे बड़े बैंक इस समय किस ब्याज दर पर लोन दे रहे हैं और सबसे सस्ता पर्सनल लोन कहां मिल रहा है।
पर्सनल लोन लेते समय लोग अक्सर सिर्फ लोन की राशि पर ध्यान देते हैं लेकिन असली फर्क ब्याज दर से पड़ता है। अगर ब्याज ज्यादा है तो हर महीने EMI भी ज्यादा देनी पड़ेगी और कुल मिलाकर आपको ज्यादा पैसा चुकाना होगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि EMI कम करने का कोई जादुई तरीका नहीं होता। सबसे आसान तरीका यही है कि आप कम ब्याज दर पर लोन लें। इसके अलावा आपका क्रेडिट स्कोर यानी CIBIL Score भी बहुत अहम भूमिका निभाता है। अगर आपका स्कोर अच्छा है तो बैंक आपको कम ब्याज पर लोन देने के लिए तैयार हो जाते हैं।
लेटेस्ट ब्याज दरों के अनुसार इस समय Axis Bank सबसे कम ब्याज दर पर पर्सनल लोन दे रहा है। यहां ब्याज दर 9.6 फीसदी से शुरू हो रही है जो बाकी कई बड़े बैंकों से कम है। अगर कोई व्यक्ति 5 साल के लिए 5 लाख रुपये का पर्सनल लोन लेता है तो उसकी EMI करीब 10,525 रुपये बनती है। वहीं अगर 1 लाख रुपये का लोन लिया जाए तो हर महीने लगभग 2,105 रुपये की EMI देनी होगी। कम ब्याज दर की वजह से यह विकल्प कई लोगों के लिए आकर्षक बन जाता है।
HDFC Bank और ICICI Bank दोनों 9.99 फीसदी की शुरुआती ब्याज दर पर पर्सनल लोन दे रहे हैं। इन दोनों बैंकों में 5 लाख रुपये के लोन पर करीब 10,621 रुपये की EMI बनती है। अगर 1 लाख रुपये का लोन लिया जाए तो EMI लगभग 2,124 रुपये रहती है यानी ब्याज दर में थोड़ा सा अंतर भी EMI पर असर डालता है। इसलिए सिर्फ बैंक का नाम देखकर फैसला लेना सही नहीं होता।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI की ब्याज दर 10% से 15% के बीच है। इसका मतलब है कि ग्राहक की प्रोफाइल और क्रेडिट स्कोर के हिसाब से ब्याज तय होता है। इसी तरह बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक और बैंक ऑफ इंडिया भी अलग-अलग ब्याज दरों पर पर्सनल लोन दे रहे हैं। सरकारी बैंकों में अक्सर प्रोसेसिंग फीस कम होती है लेकिन ब्याज दर ग्राहक के प्रोफाइल पर ज्यादा निर्भर करती है।
कई बार लोग सिर्फ ब्याज दर देखकर लोन ले लेते हैं लेकिन प्रोसेसिंग फीस पर ध्यान नहीं देते। यह एक बार में लिया जाने वाला शुल्क होता है जो बैंक लोन जारी करते समय लेता है। कुछ बैंक 0.5% फीस लेते हैं तो कुछ 2% या 5% तक भी चार्ज कर सकते हैं। उदाहरण के लिए Tata Capital और Kotak Mahindra Bank में प्रोसेसिंग फीस 5% तक जा सकती है। इसलिए सिर्फ EMI नहीं कुल खर्च को देखकर फैसला लेना चाहिए।
पर्सनल लोन तुरंत मिल जाता है, लेकिन जल्दबाजी में लिया गया फैसला बाद में परेशानी भी दे सकता है। इसलिए पहले अपनी जरूरत को समझें। जितनी जरूरत हो उतना ही लोन लें। इसके अलावा अपनी मासिक आय और खर्च का हिसाब जरूर देखें। EMI इतनी होनी चाहिए कि बाकी जरूरी खर्च प्रभावित न हों। साथ ही अलग-अलग बैंकों की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और शर्तों की तुलना करना भी जरूरी है।
अगर आपका CIBIL Score अच्छा है, तो बैंक आपको बेहतर ब्याज दर पर लोन दे सकते हैं। आमतौर पर 750 या उससे ऊपर का स्कोर मजबूत माना जाता है। इसलिए अगर आप भविष्य में लोन लेने की योजना बना रहे हैं तो पहले अपने क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाने पर ध्यान दें। समय पर EMI और क्रेडिट कार्ड बिल भरना इसमें सबसे ज्यादा मदद करता है।
पर्सनल लोन लेना गलत नहीं है लेकिन सही बैंक से सही शर्तों पर लोन लेना सबसे जरूरी है। सिर्फ जल्दी लोन मिलने के चक्कर में ज्यादा ब्याज वाला विकल्प चुनना नुकसानदायक हो सकता है। फिलहाल Axis Bank सबसे कम ब्याज दर पर पर्सनल लोन दे रहा है लेकिन अंतिम फैसला आपकी जरूरत, क्रेडिट प्रोफाइल और बैंक की शर्तों पर निर्भर करेगा। इसलिए सोच-समझकर फैसला लें, ताकि लोन सहारा बने बोझ नहीं।
विज्ञापन