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बहुत से लोग लंबी दूरी तय करने के लिए CNG टैंक पूरी तरह भरवा लेते हैं लेकिन गर्मियों में ऐसा करना जोखिम भरा माना जाता है। तेज गर्मी में गैस फैलती है और सिलेंडर के अंदर दबाव बढ़ने लगता है। अगर टैंक में गैस के फैलने की जगह नहीं बचती तो तकनीकी समस्या पैदा हो सकती है।

देशभर में गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है और इसका असर अब लोगों के वाहनों पर भी दिखने लगा है। खासतौर पर CNG कार चलाने वालों को इस मौसम में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण बड़ी संख्या में लोग CNG कारों का इस्तेमाल कर रहे हैं क्योंकि यह कम खर्च में अच्छा माइलेज देती है लेकिन कई बार लोग सिर्फ माइलेज पर ध्यान देते हैं और कार की सही देखभाल को नजरअंदाज कर देते हैं। सामान्य दिनों में यह लापरवाही छोटी लग सकती है लेकिन गर्मियों में यही गलती भारी पड़ सकती है। ज्यादा तापमान के कारण CNG सिलेंडर और गैस सिस्टम पर दबाव बढ़ जाता है जिससे लीकेज या आग लगने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
बहुत से लोग लंबी दूरी तय करने के लिए CNG टैंक पूरी तरह भरवा लेते हैं लेकिन गर्मियों में ऐसा करना जोखिम भरा माना जाता है। तेज गर्मी में गैस फैलती है और सिलेंडर के अंदर दबाव बढ़ने लगता है। अगर टैंक में गैस के फैलने की जगह नहीं बचती तो तकनीकी समस्या पैदा हो सकती है। यही वजह है कि वाहन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्मियों में टैंक को थोड़ा खाली छोड़ना बेहतर होता है। इससे सुरक्षा बनी रहती है और सिस्टम पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता।
अगर कार के आसपास गैस जैसी बदबू महसूस हो रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह गैस लीकेज का संकेत हो सकता है। कई लोग सोचते हैं कि थोड़ी बहुत गंध सामान्य होती है लेकिन ऐसा सोचना खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत गाड़ी बंद कर देनी चाहिए और नजदीकी सर्विस सेंटर पर जांच करवानी चाहिए। छोटी लीकेज भी समय के साथ बड़ा खतरा बन सकती है।
गर्मी के मौसम में CNG पाइपलाइन, रेगुलेटर और फिटिंग्स की जांच काफी जरूरी हो जाती है। अगर पाइप में कट, जंग या ढीलापन दिखाई दे तो उसे तुरंत बदलवाना चाहिए। नियमित सर्विसिंग से न सिर्फ सुरक्षा बनी रहती है बल्कि कार की परफॉर्मेंस भी बेहतर रहती है। कई बार छोटी खराबियां समय पर पकड़ में आ जाएं तो बड़े खर्च और हादसे दोनों से बचा जा सकता है।
CNG सिलेंडर का हाइड्रो टेस्ट बेहद जरूरी माना जाता है। इस टेस्ट से यह पता चलता है कि सिलेंडर ज्यादा दबाव सहने की स्थिति में है या नहीं। पुराने सिलेंडर गर्मियों में ज्यादा जोखिम पैदा कर सकते हैं। अगर लंबे समय से आपकी कार का हाइड्रो टेस्ट नहीं हुआ है तो इसे जल्द करवाना जरूरी है। नियमों के अनुसार तय समय पर यह टेस्ट कराना सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।
CNG कार का इंजन सामान्य पेट्रोल कारों की तुलना में ज्यादा गर्म होता है। गर्मियों में इंजन जल्दी ओवरहीट हो सकता है इसलिए इंजन की जांच को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर स्पार्क प्लग खराब हो जाए तो इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ता है और माइलेज भी प्रभावित होता है। वहीं गंदा एयर फिल्टर कार की परफॉर्मेंस कम कर सकता है। इसलिए गर्मियों में इन दोनों चीजों की समय-समय पर जांच करवाना जरूरी है।
CNG कारें खर्च बचाने का अच्छा विकल्प जरूर हैं लेकिन इनके साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। गर्मियों में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। अगर समय पर जांच, सर्विसिंग और जरूरी टेस्ट कराए जाएं तो CNG कार को सुरक्षित तरीके से लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए गर्मी के मौसम में कार की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
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