CNG की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर ऑटो और टैक्सी चालकों पर पड़ रहा है। जयपुर के कई ऑटो चालकों ने बताया कि लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से उनकी कमाई कम हो गई है। कई चालकों का कहना है कि अब उन्हें पहले से ज्यादा घंटे काम करना पड़ रहा है ताकि रोजमर्रा का खर्च निकाल सकें।

महंगाई से परेशान आम लोगों को एक और झटका लगा है। LPG और पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG की कीमत भी बढ़ गई है। टोरेंट गैस ने CNG के दाम ₹2.50 प्रति किलोग्राम तक बढ़ा दिए हैं जिससे रोजाना गाड़ी चलाने वालों की जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है। खासकर ऑटो चालकों, टैक्सी ड्राइवरों और रोज ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए यह बढ़ोतरी चिंता बढ़ाने वाली है। CNG को अब तक सस्ता और किफायती विकल्प माना जाता था लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों ने लोगों का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। यही वजह है कि इस बढ़ोतरी को लेकर लोगों में चिंता भी बढ़ रही है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, टोरेंट गैस ने जयपुर में CNG की कीमत ₹2.50 प्रति किलोग्राम बढ़ा दी है। इसके बाद नई कीमत 93.41 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। यह नई दर 3 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी है। राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में टोरेंट गैस के फ्यूल स्टेशनों पर CNG की कीमत 95.50 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। इससे रोजाना गाड़ी चलाने वाले लोगों का खर्च बढ़ना तय माना जा रहा है।
CNG की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर ऑटो और टैक्सी चालकों पर पड़ रहा है। जयपुर के कई ऑटो चालकों ने बताया कि लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से उनकी कमाई कम हो गई है। कई चालकों का कहना है कि अब उन्हें पहले से ज्यादा घंटे काम करना पड़ रहा है ताकि रोजमर्रा का खर्च निकाल सकें। वहीं कुछ चालकों ने किराया बढ़ाने की भी बात कही है जिससे आम यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है।
CNG की कीमतें अलग-अलग राज्यों में अलग हैं और हालिया बढ़ोतरी के बाद कई जगहों पर दाम काफी बढ़ गए हैं। उत्तर प्रदेश में CNG की कीमत 93.50 रुपये से 96.25 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। पंजाब में यह 71.75 रुपये से 94.25 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच है। तेलंगाना में CNG का भाव 99 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। गुजरात में 85.17 रुपये, महाराष्ट्र में 94.5 रुपये और पुडुचेरी में 81.5 रुपये प्रति किलोग्राम कीमत हो गई है। तमिलनाडु में CNG की कीमत 81.50 रुपये से लेकर 94 रुपये प्रति किलोग्राम तक दर्ज की गई है।
CNG की कीमतों में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष बताया जा रहा है। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच शुरू हुए तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर गैस और कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही कम होने से ऊर्जा संकट की स्थिति बन गई है। इसका असर भारत समेत कई देशों में ईंधन की कीमतों पर दिख रहा है।
CNG से पहले LPG की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो चुकी है। 1 अप्रैल 2026 से कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत 218 रुपये तक बढ़ गई है। यह बढ़ोतरी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा जैसे व्यवसायों पर असर डाल रही है। पिछले चार महीनों में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत पांच बार बढ़ चुकी है। हालांकि घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत फिलहाल स्थिर है लेकिन पहले ही मार्च में इसमें 60 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।
हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शेल इंडिया ने बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत ₹7.41 प्रति लीटर तक बढ़ाई है। वहीं डीजल की कीमतों में ₹25.01 प्रति लीटर तक का इजाफा हुआ है। नायरा एनर्जी ने भी पेट्रोल के दाम 5 रुपये और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाए हैं। अलग-अलग राज्यों में टैक्स के कारण यह बढ़ोतरी और ज्यादा भी हो सकती है।
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों से आम लोगों का बजट बिगड़ना तय है। रोजाना ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए किराया बढ़ सकता है। वहीं ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से सामानों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। CNG को अब तक सबसे किफायती विकल्प माना जाता था लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। आने वाले दिनों में अगर वैश्विक हालात नहीं सुधरे तो ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।