मोदी सरकार की इस योजना से बनें खुद के बॉस, जानें पूरी प्रक्रिया

प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (Pradhan Mantri Bhartiya Jan Aushadhi Kendra – PMJAK) की, जो देशभर में तेजी से खोले जा रहे हैं। इस योजना का मकसद आम लोगों को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराना है और साथ ही युवाओं को स्वरोज़गार का अवसर देना है।

_PMJAK
जन औषधि केंद्र (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar12 Jan 2026 01:03 PM
bookmark

अगर आप भी अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं लेकिन बजट की वजह से रुक जाते हैं, तो आपके लिए ये खबर बेहद काम की है। केंद्र सरकार की एक खास योजना के तहत आप सिर्फ ₹5000 में ऐसा बिजनेस शुरू कर सकते हैं, जिसमें न सिर्फ कम निवेश लगेगा बल्कि सरकार की ओर से आर्थिक मदद भी मिलेगी।

 देशभर में तेजी से बढ़ रही है जन औषधि केंद्रों की संख्या

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून 2025 तक देश में कुल 16,912 प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले जा चुके हैं। इन केंद्रों पर 2110 प्रकार की दवाइयां, 315 प्रकार के मेडिकल डिवाइस उपलब्ध कराए जाते हैं।राज्यों की बात करें तो सबसे ज्यादा जन औषधि केंद्र उत्तर प्रदेश–3550, केरल–1629, कर्नाटक–1480, तमिलनाडु 1,432, बिहार—900, गुजरात–812 इन केंद्रों पर दवाइयां बाजार की ब्रांडेड दवाओं के मुकाबले 50% से 90% तक सस्ती मिलती हैं, जिससे आम जनता को बड़ा फायदा होता है।

सिर्फ ₹5000 में कर सकते हैं आवेदन

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन शुल्क मात्र ₹5000 है। हालांकि, इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं आवेदक के पास D-Pharma या B-Pharma की डिग्री होनी चाहिए, कम से कम 120 वर्गफुट जगह उपलब्ध होनी चाहिए, केंद्र संचालन के लिए वैध फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन जरूरी है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

PM Jan Aushadhi Kendra के लिए आवेदन करते समय निम्न दस्तावेजों की जरूरत होती है आधार कार्ड,

फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (D-Pharma / B-Pharma), पैन कार्ड, वैध मोबाइल नंबर, निवास प्रमाण पत्र।

घर बैठे करें ऑनलाइन आवेदन

जन औषधि केंद्र के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें:

  1. janaushadhi.gov.in वेबसाइट पर जाएं
  2. मेन्यू में Apply For Kendra पर क्लिक करें
  3. नए पेज पर Click Here To Apply चुनें
  4. Sign In पेज के नीचे **Register Now** पर क्लिक करें
  5. रजिस्ट्रेशन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी भरें
  6. फॉर्म को ध्यान से चेक करें और राज्य चुनें
  7. Terms & Conditions स्वीकार कर Submit करें

इसके साथ ही आपका आवेदन प्रोसेस पूरा हो जाएगा।

बिजनेस बढ़ाने के लिए सरकार देगी आर्थिक मदद

सरकार जन औषधि केंद्र संचालकों को प्रोत्साहन राशि (Incentive) भी देती है, हर महीने ₹5 लाख तक की दवाओं की खरीद पर, 15% इंसेंटिव या अधिकतम ₹15,000 प्रति माह, स्पेशल कैटेगरी क्षेत्रों में, ₹2 लाख तक की एकमुश्त इंफ्रास्ट्रक्चर सहायता।

कम निवेश, स्थायी कमाई का मौका

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र न सिर्फ एक सामाजिक सेवा है, बल्कि यह **कम निवेश में स्थायी कमाई** का शानदार मौका भी है। अगर आपके पास फार्मेसी की योग्यता है, तो यह बिजनेस आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

Globus Spirits ने तोड़ा पिछला रिकॉर्ड, शेयर मार्केट में बन सकता है बड़ा ट्रेंड

Globus Spirits ने Q3 2025 में शुद्ध मुनाफे में जबरदस्त उछाल दर्ज किया। कंपनी का रेवेन्यू भी पिछले साल की तुलना में बढ़ा है। शेयर बाजार में सोमवार को इसके शेयरों में तेजी की उम्मीद जताई जा रही है। Globus Spirits के पोर्टफोलियो में कई लोकप्रिय ब्रांड शामिल हैं।

Globus Spirits
Globus Spirits Share Price
locationभारत
userअसमीना
calendar11 Jan 2026 10:33 AM
bookmark

ब्रूअरीज और डिस्टिलरीज सेक्टर की जानी-मानी कंपनी Globus Spirits ने दिसंबर 2025 तिमाही (Q3) में ऐसे नतीजे पेश किए हैं, जिन्होंने निवेशकों का ध्यान खींच लिया है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा इस तिमाही में कई गुना बढ़कर करीब ₹30 करोड़ पहुंच गया है। इसी वजह से माना जा रहा है कि सोमवार, 12 जनवरी को शेयर बाजार खुलते ही Globus Spirits के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।

क्या है वजह?

कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा ₹30.44 करोड़ रहा। यह आंकड़ा पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले बेहद मजबूत है जब कंपनी ने सिर्फ ₹41.12 लाख का मुनाफा दर्ज किया था। मुनाफे में इस बड़ी छलांग की मुख्य वजह कंपनी के रेवेन्यू में आई मजबूती मानी जा रही है।

मुनाफे में जोरदार उछाल

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, दिसंबर 2025 तिमाही में Globus Spirits का रेवेन्यू बढ़कर ₹938.36 करोड़ हो गया जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹882.96 करोड़ था। वहीं, कंपनी का कुल खर्च भी बढ़ा है और यह ₹899.22 करोड़ रहा जो दिसंबर 2024 तिमाही में ₹884.04 करोड़ था। इसके बावजूद मुनाफे में जोरदार उछाल निवेशकों के लिए पॉजिटिव संकेत माना जा रहा है।

87 से ज्यादा देशों में किए जाते हैं एक्सपोर्ट

Globus Spirits के ब्रांड पोर्टफोलियो की बात करें तो कंपनी दोआब, सेवनथ हैवन ब्लू और तेराई जैसे कई मशहूर ब्रांड्स की मालिक है। इसके अलावा, कंपनी के पास वोदका, कॉन्यैक, वाइन, लो-एल्कोहल प्रोडक्ट्स और एनर्जी ड्रिंक जैसे सेगमेंट्स भी हैं। Globus Spirits के प्रोडक्ट्स 87 से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट किए जाते हैं जो इसके मजबूत बिजनेस मॉडल को दिखाता है।

मार्केट कैप ₹3000 करोड़ से ज्यादा

शेयर की परफॉर्मेंस पर नजर डालें तो Globus Spirits का शेयर फिलहाल BSE पर ₹1058.25 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप ₹3000 करोड़ से ज्यादा है और यह BSE का एक स्मॉलकैप स्टॉक है। पिछले एक साल में इस शेयर ने करीब 28% की बढ़त दर्ज की है। BSE पर इसका 52-वीक हाई ₹1303.95 और 52-वीक लो ₹751.05 रहा है।

कंपनी शेयर बाजार में 2009 में हुई थी लिस्ट

कंपनी सितंबर 2009 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। इसके लिस्टेड कॉम्पिटीटर्स में United Spirits और Allied Blenders and Distillers जैसे बड़े नाम शामिल हैं। शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो सितंबर 2025 के अंत तक प्रमोटर्स के पास कंपनी की 50.76% हिस्सेदारी थी। पूरे वित्त वर्ष 2025 में Globus Spirits ने स्टैंडअलोन आधार पर ₹3517.50 करोड़ का रेवेन्यू और ₹24.97 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। कंपनी ने अपने शेयरहोल्डर्स को खुश करते हुए वित्त वर्ष 2025 के लिए ₹2.76 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी दिया था जिसकी रिकॉर्ड डेट 11 अगस्त 2025 थी।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

मुकेश अंबानी का अगला मास्टरस्ट्रोक! रिलायंस जियो IPO से मचेगा तहलका

रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO जल्द ही शेयर बाजार में दस्तक दे सकता है। मुकेश अंबानी ने AGM में जून 2026 तक लिस्टिंग के संकेत दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। ग्रे मार्केट में अभी से जियो IPO को लेकर जबरदस्त हलचल देखी जा रही है।

Ambani
जल्द आएगा अंबानी कंपनी का आईपीओ
locationभारत
userअसमीना
calendar11 Jan 2026 11:46 AM
bookmark

भारत के शेयर बाजार में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स जल्द ही अपना इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की तैयारी में है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो जून 2026 तक जियो शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है। खास बात यह है कि यह IPO न सिर्फ रिलायंस ग्रुप के लिए बल्कि पूरे भारतीय प्राइमरी मार्केट के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है।

जोरों पर जियो IPO की तैयारियां

रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM में खुद चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इस बात की पुष्टि की थी कि जियो IPO की तैयारियां जोरों पर हैं। कंपनी का लक्ष्य कैलेंडर ईयर 2026 की पहली छमाही में लिस्टिंग का है बशर्ते सभी जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियां समय पर मिल जाएं। निवेश बैंकों के अनुमान के मुताबिक, रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स का वैल्यूएशन 130 अरब डॉलर से लेकर 170 अरब डॉलर तक हो सकता है।

बनेगा भारत सबसे बड़ा IPO!

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस जियो IPO के जरिए अपनी करीब 2.5% हिस्सेदारी बेच सकती है। इस हिस्सेदारी बिक्री से लगभग 4 अरब डॉलर जुटाए जाने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा। इससे पहले 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का 3.3 अरब डॉलर का IPO सबसे बड़ा माना गया था जिसे जियो आसानी से पीछे छोड़ सकता है।

निवेशकों के बीच उत्साह

दिलचस्प बात यह है कि जियो IPO को लेकर निवेशकों के बीच उत्साह अभी से दिखने लगा है। बिगुल के मुताबिक, रिलायंस जियो IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) इस समय करीब 93 रुपये प्रति शेयर चल रहा है। यानी DRHP दाखिल होने से पहले ही इसके शेयर ग्रे मार्केट में खरीदे-बेचे जा रहे हैं जो मजबूत डिमांड का संकेत माना जाता है।

निवेशकों को मिलती है 15% से 20% तक की छूट

अब अगर बात करें संभावित प्राइस बैंड की तो मिंट की एक रिपोर्ट में बोनान्जा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि अगर जियो का वैल्यूएशन 130 से 170 अरब डॉलर के बीच तय होता है और रिटेल निवेशकों को 15% से 20% तक की छूट मिलती है तो रिटेल निवेशकों के लिए शेयर की कीमत लगभग 1,048 रुपये से 1,457 रुपये प्रति शेयर के दायरे में हो सकती है। हालांकि, अंतिम कीमत कंपनी द्वारा तय किए गए वैल्यूएशन पर निर्भर करेगी।

जुटाए जा सकते हैं 4.5 अरब डॉलर

वैल्यूएशन को लेकर अलग-अलग निवेश बैंकों के अलग-अलग अनुमान हैं। जेफरीज ने नवंबर 2025 में रिलायंस जियो का वैल्यूएशन करीब 180 अरब डॉलर आंका था। इस हिसाब से अगर 2.5% हिस्सेदारी बेची जाती है तो करीब 4.5 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं। वहीं, कई दूसरे निवेश बैंकों का मानना है कि जियो का वैल्यूएशन थोड़ा कम, यानी 130 से 170 अरब डॉलर के बीच रह सकता है।

दूसरा सबसे बड़ा प्राइमरी इक्विटी

जियो की लिस्टिंग का असर सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं रहेगा। माना जा रहा है कि इसके बाद भारत के IPO बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है। LSEG के आंकड़ों के मुताबिक, 18 दिसंबर तक 21.6 अरब डॉलर जुटाकर भारत 2025 में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्राइमरी इक्विटी बाजार बन चुका है। ऐसे में रिलायंस जियो IPO इस रफ्तार को और मजबूती दे सकता है।

संबंधित खबरें