सरकार ने क्यों छोड़ा ग्रीन शू ऑप्शन, मार्केट में क्या हुआ ऐसा?
IRFC के ऑफर फॉर सेल (OFS) में सरकार ने ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल नहीं किया। अब हिस्सेदारी बिक्री केवल 2% तक सीमित रहेगी। OFS का फ्लोर प्राइस 104 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। संस्थागत निवेशकों ने पहले दिन 94.98% सब्सक्रिप्शन दिखाया। शेयर NSE पर फ्लोर प्राइस के आसपास बंद हुआ।

Indian Railway Finance Corporation (IRFC) के ऑफर फॉर सेल (OFS) में भारत सरकार ने ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल नहीं करने का फैसला लिया है। इसका मतलब है कि अब सरकार सिर्फ 2% हिस्सेदारी ही बेच पाएगी। पहले योजना थी कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त 2% हिस्सेदारी भी बेची जा सकती थी जिससे कुल बिक्री 4% तक जा सकती थी लेकिन अब यह विकल्प बंद कर दिया गया है।
OFS की डिटेल और फ्लोर प्राइस
IRFC OFS का फ्लोर प्राइस 104 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए यह इश्यू 25 फरवरी से खुला और रिटेल निवेशक 26 फरवरी से इसमें बोली लगा सकते हैं। पहले दिन ही संस्थागत निवेशकों ने काफी रुचि दिखाई और आरक्षित 23.52 करोड़ शेयरों में से करीब 94.98% के लिए बोली लगाई। इन बोलियों की कुल वैल्यू लगभग 2,326 करोड़ रुपये रही।
सरकार की हिस्सेदारी
31 दिसंबर तक सरकार की IRFC में 86.36% हिस्सेदारी थी। कंपनी जनवरी 2021 में 26 रुपये प्रति शेयर के IPO प्राइस पर लिस्ट हुई थी और इसके बाद इसका शेयर ऑल टाइम हाई 229 रुपये तक पहुंचा। यह OFS सरकार की विनिवेश योजना का हिस्सा है और न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों को पूरा करने में मदद करता है।
शेयर का प्रदर्शन
25 फरवरी को IRFC का शेयर NSE पर लगभग 5% गिरकर 104.43 रुपये पर बंद हुआ जो OFS के फ्लोर प्राइस के बहुत करीब है। इसका मतलब है कि निवेशकों की रुचि मजबूत रही लेकिन शेयर का भाव अभी भी फ्लोर प्राइस के आसपास ही रहा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Indian Railway Finance Corporation (IRFC) के ऑफर फॉर सेल (OFS) में भारत सरकार ने ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल नहीं करने का फैसला लिया है। इसका मतलब है कि अब सरकार सिर्फ 2% हिस्सेदारी ही बेच पाएगी। पहले योजना थी कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त 2% हिस्सेदारी भी बेची जा सकती थी जिससे कुल बिक्री 4% तक जा सकती थी लेकिन अब यह विकल्प बंद कर दिया गया है।
OFS की डिटेल और फ्लोर प्राइस
IRFC OFS का फ्लोर प्राइस 104 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए यह इश्यू 25 फरवरी से खुला और रिटेल निवेशक 26 फरवरी से इसमें बोली लगा सकते हैं। पहले दिन ही संस्थागत निवेशकों ने काफी रुचि दिखाई और आरक्षित 23.52 करोड़ शेयरों में से करीब 94.98% के लिए बोली लगाई। इन बोलियों की कुल वैल्यू लगभग 2,326 करोड़ रुपये रही।
सरकार की हिस्सेदारी
31 दिसंबर तक सरकार की IRFC में 86.36% हिस्सेदारी थी। कंपनी जनवरी 2021 में 26 रुपये प्रति शेयर के IPO प्राइस पर लिस्ट हुई थी और इसके बाद इसका शेयर ऑल टाइम हाई 229 रुपये तक पहुंचा। यह OFS सरकार की विनिवेश योजना का हिस्सा है और न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों को पूरा करने में मदद करता है।
शेयर का प्रदर्शन
25 फरवरी को IRFC का शेयर NSE पर लगभग 5% गिरकर 104.43 रुपये पर बंद हुआ जो OFS के फ्लोर प्राइस के बहुत करीब है। इसका मतलब है कि निवेशकों की रुचि मजबूत रही लेकिन शेयर का भाव अभी भी फ्लोर प्राइस के आसपास ही रहा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।












