Curis Lifesciences का IPO आज आखिरी तारीख पर पहुंच गया है और निवेशकों के बीच इसे लेकर जबरदस्त चर्चा बनी हुई है। कंपनी की मजबूत ग्रोथ, बढ़ता क्लाइंट बेस और हाई GMP इसे एक दिलचस्प निवेश अवसर बनाते हैं। अगर आप इस IPO में आवेदन करने की सोच रहे हैं तो आज का दिन आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

फार्मास्युटिकल कंपनी Curis Lifesciences अपना 27.52 करोड़ रुपये का IPO लेकर बाजार में उतरी है और शुरुआत से ही इस इश्यू ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। कंपनी की लगातार बढ़ती ग्रोथ, मजबूत क्लाइंट बेस और फार्मा सेक्टर की बढ़ती डिमांड ने इस IPO को चर्चा में ला दिया है। खास बात यह है कि अनलिस्टेड मार्केट में इसका GMP भी अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है जो बताता है कि निवेशकों में इसके प्रति अच्छा रूझान है।
यह IPO 7 नवंबर से 11 नवंबर 2025 तक खुला रहेगा। कंपनी ने इसका प्राइस बैंड 120 से 128 रुपये प्रति शेयर तय किया है। चूंकि यह पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है इसलिए कंपनी 22 लाख नए शेयर जारी करके कुल 27.52 करोड़ रुपये जुटाएगी। लॉट साइज 1000 शेयर रखा गया है इसलिए रिटेल निवेशकों को अपर प्राइस बैंड पर कम से कम 2.56 लाख रुपये लगाने होंगे। वहीं HNI कैटेगरी में यह राशि 3.84 लाख रुपये तक पहुंच जाती है। IPO की अलॉटमेंट 12 नवंबर को होगी और शेयरों की लिस्टिंग 14 नवंबर को NSE SME प्लेटफॉर्म पर तय है।
अनलिस्टेड मार्केट में Curis Lifesciences का GMP 7.5 रुपये चल रहा है जो इसके कैप प्राइस से करीब 5.8% ऊपर है। शुरुआत से ही यह GMP अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बना हुआ है जिससे बाजार में इस इश्यू को लेकर सकारात्मक माहौल दिखाई दे रहा है। हालांकि GMP कोई गारंटी नहीं देता लेकिन शुरुआती सेंटीमेंट को जरूर दिखाता है।
बता दें कि, Curis Lifesciences की स्थापना 2010 में हुई थी और तब से यह कंपनी दवाओं के विकास, निर्माण और वितरण के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही है। यह कंपनी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और लोन लाइसेंस मॉडल पर काम करती है और भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक अपनी पहुंच बनाए हुए है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट गुजरात के साणंद में स्थित है जहां आधुनिक मशीनरी और बेहतर उत्पादन सुविधाएं मौजूद हैं। कंपनी टैबलेट, कैप्सूल, सिरप, बाहरी उपयोग की दवाएं और आई ऑइंटमेंट जैसे कई उत्पाद बनाती है। इसका क्लाइंट बेस भी मजबूत है 100 से ज्यादा कॉर्पोरेट क्लाइंट्स कंपनी से जुड़े हुए हैं। अपने ब्रांड के तहत कंपनी यमन और केन्या जैसे देशों में भी सप्लाई करती है। 31 जुलाई 2025 तक कंपनी में 95 स्थायी कर्मचारी काम कर रहे थे।
कंपनी की वित्तीय स्थिति पिछले कुछ वर्षों में लगातार बेहतर हुई है। FY2025 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 49.65 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो FY2024 के मुकाबले 38% की मजबूत उछाल है। प्रॉफिट भी 25% बढ़कर 6.11 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA, नेट वर्थ और रिजर्व सभी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुल परिसंपत्तियां भी 42.53 करोड़ रुपये तक पहुंच गई हैं जबकि कंपनी का कुल उधार थोड़ा घटा है। 31 जुलाई 2025 को समाप्त अवधि में भी कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया और 19.51 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 2.87 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया।
कंपनी इस इश्यू से जुटाई गई राशि को अपने विस्तार और ऑपरेशनल सुधारों में लगाएगी। इसका एक हिस्सा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के अपग्रेडेशन पर खर्च होगा और एक अलग हिस्सा नई स्टोरेज सुविधा तैयार करने में उपयोग किया जाएगा। कुछ राशि सुरक्षित ऋणों को चुकाने में जाएगी जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उत्पादों के रजिस्ट्रेशन के लिए भी अच्छी-खासी रकम रखी गई है। सबसे बड़ा हिस्सा वर्किंग कैपिटल को मजबूत करने में लगाया जाएगा ताकि कंपनी अपने बढ़ते बिजनेस के साथ ताल मिलाकर चल सके। बचा हुआ पैसा सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों में उपयोग किया जाएगा।