PF निकालना हुआ आसान! ₹5 लाख तक का क्लेम अब अपने आप होगा सेटल

देश के करोड़ों कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े सदस्यों और पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने संसद में EPFO 3.0 को लेकर अहम जानकारी साझा की है। सरकार का कहना है कि यह नया डिजिटल ढांचा EPFO की सेवाओं को पहले से ज्यादा तेज, सरल और लगभग पेपरलेस बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

EPFO 3.0 की बड़ी राहत
EPFO 3.0 की बड़ी राहत
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Mar 2026 04:02 PM
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EPFO : देश के करोड़ों कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े सदस्यों और पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने संसद में EPFO 3.0 को लेकर अहम जानकारी साझा की है। सरकार का कहना है कि यह नया डिजिटल ढांचा EPFO की सेवाओं को पहले से ज्यादा तेज, सरल और लगभग पेपरलेस बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि EPFO 3.0 का उद्देश्य कामकाज को आसान बनाना, कागजी प्रक्रिया को कम करना और सदस्यों को एक ही प्लेटफॉर्म पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था से क्लेम सेटलमेंट में तेजी आएगी, ट्रांसफर प्रक्रिया आसान होगी और नियोक्ता पर निर्भरता भी घटेगी। आइए जानते हैं EPFO 3.0 के तहत हुए 5 बड़े बदलाव और उनका आम कर्मचारियों व पेंशनर्स पर क्या असर पड़ेगा।

सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम से 70 लाख पेंशनर्स को राहत

EPFO 3.0 के सबसे बड़े बदलावों में सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) की शुरुआत शामिल है। सरकार के अनुसार यह व्यवस्था 1 जनवरी 2025 से देशभर के सभी EPFO दफ्तरों में पूरी तरह लागू हो चुकी है। इस नई व्यवस्था के तहत अब पेंशन भुगतान एक केंद्रीकृत सिस्टम से किया जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि पेंशनर्स देश के किसी भी हिस्से में स्थित किसी भी शेड्यूल्ड बैंक की शाखा से अपनी पेंशन प्राप्त कर सकते हैं। हर महीने 70 लाख से अधिक पेंशनर्स को इस सुविधा का लाभ मिल रहा है। सरकार का दावा है कि इस सिस्टम से पेंशन भुगतान में होने वाली देरी और तकनीकी त्रुटियों में कमी आई है, जिससे पेंशनधारकों को समय पर रकम मिलना आसान हुआ है।

5 लाख रुपये तक के क्लेम अब खुद-ब-खुद होंगे सेटल

EPF सदस्यों के लिए सबसे बड़ी राहत ऑटो-सेटलमेंट की बढ़ी हुई सीमा के रूप में सामने आई है। पहले जहां 1 लाख रुपये तक के दावे स्वत: निपटाए जाते थे, वहीं अब यह दायरा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। यानी अब खाताधारकों को अपने पैसे के लिए लंबी प्रक्रिया, कागजी झंझट और इंतजार की परेशानी पहले से काफी कम झेलनी पड़ेगी। सरकार के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में 25 फरवरी तक 5 लाख रुपये तक के 3.52 करोड़ से ज्यादा दावों का ऑटोमैटिक सेटलमेंट किया जा चुका है। यही नहीं, करीब 71.37 फीसदी एडवांस क्लेम्स ऑटो मोड में प्रोसेस हुए और इस पूरी व्यवस्था के तहत लगभग 51,620 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया गया। साफ है कि EPFO की यह नई डिजिटल व्यवस्था सिर्फ प्रक्रिया नहीं बदल रही, बल्कि क्लेम निपटाने की रफ्तार और भरोसे दोनों को मजबूत कर रही है।

नौकरी बदलने पर PF ट्रांसफर अब होगा आसान.

नौकरी बदलते समय PF ट्रांसफर की झंझट अब काफी हद तक खत्म होती नजर आ रही है। EPFO 3.0 के तहत इस पूरी प्रक्रिया को पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज और कम कागजी बनाया गया है। 19 जनवरी 2025 से लागू नई व्यवस्था के बाद ज्यादातर मामलों में ट्रांसफर क्लेम मैन्युअली दाखिल करने की जरूरत नहीं पड़ती। जिन खातों का KYC पूरा है, उनमें कई मामलों में नियोक्ता की मंजूरी की अनिवार्यता भी हटा दी गई है। इतना ही नहीं, कई PF ट्रांसफर अब स्वत: शुरू हो जाते हैं, जिससे कर्मचारियों को नौकरी बदलने के बाद अपने फंड के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 70.5 लाख से अधिक ट्रांसफर क्लेम ऑटोमेटिक तरीके से शुरू किए गए, जबकि 21.39 लाख से ज्यादा ट्रांसफर बिना नियोक्ता के हस्तक्षेप के पूरे हुए। साफ है कि EPFO की यह नई व्यवस्था उन कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है, जो अब तक PF ट्रांसफर में देरी, कागजी औपचारिकताओं और एम्प्लॉयर अप्रूवल जैसी परेशानियों से जूझते रहे थे।

एमनेस्टी स्कीम 2025 से बढ़ा एनरोलमेंट

सरकार ने एम्प्लॉई एनरोलमेंट स्कीम 2025 की प्रगति को भी संसद में प्रमुखता से रखा और इसे संगठित सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाने की दिशा में अहम कदम बताया। इस योजना का मकसद ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को EPFO की औपचारिक व्यवस्था से जोड़ना है, ताकि वे भविष्य निधि और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं का लाभ उठा सकें। सरकार के मुताबिक, अब तक 4,815 संस्थान इस पहल से जुड़ चुके हैं और 39,000 से अधिक UAN जारी किए जा चुके हैं। वहीं, PM-VBRY योजना के तहत मिलने वाले लाभ मार्च 2026 से उपलब्ध होने लगेंगे, हालांकि इसके लिए कर्मचारियों को पात्रता की छह महीने की शर्त पूरी करनी होगी। माना जा रहा है कि यह पहल खासतौर पर उन कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आएगी, जो अब तक EPFO के औपचारिक ढांचे से बाहर थे या जिनका नामांकन किसी वजह से अटका हुआ था।

न्यूनतम पेंशन पर अभी नहीं मिला कोई नया फैसला

EPS के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग लंबे समय से उठती रही है, लेकिन फिलहाल सरकार ने इस मोर्चे पर कोई नया फैसला घोषित नहीं किया है। अभी Employees’ Pension Scheme के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये प्रति माह ही बनी हुई है। इस पेंशन फंड में नियोक्ता की ओर से 8.33 फीसदी और केंद्र सरकार की ओर से 1.16 फीसदी योगदान किया जाता है। सरकार का कहना है कि वह सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इसके साथ फंड की दीर्घकालिक मजबूती, भविष्य की वित्तीय जिम्मेदारियों और स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। यानी फिलहाल पेंशन बढ़ोतरी पर कोई राहत भरी घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सरकार ने यह जरूर संकेत दिया है कि इस मुद्दे को केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि वित्तीय संतुलन के नजरिए से भी देखा जा रहा है।

क्या है EPFO 3.0 का बड़ा संदेश?

EPFO 3.0 को केवल तकनीकी अपग्रेड नहीं, बल्कि कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सुविधा बढ़ाने वाले सुधार के रूप में देखा जा रहा है। क्लेम सेटलमेंट में तेजी, पेंशन भुगतान का केंद्रीकरण, आसान ट्रांसफर और कम कागजी कार्रवाई जैसे बदलाव इस दिशा में बड़ा संकेत हैं कि सरकार EPFO सेवाओं को ज्यादा डिजिटल और यूजर-फ्रेंडली बनाना चाहती है। आने वाले समय में अगर न्यूनतम पेंशन को लेकर भी कोई ठोस फैसला होता है, तो यह EPFO से जुड़े लाखों लोगों के लिए और बड़ी राहत साबित हो सकता है। EPFO

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कुछ ही मिनटों में करोड़ों का नुकसान, अचानक कैसे हुआ मार्केट का मूड स्विंग?

Share Market Crash: बाजार में इतनी तेज गिरावट आई कि निवेशकों के करीब 8 लाख करोड़ रुपये डूब गए। यह गिरावट अचानक आई जिसने छोटे से लेकर बड़े निवेशकों तक सभी को चौंका दिया।

Stock Market Fall
शेयर बाजार में भारी गिरावट
locationभारत
userअसमीना
calendar19 Mar 2026 10:50 AM
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आज सुबह शेयर बाजार खुलते ही ऐसा लगा जैसे सब कुछ सामान्य रहेगा लेकिन कुछ ही मिनटों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। बाजार में इतनी तेज गिरावट आई कि निवेशकों के करीब 8 लाख करोड़ रुपये डूब गए। यह गिरावट अचानक आई जिसने छोटे से लेकर बड़े निवेशकों तक सभी को चौंका दिया।

वैश्विक तनाव का सीधा असर

इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव है। दोनों देशों के बीच हालात बिगड़ने से पूरी दुनिया के बाजारों में डर का माहौल बन गया है। इसका असर सीधे कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा जो तेजी से बढ़कर खतरनाक स्तर पर पहुंच गईं। जब ग्लोबल स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक जोखिम से बचने के लिए तेजी से पैसे निकालने लगते हैं और यही आज देखने को मिला।

तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उछाल ने बाजार की चिंता को और बढ़ा दिया। ब्रेंट क्रूड 112 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया, जो किसी भी इकोनॉमी के लिए चिंता की बात होती है। भारत जैसे देश, जो तेल के आयात पर काफी निर्भर हैं, उनके लिए यह स्थिति और ज्यादा मुश्किल पैदा करती है। इससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत बढ़ने का खतरा रहता है जिसका असर शेयर बाजार पर तुरंत दिखता है।

बाजार के आंकड़े बताते हैं पूरी कहानी

अगर आंकड़ों की बात करें तो स्थिति काफी गंभीर रही। BSE Sensex करीब 1800 अंक गिरकर 74,869 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं Nifty 50 भी 500 से ज्यादा अंक टूटकर 23,238 के आसपास आ गया। सबसे हैरानी की बात यह रही कि यह गिरावट सिर्फ 5 मिनट के अंदर आई जिसने बाजार में घबराहट और बढ़ा दी।

हर सेक्टर में दिखा दबाव

इस गिरावट का असर सिर्फ कुछ कंपनियों तक सीमित नहीं रहा बल्कि पूरे बाजार में देखने को मिला। बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में भारी बिकवाली हुई। HDFC Bank, Axis Bank और Larsen & Toubro जैसे बड़े शेयर भी गिरावट से नहीं बच पाए। ज्यादातर शेयर लाल निशान में रहे जिससे साफ पता चलता है कि बाजार में डर और अनिश्चितता का माहौल था।

निवेशकों के लिए क्या संकेत है?

ऐसी गिरावट यह दिखाती है कि शेयर बाजार सिर्फ घरेलू नहीं बल्कि वैश्विक घटनाओं से भी काफी प्रभावित होता है। निवेश करते समय इन बातों को समझना बेहद जरूरी है। घबराने के बजाय समझदारी से फैसले लेना जरूरी होता है। लंबे समय के निवेशकों के लिए ऐसे मौके कभी-कभी नए अवसर भी लेकर आते हैं लेकिन जल्दबाजी में निर्णय लेने से नुकसान बढ़ सकता है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। चेतना मंच अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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आज के बाजार में निवेशकों के रडार पर ये 8 कंपनियां, देखें पूरी लिस्ट

गेमिंग कंपनी Nazara Technologies ने अपनी सहायक कंपनी Nazara Technologies UK Limited के जरिए Bluetile Games S.L. और BestPlay Systems S.L. में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया है। इस सौदे की कुल कीमत 100.3 मिलियन डॉलर रखी गई है।

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आज के टॉप स्टॉक्स
locationभारत
userअसमीना
calendar19 Mar 2026 10:28 AM
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आज बाजार में कुछ स्टॉक्स निवेशकों के रडार पर रहेंगे। ये कंपनियां हाल ही में आए बिजनेस अपडेट और बड़े निवेश की वजह से चर्चा में हैं। नए कॉन्ट्रैक्ट, डील्स, विस्तार और निवेश की घोषणाओं का असर इनके शेयर प्राइस और मार्केट मूवमेंट पर देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं उन 8 कंपनियों और उनके अपडेट के बारे में।

Nazara Technologies

गेमिंग कंपनी Nazara Technologies ने अपनी सहायक कंपनी Nazara Technologies UK Limited के जरिए Bluetile Games S.L. और BestPlay Systems S.L. में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया है। इस सौदे की कुल कीमत 100.3 मिलियन डॉलर रखी गई है। इस निवेश से कंपनी की अंतरराष्ट्रीय पहुंच और गेमिंग पोर्टफोलियो में विस्तार होगा।

GR Infraprojects

GR Infraprojects बिहार में 2,440.87 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना के लिए लोअर बिडर बनी है। इस प्रोजेक्ट के तहत मोकामा से मुंगेर तक नेशनल हाईवे-33 का चार लेन ग्रीनफील्ड सेक्शन बनाया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में यह निवेश कंपनी के लिए मजबूत राजस्व स्रोत साबित हो सकता है।

UltraTech Cement

सीमेंट दिग्गज UltraTech Cement Limited ने Sunsure Solarpark Seven Private Limited में 26.18 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने का एग्रीमेंट किया है। यह निवेश 19.2 करोड़ रुपये तक का होगा। कंपनी का उद्देश्य ग्रीन एनर्जी की जरूरत पूरी करना, लागत में सुधार लाना और कैप्टिव पावर से जुड़े नियमों का पालन करना है।

Ahluwalia Contracts

कंस्ट्रक्शन कंपनी Ahluwalia Contracts को Airports Authority of India से 393.04 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह प्रोजेक्ट राजस्थान में एक नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के डेवलपमेंट से जुड़ा है। इस कॉन्ट्रैक्ट से कंपनी के ऑर्डर बुक और रेवन्यू में वृद्धि की उम्मीद है।

Delhivery

लॉजिस्टिक्स कंपनी Delhivery ने अपने Delhivery International प्लेटफॉर्म के तहत Economy Air Parcel Service का विस्तार किया है। अब इसका ऑपरेशन ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया तक शुरू हो गया है। यह कदम कंपनी के ग्लोबल प्रेजेंस और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करेगा।

United Breweries

United Breweries Limited को उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड ब्रुअरी के लिए पर्यावरण मंजूरी मिल गई है। यह प्लांट उन्नाव के Industrial Manufacturing & Logistics Cluster में बनाया जाएगा। इसकी सालाना उत्पादन क्षमता 13 लाख हेक्टोलिटर होगी जो कंपनी की उत्पादन क्षमता और मार्केट शेयर बढ़ाएगा।

Belrise Industries

ऑटो कंपोनेंट निर्माता Belrise Industries ने ब्रिटेन की इंजीनियरिंग कंपनी Chester Hall Precision Engineering Holdings को खरीदने का समझौता किया है। यह सौदा उसकी सहायक कंपनी Belrise UK Holdings के जरिए होगा। इसके तहत Belrise Chester Hall की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। इससे कंपनी की अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शन क्षमता बढ़ेगी।

NATCO Pharma

NATCO Pharma Ltd की बोर्ड बैठक 24 मार्च को होगी। इस बैठक में कंपनी के एग्रोकेमिकल्स कारोबार को उसकी सहायक कंपनी Natco Crop Health Sciences Ltd में अलग करने (डिमर्जर) का प्रस्ताव रखा जाएगा। यह कदम कंपनी की फोकस्ड स्ट्रेटेजी और व्यवसाय विस्तार को दर्शाता है।

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