Elfin Agro IPO Listing: आटा और खाद्य उत्पादों के कारोबार से जुड़ी कंपनी एलफिन एग्रो इंडिया के शेयर बाजार में लिस्ट हुए हैं। लिस्टिंग भले ही बहुत बड़ी नहीं रही लेकिन उसके बाद शेयर में थोड़ी तेजी देखने को मिली।

आईपीओ में निवेश करने वाले लोगों की नजर हमेशा इस बात पर रहती है कि लिस्टिंग के दिन शेयर कैसा प्रदर्शन करेगा। कई बार कुछ शेयर जोरदार मुनाफा देते हैं तो कुछ उम्मीद से कमजोर रहते हैं। हाल ही में आटा और खाद्य उत्पादों के कारोबार से जुड़ी कंपनी एलफिन एग्रो इंडिया के शेयर बाजार में लिस्ट हुए हैं। लिस्टिंग भले ही बहुत बड़ी नहीं रही लेकिन उसके बाद शेयर में थोड़ी तेजी देखने को मिली। ऐसे में अगर आप इस कंपनी में नई एंट्री के बारे में सोच रहे हैं तो पहले इसकी कारोबारी स्थिति और भविष्य की योजना को समझना जरूरी है।
एलफिन एग्रो इंडिया के शेयरों की एंट्री BSE SME प्लेटफॉर्म पर हल्के प्रीमियम के साथ हुई। कंपनी का आईपीओ ₹47 प्रति शेयर के भाव पर आया था। लिस्टिंग के समय शेयर करीब ₹47.30 पर खुला यानी निवेशकों को करीब 0.64% का छोटा सा फायदा मिला। हालांकि लिस्टिंग के बाद शेयर में थोड़ी तेजी देखने को मिली और यह बढ़कर करीब ₹48.05 तक पहुंच गया। इस तरह आईपीओ में निवेश करने वाले निवेशक फिलहाल करीब 2% से ज्यादा मुनाफे में नजर आए।
कंपनी का ₹25 करोड़ का आईपीओ 5 मार्च से 9 मार्च के बीच निवेश के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों से बहुत ज्यादा उत्साह नहीं मिला लेकिन पूरी तरह से कमजोर भी नहीं रहा। कुल मिलाकर यह इश्यू लगभग 1.35 गुना सब्सक्राइब हुआ। नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की तरफ से थोड़ी बेहतर दिलचस्पी दिखाई दी और उनका हिस्सा करीब 2.12 गुना भरा। वहीं खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा सिर्फ लगभग 0.59 गुना ही सब्सक्राइब हो पाया।
इस आईपीओ के तहत कंपनी ने 53.25 लाख नए शेयर जारी किए हैं, जिनकी फेस वैल्यू ₹5 प्रति शेयर है। इन शेयरों के जरिए जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा कंपनी अपने कारोबार को मजबूत करने में लगाएगी। करीब ₹19.33 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। इसके अलावा बाकी पैसे कंपनी अपने सामान्य कॉरपोरेट कामों और बिजनेस विस्तार में खर्च करेगी।
एलफिन एग्रो इंडिया मुख्य रूप से खाद्य उत्पादों के कारोबार से जुड़ी कंपनी है। यह चक्की आटा, रिफाइंड आटा, तंदूरी आटा, सूजी, मैदा और पीली सरसों के तेल जैसे उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचती है। कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को अलग-अलग ब्रांड नामों से बेचती है और राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात समेत देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसकी मौजूदगी है। इसके अलावा कंपनी चना, मक्का, सोयाबीन रिफाइंड ऑयल और पशुओं के चारे जैसी चीजों का भी कारोबार करती है।
अगर कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले कुछ सालों में इसमें लगातार सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा करीब ₹1.81 करोड़ था। इसके बाद अगले साल यह बढ़कर ₹3.68 करोड़ हो गया और वित्त वर्ष 2025 में यह और बढ़कर ₹5.08 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी की कुल आय में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली है। पिछले कुछ सालों में इसकी टोटल इनकम सालाना 20% से ज्यादा की दर से बढ़कर करीब ₹146 करोड़ तक पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 के दौरान भी कंपनी की कमाई में बढ़ोतरी जारी है। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच कंपनी लगभग ₹3.98 करोड़ का मुनाफा और ₹117 करोड़ से ज्यादा की आय हासिल कर चुकी है।
एलफिन एग्रो जैसी कंपनियां छोटे और मिड-साइज सेगमेंट में आती हैं इसलिए इनमें निवेश करते समय थोड़ा सतर्क रहना जरूरी होता है। हालांकि कंपनी का बिजनेस धीरे-धीरे बढ़ रहा है और मुनाफे में भी सुधार दिख रहा है, लेकिन निवेश से पहले कंपनी की ग्रोथ, कर्ज और बाजार की स्थिति को समझना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।