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सरकार ने मई महीने में सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस को औपचारिक रूप से शुरू किया था। इस सेवा का मकसद लोगों तक आपदा और आपातकालीन जानकारी को तेजी से पहुंचाना था। इसके तहत मोबाइल स्क्रीन पर एक महत्वपूर्ण संदेश दिखाई देता था और साथ ही फोन में तेज आवाज भी सुनाई देती थी।

अगर पिछले कुछ दिनों में आपके मोबाइल फोन पर अचानक तेज आवाज के साथ इमरजेंसी अलर्ट का मैसेज आया था, तो अब फिलहाल ऐसी सूचना मिलना बंद हो सकती है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया है। यह वही सिस्टम है जिसके जरिए लोगों के मोबाइल फोन पर आपदा और आपात स्थिति से जुड़े अलर्ट भेजे जाते थे। अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है और अगली सूचना तक यह व्यवस्था स्थगित रहेगी। हालांकि इस सेवा को बंद करने के पीछे किसी विशेष कारण की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
सरकार ने मई महीने में सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस को औपचारिक रूप से शुरू किया था। इस सेवा का मकसद लोगों तक आपदा और आपातकालीन जानकारी को तेजी से पहुंचाना था। इसके तहत मोबाइल स्क्रीन पर एक महत्वपूर्ण संदेश दिखाई देता था और साथ ही फोन में तेज आवाज भी सुनाई देती थी। हाल के दिनों में आंधी, तूफान और खराब मौसम को लेकर कई राज्यों में इसी सिस्टम के जरिए लोगों को अलर्ट भेजे गए थे। इसका उद्देश्य लोगों को समय रहते सतर्क करना था ताकि वे अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा सकें।
सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस एक ऐसी तकनीक है जिसके माध्यम से किसी विशेष क्षेत्र में मौजूद मोबाइल उपयोगकर्ताओं को एक साथ संदेश भेजा जा सकता है। यह सामान्य एसएमएस सेवा से अलग तरीके से काम करती है। इस सिस्टम की खास बात यह है कि इसके लिए इंटरनेट या मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं होती। नेटवर्क पर अधिक दबाव होने की स्थिति में भी यह सेवा अलर्ट पहुंचाने में सक्षम मानी जाती है। यही वजह है कि इसे आपदा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण तकनीक माना जाता है।
NDMA की ओर से जारी जानकारी में बताया गया है कि सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस को फिलहाल अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है। हालांकि इसके पीछे की वजह सार्वजनिक नहीं की गई है। सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम और पारंपरिक एसएमएस सेवा में काफी अंतर है। सामान्य एसएमएस भेजने के लिए नेटवर्क की उपलब्धता और संदेश वितरण प्रक्रिया पर निर्भर रहना पड़ता है। कई बार अधिक ट्रैफिक होने पर एसएमएस पहुंचने में देरी भी हो जाती है। वहीं सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक के जरिए एक साथ बड़ी संख्या में लोगों तक तुरंत संदेश पहुंचाया जा सकता है। यही कारण है कि इसे आपातकालीन परिस्थितियों में ज्यादा प्रभावी माना जाता है।
इस सिस्टम को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) ने विकसित किया है। इसके निर्माण में दूरसंचार विभाग (DoT), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और गृह मंत्रालय की भी भागीदारी रही है। इस तकनीक का उपयोग किसी विशेष क्षेत्र में मौजूद लोगों तक मौसम, प्राकृतिक आपदा या अन्य आपातकालीन स्थितियों से जुड़ी जानकारी पहुंचाने के लिए किया जाता है।
फिलहाल सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। अगली सूचना तक मोबाइल उपयोगकर्ताओं को इस सिस्टम के जरिए अलर्ट नहीं भेजे जाएंगे। हालांकि सरकार और संबंधित एजेंसियां इसकी समीक्षा कर रही हैं।
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