सरकार ने राज्यसभा में यह भी बताया है कि यदि सदस्य की KYC अपडेट है और प्रोफाइल में कोई त्रुटि नहीं है, तो क्लेम फाइल करने के बाद एक हफ्ते के भीतर PF की राशि खाते में आ सकती है।

EPFO 3.0 : अगर आप नौकरीपेशा हैं और हर महीने आपका योगदान EPF में कटता है, तो यह अपडेट आपके लिए बड़ी राहत लेकर आया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने EPFO 3.0 के जरिए अपने सिस्टम को और ज्यादा डिजिटल व स्मार्ट बना दिया है, जिसका असर सबसे पहले PF क्लेम पर साफ दिख रहा है। अब ऑनलाइन क्लेम की प्रक्रिया पहले जैसी लंबी नहीं रही, सरकारी जानकारी के मुताबिक औसतन 8 दिन में क्लेम निपट रहा है और रकम सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर हो रही है। सरकार ने राज्यसभा में यह भी बताया है कि यदि सदस्य की KYC अपडेट है और प्रोफाइल में कोई त्रुटि नहीं है, तो क्लेम फाइल करने के बाद एक हफ्ते के भीतर PF की राशि खाते में आ सकती है।
पहले PF क्लेम को लेकर लोगों की शिकायतें आम थीं कहीं दस्तावेज अटक जाते थे, कहीं नियोक्ता की मंजूरी में देरी होती थी, तो कहीं प्रोफाइल की गलती के कारण भुगतान रुक जाता था। लेकिन EPFO 3.0 के सुधारों के बाद प्रक्रिया अधिक तेज और ट्रैक करने योग्य बनी है। सरकार के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में 23 जनवरी 2026 तक 8.53 करोड़ से ज्यादा क्लेम प्रोसेस किए जा चुके हैं, जो सिस्टम की बढ़ी क्षमता को दिखाता है। EPFO 3.0 का बड़ा फायदा उन कर्मचारियों को मिला है जिनका e-KYC पूरी तरह अपडेट है। ऐसे सदस्य अब PF ट्रांसफर के लिए पुराने/नए नियोक्ता की मंजूरी के बिना भी ऑनलाइन क्लेम फाइल कर सकते हैं। इससे खासतौर पर उन लोगों को राहत मिलेगी जो नौकरी बदलते रहते हैं या जिनकी पुरानी कंपनी से संपर्क नहीं हो पाता।
EPFO ने जनवरी 2025 से प्रोफाइल करेक्शन की प्रक्रिया भी सरल की है। अब कर्मचारी नाम, जन्मतिथि सहित जरूरी विवरण खुद ऑनलाइन अपडेट/सुधार सकते हैं। पहले इस काम के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। सरकार के अनुसार जनवरी 2026 तक 27 लाख से अधिक प्रोफाइल सुधार अनुरोध निपटाए जा चुके हैं। EPFO 3.0 के तहत Centralised Pension Payment System लागू किया गया है। मतलब यह कि पेंशनधारकों को अब किसी एक तय बैंक या ब्रांच पर निर्भर नहीं रहना होगा। देश के किसी भी शेड्यूल्ड बैंक से पेंशन मिल सकेगी बुजुर्ग पेंशनधारकों के लिए यह बड़ी सहूलियत मानी जा रही है।
टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को आगे बढ़ाते हुए फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम भी शुरू किया गया है। सरकार के मुताबिक अगस्त 2025 से नए कर्मचारियों के UAN के लिए फेस ऑथेंटिकेशन जरूरी किया गया है। UMANG ऐप के जरिए आधार आधारित फेस वेरिफिकेशन से कर्मचारी खुद ही UAN बना और एक्टिवेट कर सकेंगे नियोक्ता पर निर्भरता कम होगी और सुरक्षा भी बढ़ेगी। EPFO 3.0 में Member Passbook Lite फीचर जोड़ा गया है, जिससे कर्मचारी हाल के लेनदेन आसानी से देख सकते हैं। EPFO 3.0