फेसबुक का नाम बदलकर 'META' किया गया, मार्क जकरबर्ग ने की घोषणा
भारत
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 12:35 PM
भारत
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 12:35 PM
सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक अब 'मेटा' नाम से जाना जाएगा जिसकी घोषणा फेसबुक (FACEBOOK) के मालिक मार्क जकरबर्ग ने की है। फेसबुक के फाउंडर और CEO मार्क जुकरबर्ग ने गुरुवार को ऑकलैंड में आयोजित सालाना कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान है। उन्होंने कहा, 'भविष्य के वर्चुअल-रियलिटी विजन (मेटावर्स) को हासिल करने के लिए हम खुद को री-ब्रांड करने जा रहे हैं। अब हमारे लिए फेसबुक फर्स्ट की जगह मेटावर्स फर्स्ट होगा।'
कंपनी के शेयरों में एक दिसंबर से एफबी की बजाय एमवीआरएस (MVRS) सिंबल से ट्रेडिंग शुरू होने जा रही है। जुकरबर्ग ने बताया कि कि मेटा ग्रीक शब्द 'बियॉन्ड' से आया लिया गया है। यह दुनिया में कंपनी का बेहतरीन प्रतिनिधित्व कर रहा है। हमारी कंपनी ऐसी है जो लोगों को जोड़ने के लिए टेक्नोलॉजी बनाने का काम कर रही है। फेसबुक का मुख्य सोशल ऐप नए ब्रांड नेम के अंब्रेला में मौजूद होना है।
जुकरबर्ग (ZUKERBERG) ने बताया कि इंस्टाग्राम, वॉट्सऐप सहित कंपनी के दूसरे ऐप और सर्विस नए बेसिक स्ट्रक्चर पर ही काम करेगी। यह री-ब्रांडिंग
(RE-BRANDING) वैसी ही होगी, जैसा गूगल ने अल्फाबेट (ALPHABET) नाम से ओरिजनल स्ट्रक्चर सेट करने के लिए किया जाता रहा है। कंपनी ने बताया कि कि हमारी फाइनेंशियल रिपोर्टिंग दो सेगमेंट- रियलिटी लैब्स और फैमिली ऑफ ऐप्स में बंटने जा रही है।
क्यों बदल दिया गया फेसबुक का नाम
गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट है उसी तरह एक पेरेंट कंपनी में
फेसबुक, वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और कंपनी के दूसरे प्लेटफॉर्म शुरु किए जाने हैं। ये बदलाव मेटावर्स पर फोकस करने के बाद किया गया है। कंपनी के CEO मार्क जुकरबर्ग के मुताबिक कि आने वाले समय में मेटावर्स दुनिया की वास्तविकता से भरी होने वाली है। वे मेटावर्स तकनीक की इस रेस में पीछे नहीं रहना चाह रहे हैं।
मेटावर्स क्या है
मेटावर्स एक तरह की आभासी दुनिया होने वाली है। इस तकनीक से आप वर्चुअल आइंडेंटिटी के जरिए डिजिटल वर्ल्ड (DIGITAL WORLD) में एंटर कर सकेंगे। यानी एक पैरेलल वर्ल्ड, जहां आपकी अलग पहचान दी जाएगी।