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इस बार सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ा है जो गर्मी से बचने के लिए पहाड़ी इलाकों का रुख कर रहे हैं। दिल्ली से लेह जाने वाली फ्लाइट का किराया पिछले साल के मुकाबले करीब 74 प्रतिशत तक बढ़ गया है। वहीं श्रीनगर और शिमला जैसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों के टिकट भी काफी महंगे हो चुके हैं।

गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही बड़ी संख्या में लोग घूमने का प्लान बनाते हैं। कोई पहाड़ों की ठंडी वादियों में जाना चाहता है तो कोई विदेश यात्रा का सपना देखता है। लेकिन इस बार समर वेकेशन के दौरान यात्रा करना लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों रूटों पर फ्लाइट टिकट काफी महंगे हो गए हैं। कई जगहों के किराए में 40 से 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है जिससे यात्रियों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
इस बार सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ा है जो गर्मी से बचने के लिए पहाड़ी इलाकों का रुख कर रहे हैं। दिल्ली से लेह जाने वाली फ्लाइट का किराया पिछले साल के मुकाबले करीब 74 प्रतिशत तक बढ़ गया है। वहीं श्रीनगर और शिमला जैसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों के टिकट भी काफी महंगे हो चुके हैं। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती हीटवेव की वजह से लोग ठंडी जगहों पर छुट्टियां बिताना चाहते हैं। इसी कारण इन रूटों पर यात्रियों की मांग तेजी से बढ़ी है और एयरलाइंस ने किराए बढ़ा दिए हैं।
सिर्फ घरेलू उड़ानें ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स भी इस बार काफी महंगी हो गई हैं। लंदन और पेरिस जाने वाली उड़ानों के टिकट करीब 53 प्रतिशत तक महंगे हो चुके हैं। वहीं सिडनी के किराए में भी करीब 38 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। थाईलैंड, सिंगापुर और दूसरे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों की यात्रा भी पहले की तुलना में ज्यादा खर्चीली हो गई है। इन रूटों पर टिकट की कीमतें 40 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुकी हैं। ऐसे में विदेश घूमने का सपना देखने वाले कई लोग अब अपने बजट को दोबारा समझने में लगे हैं।
एयरलाइंस इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे सबसे बड़ी वजह जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतें हैं। पिछले कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में जेट फ्यूल काफी महंगा हो गया है। ईंधन महंगा होने से एयरलाइंस का खर्च बढ़ा है जिसका असर सीधे टिकट कीमतों पर दिखाई दे रहा है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कुछ एयरस्पेस बंद होने की वजह से कई फ्लाइट्स को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। इससे ईंधन की खपत और ऑपरेशनल लागत दोनों बढ़ गई हैं।
फ्लाइट टिकट महंगे होने की एक और बड़ी वजह एयरलाइंस की कम होती क्षमता है। कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों की संख्या घटा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, IndiGo ने अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की क्षमता में कमी की है, जबकि Air India भी कुछ घरेलू और विदेशी रूटों पर उड़ानों में कटौती कर सकती है। जब यात्रियों की संख्या ज्यादा हो और उड़ानें कम तो टिकट के दाम बढ़ना तय माना जाता है। यही वजह है कि इस बार लोगों को सामान्य से कहीं ज्यादा किराया देना पड़ रहा है।
महंगे टिकटों के कारण अब यात्रियों की पसंद भी बदलने लगी है। लोग लंबी दूरी और महंगे देशों की बजाय अब बजट फ्रेंडली और नजदीकी डेस्टिनेशन चुन रहे हैं। थाईलैंड, वियतनाम, नेपाल, श्रीलंका और मलेशिया जैसे देशों की मांग तेजी से बढ़ रही है। कई ट्रैवल कंपनियों का कहना है कि वीजा-फ्री और कम खर्च वाले देशों की बुकिंग पहले के मुकाबले काफी ज्यादा बढ़ गई है। फिलीपींस जैसे देशों के लिए भी भारतीय यात्रियों की रुचि तेजी से बढ़ रही है।
विदेश यात्रा महंगी होने के बावजूद लोग घूमने का प्लान रद्द नहीं कर रहे। अब ज्यादा लोग भारत के अंदर ही छुट्टियां बिताना पसंद कर रहे हैं। ऋषिकेश, वाराणसी, लेह, शिलांग, गुवाहाटी और इंफाल जैसे शहरों के लिए बुकिंग तेजी से बढ़ी है। हिल स्टेशनों के लिए एडवांस बुकिंग में भी बड़ा उछाल देखने को मिला है। कई लोकप्रिय जगहों पर होटल और ट्रैवल पैकेज पहले से ही लगभग फुल हो चुके हैं।
महंगे किराए के बावजूद यात्रा की मांग कमजोर नहीं हुई है। ट्रैवल कंपनियों के मुताबिक इस बार समर सीजन में एडवांस बुकिंग सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा चल रही है। इससे साफ है कि अब लोगों के लिए यात्रा सिर्फ घूमना-फिरना नहीं बल्कि लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा बन चुकी है। यही कारण है कि बढ़ती कीमतों के बावजूद लोग अपने ट्रैवल प्लान को किसी न किसी तरह पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं।
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