पिचाई दुनिया के सबसे महंगे CEO में शामिल, कमाई में आया बड़ा उछाल

अब गूगल ने उनके अगले तीन साल का संभावित सैलरी पैकेज बढ़ाकर 692 मिलियन डॉलर यानी लगभग 6,400 करोड़ रुपए कर दिया है। यह उन्हें दुनिया के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले CEOs में से एक बनाता है।

Sundar Pichai
सुंदर पिचाई
locationभारत
userअसमीना
calendar07 Mar 2026 01:00 PM
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सुनहरे अवसर और लगातार मेहनत का फल आखिरकार सुंदर पिचाई के पास आया। अगस्त 2015 में गूगल के CEO बनने के बाद से पिचाई ने न सिर्फ कंपनी का रुख बदला बल्कि उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। अब गूगल ने उनके अगले तीन साल का संभावित सैलरी पैकेज बढ़ाकर 692 मिलियन डॉलर यानी लगभग 6,400 करोड़ रुपए कर दिया है। यह उन्हें दुनिया के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले CEOs में से एक बनाता है।

पिचाई की कमाई का ढांचा

पिचाई के इस पैकेज का बड़ा हिस्सा परफॉर्मेंस स्टॉक यूनिट्स (PSUs) में है। इन स्टॉक्स की टारगेट वैल्यू 126 मिलियन डॉलर है जो दो हिस्सों में बांटी गई है। अगर कंपनी S&P 100 के बाकी शेयरों की तुलना में अच्छा परफॉर्म करती है तो यह टारगेट दोगुना यानी 252 मिलियन डॉलर तक भी बढ़ सकता है। इसके अलावा उन्हें तीन साल में 84 मिलियन डॉलर के रिस्ट्रिक्टेड स्टॉक और सालाना 2 मिलियन डॉलर की बेसिक सैलरी मिलेगी।

स्टॉक इंसेंटिव और टेक्नोलॉजी यूनिट्स

गूगल ने पिचाई को Waymo सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी और Wing ड्रोन डिलीवरी स्टार्टअप से जुड़े स्टॉक इंसेंटिव भी दिए हैं। Waymo के स्टॉक का टारगेट 130 मिलियन डॉलर और Wing का 45 मिलियन डॉलर है। अगर ये दोनों यूनिट्स उम्मीद से बेहतर परफॉर्म करती हैं तो पिचाई का पैकेज 692 मिलियन डॉलर तक जा सकता है।

पिचाई की लीडरशिप में गूगल का कमाल

अगस्त 2015 में CEO बनने के बाद से गूगल का मार्केट कैप 535 बिलियन डॉलर से बढ़कर 3.6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया। जनवरी में यह थोड़े समय के लिए 4 ट्रिलियन डॉलर के पार भी गया। पिचाई ने क्रोम ब्राउजर डेवलप किया और एंड्रॉयड डिविजन को लीड करके कंपनी में अपनी जगह बनाई। हाल ही में उन्होंने AI को मुख्य सर्च इंजन में इंटीग्रेट किया और नए AI मॉडल लॉन्च किए जिससे गूगल टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ रहा है।

पिचाई की कमाई कैसे होती है?

पिचाई ने गूगल के सर्च और ऐप स्टोर बिजनेस के खिलाफ एंटीट्रस्ट केस निपटाए हैं। उनके पास दिसंबर 2022 में 218 मिलियन डॉलर का स्टॉक अवार्ड भी था। उनके व्यक्तिगत खर्च लगभग 8.3 मिलियन डॉलर हैं। हाल ही में पिचाई ने 32,500 क्लास C शेयर बेचे जिनकी कीमत लगभग 9.8 मिलियन डॉलर थी। CEO बनने के बाद से उन्होंने करीब 650 मिलियन डॉलर के शेयर बेचे हैं।

गूगल शेयर और परिवार की संपत्ति

रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, पिचाई और उनकी पत्नी अंजलि के पास कुल 1.67 मिलियन गूगल शेयर हैं। शुक्रवार को 298 डॉलर प्रति शेयर के हिसाब से उनकी कीमत 498 मिलियन डॉलर थी। हालांकि गूगल की सुपर-वोटिंग क्लास B स्टॉक फाउंडर्स सर्गेई ब्रिन और लैरी पेज के पास है जो कंपनी के 56% फैसले लेने की पावर देता है।

दुनिया के सबसे महंगे CEOs में पिचाई

माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला ने 2025 में 96.5 मिलियन डॉलर कमाए जबकि एप्पल के टिम कुक 74.3 मिलियन डॉलर कमाए। पिचाई का पैकेज इन दोनों से कहीं आगे है जो उन्हें दुनिया के सबसे महंगे CEOs में शामिल करता है।

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कच्चे तेल की कीमतों में बेतहाशा तेजी! क्या पेट्रोल ₹100 के पार जाएगा?

इस साल अब तक अमेरिकी क्रूड ऑयल में 60 फीसदी और ब्रेंट क्रूड में 33 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। एक्सपर्ट का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाती हैं तो भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में भी जल्द ही इजाफा देखने को मिल सकता है।

Crude Oil Price
आज कच्चे तेल की कीमतें कितनी हैं
locationभारत
userअसमीना
calendar07 Mar 2026 12:38 PM
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हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने आम लोगों की नींद उड़ा दी है। अमेरिकी और खाड़ी देशों के क्रूड ऑयल दोनों ही 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुके हैं और यह करीब 30 महीने का हाई रिकॉर्ड कर रहा है। इस साल अब तक अमेरिकी क्रूड ऑयल में 60 फीसदी और ब्रेंट क्रूड में 33 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। एक्सपर्ट का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाती हैं तो भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में भी जल्द ही इजाफा देखने को मिल सकता है।

अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम और हाई रिकॉर्ड

ब्रेंट क्रूड ऑयल इस समय 93 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई करीब 92.5 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। ब्रेंट क्रूड में मार्च महीने में 30 फीसदी से ज्यादा का इजाफा देखा गया है जबकि अमेरिकी क्रूड की कीमत में 38 फीसदी से अधिक की तेजी देखने को मिली है। खाड़ी देशों का क्रूड भी अब पहली बार अप्रैल 2024 के बाद 90 डॉलर के पार गया है। पिछले 30 महीनों में इतनी तेजी दोनों प्रकार के क्रूड में नहीं देखी गई थी।

मिडिल ईस्ट संकट का असर

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान से किसी शर्त के बिना सरेंडर करने को कहा है। इसके अलावा होर्मुर्ज स्ट्रेट अभी भी बंद है जो दुनिया के 20 फीसदी क्रूड सप्लाई का मार्ग है। इन कारणों से ग्लोबल मार्केट में तेल की उपलब्धता सीमित हो गई है और कीमतों में तेजी देखने को मिली है।

भारत में पेट्रोल और डीजल पर असर

भारत में घरेलू वायदा बाजार में कच्चे तेल के दाम रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गए हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर एक बैरल तेल 8,518 रुपए के पार ट्रेड कर रहा है। वहीं घरेलू बाजार में यह लगभग 8,363 रुपए प्रति बैरल के लेवल पर बंद हुआ। एक्सपर्ट का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल का दाम 100 डॉलर के पार चला गया तो पेट्रोल और डीजल के दाम में भी इजाफा देखने को मिल सकता है। हालांकि, भारत रूसी कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ाकर घरेलू कीमतों पर नियंत्रण रखने की कोशिश कर रहा है।

मार्च महीने में तेजी का असर

मौजूदा महीने में ब्रेंट क्रूड ऑयल में 30 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई में 38 फीसदी तक की तेजी देखी गई है। यह दोनों ही तेल की कीमतों के लिए लंबे समय का उच्चतम स्तर है। अगर यह ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत और मजबूत होंगे।

सरकार और पेट्रोलियम कंपनियों की तैयारी

सरकार ने कहा है कि आम लोगों को राहत देने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। रूसी कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ाकर घरेलू तेल की कीमतों को नियंत्रण में रखने की कोशिश की जा रही है। पेट्रोलियम मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि अगर सप्लाई स्थिर रही तो आम लोगों को ज्यादा महंगाई झेलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

क्या आगे पेट्रोल ₹100 के पार जाएगा?

अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिडिल ईस्ट का संकट जल्द खत्म नहीं हुआ और कच्चे तेल का दाम 100 डॉलर के पार चला गया तो पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा लगभग निश्चित है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्तों में यह स्थिति तय करेगी कि आम लोगों के लिए रसोई और यात्रा महंगी होगी या सरकार की राहत नीतियां असर दिखाएंगी।

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सोना खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर, गिर गए गोल्ड-सिल्वर के दाम

Gold Price Today: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और मिडिल ईस्ट की अस्थिर स्थिति का असर ग्लोबल मार्केट पर साफ दिखाई दे रहा है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आई है।

Gold Rate Today in India
सोने और चांदी का ताजा भाव
locationभारत
userअसमीना
calendar07 Mar 2026 11:42 AM
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पिछले कुछ समय से सोना और चांदी लगातार महंगे हो रहे थे लेकिन अब घरेलू बाजार से आम लोगों के लिए राहत भरी खबर आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी के बावजूद भारत में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। खास बात यह है कि 24 कैरेट सोने की कीमत फिर से 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से नीचे आ गई है जिससे शादी-ब्याह और निवेश की तैयारी कर रहे लोगों को थोड़ी राहत मिली है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्यों बढ़े दाम?

दरअसल, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और मिडिल ईस्ट की अस्थिर स्थिति का असर ग्लोबल मार्केट पर साफ दिखाई दे रहा है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आई है। कॉमेक्स पर सोना करीब 2 फीसदी से ज्यादा उछलकर लगभग 5,181 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जबकि चांदी भी करीब 3 फीसदी चढ़कर 84.69 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड करती दिखाई दी।

भारत में सोना क्यों हुआ सस्ता?

ग्लोबल तेजी के बावजूद भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोने के दाम में करीब 1,800 रुपये से ज्यादा की कमी आई है। शनिवार को 24 कैरेट सोना लगभग 1,58,751 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बिक रहा है। कीमतों में यह गिरावट उन लोगों के लिए अच्छी खबर है जो निवेश या ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे हैं।

अलग-अलग कैरेट के सोने के ताजा रेट

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक सोने की सभी कैटेगरी में गिरावट दर्ज की गई है। 24 कैरेट सोने की कीमत अब लगभग 1,58,751 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई है। वहीं 22 कैरेट सोना जिसका इस्तेमाल आमतौर पर गहने बनाने में किया जाता है, करीब 1,45,416 रुपये प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा है। इसके अलावा 18 कैरेट सोने की कीमत भी घटकर लगभग 1,19,063 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। ऐसे में खासतौर पर ज्वेलरी खरीदने वाले लोगों के लिए यह गिरावट कुछ राहत लेकर आई है क्योंकि 22 कैरेट सोना गहनों के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।

चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट

सोने की तरह चांदी के दाम में भी अच्छी-खासी कमी आई है। चांदी का भाव करीब 3,489 रुपये गिरकर लगभग 2,60,723 रुपये प्रति किलो पर आ गया है। इससे पहले चांदी 2.64 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई थी। ऐसे में उद्योग और निवेश दोनों के लिए चांदी थोड़ी सस्ती हो गई है।

वायदा बाजार में कैसा रहा रुख?

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में कारोबार थोड़ा मिला-जुला नजर आया। सोने का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट हल्की बढ़त के साथ करीब 1,59,757 रुपये पर ट्रेड करता दिखाई दिया जबकि चांदी का मई कॉन्ट्रैक्ट करीब 2,62,990 रुपये के आसपास रहा।

आगे क्या हो सकता है?

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार फिलहाल निवेशक अमेरिका के बेरोजगारी आंकड़ों और नॉन-फार्म पेरोल डेटा का इंतजार कर रहे हैं। इसी वजह से सोने-चांदी की कीमतें सीमित दायरे में बनी हुई हैं। जानकारों का मानना है कि सोने के लिए 1,58,000 रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर मजबूत सपोर्ट हो सकता है। अगर कीमतों में तेजी आती है तो 1,62,000 रुपये के आसपास रेसिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

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