Gmail के Smart Features और AI टूल्स आपके निजी ईमेल और अटैचमेंट्स तक एक्सेस कर सकते हैं। इस आर्टिकल में हम आसान स्टेप‑बाय‑स्टेप तरीके से बताएंगे कि कैसे इन फीचर्स को बंद करके आप अपनी प्राइवेसी सुरक्षित रख सकते हैं।

आज के डिजिटल युग में प्राइवेसी की चिंता हर यूजर को होती है। खासकर Gmail जैसे प्लेटफॉर्म पर जहां हम अपने निजी ईमेल और महत्वपूर्ण अटैचमेंट्स भेजते हैं। हाल ही में टेक एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि Gmail के कुछ स्मार्ट फीचर्स और AI आधारित टूल्स आपके ईमेल डेटा तक पहुंच बना सकते हैं। हालांकि Google इन आरोपों से इनकार करता है लेकिन कई साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ मानते हैं कि यूजर्स को अपनी प्राइवेसी खुद सुनिश्चित करनी चाहिए।
Gmail में Smart Features और Workspace Smart Features ऐसे टूल हैं जो Ask Gemini, कंटेंट समरी, स्मार्ट सजेशन और Google Assistant जैसे फीचर्स को सपोर्ट करते हैं। टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये फीचर्स आपके इनबॉक्स डेटा पर काफी हद तक निर्भर करते हैं। इसका मतलब है कि यदि ये ऑन हैं तो आपके निजी ईमेल और अटैचमेंट्स AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए एक्सेस हो सकते हैं।
1. Smart Features in Gmail- यह फीचर आपके ईमेल और चैट के डेटा का इस्तेमाल करके बेहतर सुझाव और ऑटोमेटिक रिस्पांस देता है।
2. Workspace Smart Features- Google Workspace से जुड़े टूल्स में यह फीचर AI आधारित टूल्स को सपोर्ट करता है और इनबॉक्स डेटा तक एक्सेस रखता है।
इन दोनों फीचर्स की वजह से AI मॉडल आपके डेटा को उपयोग कर सकता है जिससे प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है।
अगर आप चाहते हैं कि आपका डेटा AI मॉडल तक न पहुंचे तो नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें:
1. डेस्कटॉप/लैपटॉप पर Gmail खोलें।
2. ऊपरी दाईं तरफ ‘Settings’ में जाकर ‘See all settings’ क्लिक करें।
3. Smart Features सेक्शन में जाएं।
4. ‘Turn on smart features in Gmail, Chat, and Meet’ का चेकबॉक्स अनचेक करें।
5. इसके बाद ‘Manage Workspace smart feature settings’ पर क्लिक करें।
6. Google Products और Google Workspace से जुड़े सभी स्मार्ट फीचर्स बंद करें।
इन स्टेप्स को फॉलो करने के बाद Gmail का AI एक्सेस आपके डेटा तक पूरी तरह से बंद हो जाएगा।
Google ने साफ कहा है कि Gmail डेटा का इस्तेमाल AI ट्रेनिंग के लिए नहीं किया जाता। कंपनी के अनुसार, यूजर डेटा केवल फीचर फंक्शन और प्रोसेसिंग के लिए उपयोग होता है। फिर भी कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि Gemini जैसे AI टूल्स जरूरत से ज्यादा इनवेसिव हैं और जटिल सेटिंग्स आम यूजर्स के लिए भ्रम पैदा कर सकती हैं।