फरवरी के आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर के निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ में करीब 5.3 अरब डॉलर का निवेश किया। यह अपने आप में एक बड़ा संकेत है कि बाजार में अस्थिरता के बीच निवेशक सुरक्षित विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।

दुनिया की अर्थव्यवस्था में जब भी अनिश्चितता बढ़ती है निवेशकों का भरोसा अक्सर एक ही चीज पर टिक जाता है सोना। चाहे शेयर बाजार में गिरावट हो, वैश्विक तनाव बढ़ रहा हो या महंगाई का दबाव हो ऐसे समय में लोग अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए गोल्ड की ओर रुख करते हैं। साल 2026 की शुरुआत में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। फरवरी महीने में गोल्ड ईटीएफ में निवेश का ऐसा रुझान देखने को मिला जिसने पिछले कई महीनों के रिकॉर्ड तोड़ दिए।
फरवरी 2026 के आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर के निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ में करीब 5.3 अरब डॉलर का निवेश किया। यह अपने आप में एक बड़ा संकेत है कि बाजार में अस्थिरता के बीच निवेशक सुरक्षित विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। गोल्ड को लंबे समय से “सेफ हेवन” माना जाता है और इस बार भी जब शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा तो निवेशकों ने बड़ी मात्रा में सोने से जुड़े निवेश विकल्पों को चुना।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार इस समय दुनिया भर में गोल्ड ईटीएफ की कुल होल्डिंग बढ़कर लगभग 4,171 टन तक पहुंच गई है। वहीं एसेट मैनेजमेंट की कुल वैल्यू भी करीब 701 अरब डॉलर के ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई है। एसेट मैनेजमेंट का मतलब यह होता है कि निवेशक अपने पैसों को अलग-अलग जगह निवेश करके जोखिम को कम करते हैं और अपने निवेश की वैल्यू को बढ़ाने की कोशिश करते हैं।
अगर भारत की बात करें तो यहां भी गोल्ड ईटीएफ में निवेश का ट्रेंड देखने को मिला है। फरवरी महीने में भारतीय निवेशकों ने लगभग 565 मिलियन डॉलर के गोल्ड ईटीएफ खरीदे। हालांकि यह आंकड़ा पिछले दो महीनों के औसत से थोड़ा कम रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी मुख्य वजह महीने की शुरुआत में हुई प्रॉफिट बुकिंग रही। यानी जिन निवेशकों ने पहले सोने में निवेश करके अच्छा मुनाफा कमाया था, उन्होंने उस समय अपने कुछ निवेश को निकाल लिया लेकिन जैसे-जैसे फरवरी का महीना आगे बढ़ा निवेशकों की दिलचस्पी एक बार फिर गोल्ड ईटीएफ की तरफ बढ़ती दिखाई दी। कई विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक बाजारों में इसी तरह की अनिश्चितता बनी रही तो मार्च के महीने में गोल्ड ईटीएफ में और भी ज्यादा निवेश देखने को मिल सकता है।
दरअसल गोल्ड ईटीएफ की लोकप्रियता बढ़ने के पीछे कई वजहें हैं। सबसे बड़ी वजह शेयर बाजार में लगातार देखने को मिल रही अस्थिरता है। जब इक्विटी मार्केट में जोखिम बढ़ता है तो निवेशक अपने पोर्टफोलियो को संतुलित करने के लिए सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों में निवेश बढ़ा देते हैं। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका भी लोगों को गोल्ड की ओर आकर्षित कर रही है। एक और बड़ी वजह यह है कि अब लोग फिजिकल गोल्ड खरीदने की बजाय डिजिटल विकल्पों को ज्यादा पसंद करने लगे हैं। गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने के लिए सोना घर में रखने की जरूरत नहीं होती और इसकी सुरक्षा को लेकर भी कोई चिंता नहीं रहती। साथ ही इसे खरीदना और बेचना भी काफी आसान होता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि गोल्ड ईटीएफ में बढ़ता निवेश यह संकेत देता है कि निवेशक फिलहाल ज्यादा जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं। वे अपने पैसों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ पोर्टफोलियो को संतुलित रखना चाहते हैं। यही वजह है कि गोल्ड जैसे एसेट्स में निवेश का ट्रेंड मजबूत होता जा रहा है। अगर आप भी निवेश की योजना बना रहे हैं और अपने पोर्टफोलियो को थोड़ा सुरक्षित बनाना चाहते हैं तो गोल्ड ईटीएफ एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें निवेश करना आसान है इसमें पारदर्शिता रहती है और इसकी लिक्विडिटी भी काफी अच्छी होती है। यानी जरूरत पड़ने पर आप इसे आसानी से बेचकर पैसा निकाल सकते हैं। हालांकि किसी भी निवेश से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता को समझना हमेशा जरूरी होता है।