12 दिसंबर को सोने और चांदी दोनों के भाव में जोरदार बढ़त दर्ज की गई है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता समेत सभी बड़े शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट गोल्ड की कीमतें नए स्तर पर पहुंच गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव 4,213 डॉलर प्रति औंस है जबकि चांदी 2,01,100 रुपये प्रति किलो तक चढ़ी है।

भारत में 12 दिसंबर की सुबह सोने और चांदी दोनों की कीमतों ने एक बार फिर जोरदार छलांग लगाई है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले मजबूत संकेतों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर में कटौती और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने गोल्ड और सिल्वर दोनों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। पिछले कुछ महीनों में सोने की तेजी ने घरेलू बाजार में रिकॉर्ड्स तोड़े हैं वहीं चांदी ने इस साल रिटर्न के मामले में सोने को भी पीछे छोड़ दिया है। निवेशक इन दिनों सोना-सिल्वर को आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच एक सुरक्षित विकल्प मानते हैं जिसके कारण कीमतें लगातार मजबूत हो रही हैं।
आज दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत बढ़कर 1,30,910 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गई है जबकि 22 कैरेट सोने का भाव 1,20,010 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में 22 कैरेट सोना 1,19,860 रुपये प्रति 10 ग्राम में बिक रहा है वहीं 24 कैरेट गोल्ड का भाव 1,30,760 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर है। पुणे और बेंगलुरु में भी सोने की कीमतें समान ही बनी हुई हैं, जहाँ 24 कैरेट सोना 1,30,760 रुपये और 22 कैरेट 1,19,860 रुपये प्रति 10 ग्राम में उपलब्ध है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की चमक तेज होती जा रही है। ग्लोबल मार्केट में गोल्ड का हाजिर भाव 4,213.12 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है। फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती के बाद दुनिया भर के निवेशकों ने फिर से सोने को सेफ हेवन के रूप में अपनाया है। ब्याज दरें घटने से बॉन्ड पर रिटर्न कम होने लगते हैं जिसके चलते गोल्ड की डिमांड तेजी से बढ़ती है। साल 2025 में भारतीय बाजार में सोने के रेट अब तक करीब 67% बढ़ चुके हैं जबकि वैश्विक बाजार में यह तेजी लगभग 60% तक पहुंच चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले स्थिर रहती है या और कमजोर होती है तो आने वाले साल 2026 में सोने की कीमतों में 5% से 16% तक और उछाल देखने को मिल सकता है। आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनावों और ब्याज दरों में बदलावों का सबसे सीधा प्रभाव सोने की कीमतों पर पड़ता है और यही वजह है कि निवेशक लगातार गोल्ड को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सोने की तरह चांदी भी इस समय ऐतिहासिक तेजी की तरफ बढ़ रही है। 12 दिसंबर को चांदी की कीमत 2,01,100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई जो एक दिन पहले बनाए गए रिकॉर्ड हाई के बेहद करीब है। चांदी ने इस साल की शुरुआत से अब तक 116.72% की शानदार तेजी दिखाई है। ग्लोबल सप्लाई में कमी, चीन से भारी मांग और इलेक्ट्रिक वाहनों व सोलर इंडस्ट्री में बढ़ती खपत ने चांदी को सोने से भी ज्यादा मजबूत बना दिया है। विदेशी बाजारों में चांदी का हाजिर भाव 62.88 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया है।