सोने-चांदी के दामों में आया बड़ा बदलाव, यहां है दिल्ली-चेन्नई समेत आपके शहर के रेट्स

अगर आप सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए अच्छी हो सकती है। डॉलर के मजबूत होने और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते सोने-चांदी की चमक थोड़ी कम हुई है।

Gold Rate
सोने की कीमतों का हाल
locationभारत
userअसमीना
calendar12 Mar 2026 12:55 PM
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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण आज सोना और चांदी के दामों में गिरावट देखने को मिली है। अगर आप सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए अच्छी हो सकती है। डॉलर के मजबूत होने और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते सोने-चांदी की चमक थोड़ी कम हुई है। आइए जानते हैं देश के प्रमुख शहरों में आज के सोने-चांदी के भाव।

डॉलर की मजबूती का असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज स्पॉट गोल्ड 0.2% गिरकर $5,165.73 प्रति औंस पर आ गया। डॉलर के मजबूत होने से सोना विदेशी निवेशकों के लिए महंगा हो गया है जिससे उसकी मांग घट रही है। इसके अलावा, महंगाई को लेकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में संभावित कटौती को लेकर निवेशक असमंजस में हैं जिसका भी सोने पर असर पड़ रहा है।

सोने के दाम

भारत के प्रमुख शहरों में सोने के दाम अलग-अलग हैं। 24 कैरेट सोना दिल्ली में ₹16,347 प्रति ग्राम, मुंबई, कोलकाता, बैंगलूरु, हैदराबाद, पुणे में ₹16,332 प्रति ग्राम, और चेन्नई में सबसे महंगा ₹16,496 प्रति ग्राम बिक रहा है। 22 कैरेट सोने की कीमत दिल्ली में ₹14,986, और अन्य प्रमुख शहरों में लगभग ₹14,971 प्रति ग्राम है। 18 कैरेट सोना चेन्नई में ₹12,951, दिल्ली में ₹12,264 और अन्य शहरों में करीब ₹12,249 के आसपास मिल रहा है।

चांदी की कीमतों में भी गिरावट

चांदी की बात करें तो आज भारतीय बाजार में चांदी ₹2,89,900 प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड कर रही है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में 10 ग्राम चांदी का रेट ₹2,899 के करीब है। चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव सोने की तुलना में तेज होता है क्योंकि इसकी मांग ज्वेलरी के साथ-साथ इंडस्ट्री में भी ज्यादा होती है।

क्या आने वाले दिनों में सोने-चांदी के दाम बढ़ेंगे?

हालांकि फिलहाल सोने और चांदी के दामों में गिरावट देखी जा रही है लेकिन मिडिल ईस्ट का तनाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां जल्द ही इनकी कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है। डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व के फैसले की निगरानी जरूरी होगी।

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BSE SME पर Elfin Agro का शेयर एंट्री के साथ दिखा तेजी, जानें अब तक का हाल

Elfin Agro IPO Listing: आटा और खाद्य उत्पादों के कारोबार से जुड़ी कंपनी एलफिन एग्रो इंडिया के शेयर बाजार में लिस्ट हुए हैं। लिस्टिंग भले ही बहुत बड़ी नहीं रही लेकिन उसके बाद शेयर में थोड़ी तेजी देखने को मिली।

Elfin Agro IPO
Elfin Agro IPO Listing
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userअसमीना
calendar12 Mar 2026 11:38 AM
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आईपीओ में निवेश करने वाले लोगों की नजर हमेशा इस बात पर रहती है कि लिस्टिंग के दिन शेयर कैसा प्रदर्शन करेगा। कई बार कुछ शेयर जोरदार मुनाफा देते हैं तो कुछ उम्मीद से कमजोर रहते हैं। हाल ही में आटा और खाद्य उत्पादों के कारोबार से जुड़ी कंपनी एलफिन एग्रो इंडिया के शेयर बाजार में लिस्ट हुए हैं। लिस्टिंग भले ही बहुत बड़ी नहीं रही लेकिन उसके बाद शेयर में थोड़ी तेजी देखने को मिली। ऐसे में अगर आप इस कंपनी में नई एंट्री के बारे में सोच रहे हैं तो पहले इसकी कारोबारी स्थिति और भविष्य की योजना को समझना जरूरी है।

लिस्टिंग पर मामूली बढ़त के बाद दिखी तेजी

एलफिन एग्रो इंडिया के शेयरों की एंट्री BSE SME प्लेटफॉर्म पर हल्के प्रीमियम के साथ हुई। कंपनी का आईपीओ ₹47 प्रति शेयर के भाव पर आया था। लिस्टिंग के समय शेयर करीब ₹47.30 पर खुला यानी निवेशकों को करीब 0.64% का छोटा सा फायदा मिला। हालांकि लिस्टिंग के बाद शेयर में थोड़ी तेजी देखने को मिली और यह बढ़कर करीब ₹48.05 तक पहुंच गया। इस तरह आईपीओ में निवेश करने वाले निवेशक फिलहाल करीब 2% से ज्यादा मुनाफे में नजर आए।

आईपीओ को मिला मिला-जुला रिस्पॉन्स

कंपनी का ₹25 करोड़ का आईपीओ 5 मार्च से 9 मार्च के बीच निवेश के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों से बहुत ज्यादा उत्साह नहीं मिला लेकिन पूरी तरह से कमजोर भी नहीं रहा। कुल मिलाकर यह इश्यू लगभग 1.35 गुना सब्सक्राइब हुआ। नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की तरफ से थोड़ी बेहतर दिलचस्पी दिखाई दी और उनका हिस्सा करीब 2.12 गुना भरा। वहीं खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा सिर्फ लगभग 0.59 गुना ही सब्सक्राइब हो पाया।

आईपीओ से जुटाए पैसे का क्या करेगी कंपनी?

इस आईपीओ के तहत कंपनी ने 53.25 लाख नए शेयर जारी किए हैं, जिनकी फेस वैल्यू ₹5 प्रति शेयर है। इन शेयरों के जरिए जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा कंपनी अपने कारोबार को मजबूत करने में लगाएगी। करीब ₹19.33 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। इसके अलावा बाकी पैसे कंपनी अपने सामान्य कॉरपोरेट कामों और बिजनेस विस्तार में खर्च करेगी।

क्या काम करती है कंपनी?

एलफिन एग्रो इंडिया मुख्य रूप से खाद्य उत्पादों के कारोबार से जुड़ी कंपनी है। यह चक्की आटा, रिफाइंड आटा, तंदूरी आटा, सूजी, मैदा और पीली सरसों के तेल जैसे उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचती है। कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को अलग-अलग ब्रांड नामों से बेचती है और राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात समेत देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसकी मौजूदगी है। इसके अलावा कंपनी चना, मक्का, सोयाबीन रिफाइंड ऑयल और पशुओं के चारे जैसी चीजों का भी कारोबार करती है।

कैसी है कंपनी की वित्तीय स्थिति?

अगर कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले कुछ सालों में इसमें लगातार सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा करीब ₹1.81 करोड़ था। इसके बाद अगले साल यह बढ़कर ₹3.68 करोड़ हो गया और वित्त वर्ष 2025 में यह और बढ़कर ₹5.08 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी की कुल आय में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली है। पिछले कुछ सालों में इसकी टोटल इनकम सालाना 20% से ज्यादा की दर से बढ़कर करीब ₹146 करोड़ तक पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 के दौरान भी कंपनी की कमाई में बढ़ोतरी जारी है। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच कंपनी लगभग ₹3.98 करोड़ का मुनाफा और ₹117 करोड़ से ज्यादा की आय हासिल कर चुकी है।

निवेश से पहले क्या ध्यान रखें

एलफिन एग्रो जैसी कंपनियां छोटे और मिड-साइज सेगमेंट में आती हैं इसलिए इनमें निवेश करते समय थोड़ा सतर्क रहना जरूरी होता है। हालांकि कंपनी का बिजनेस धीरे-धीरे बढ़ रहा है और मुनाफे में भी सुधार दिख रहा है, लेकिन निवेश से पहले कंपनी की ग्रोथ, कर्ज और बाजार की स्थिति को समझना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट, कुछ ही मिनटों में लाखों करोड़ का नुकसान

बाजार खुलते ही अचानक तेज गिरावट देखने को मिली जिससे निवेशकों में घबराहट फैल गई। कुछ ही सेकंड में लाखों करोड़ रुपये का नुकसान हो गया और लगभग हर सेक्टर के शेयर दबाव में नजर आए।

Stock Market Fall
शेयर बाजार में भारी गिरावट
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userअसमीना
calendar12 Mar 2026 11:15 AM
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गुरुवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी भारी साबित हुई। बाजार खुलते ही अचानक तेज गिरावट देखने को मिली जिससे निवेशकों में घबराहट फैल गई। कुछ ही सेकंड में लाखों करोड़ रुपये का नुकसान हो गया और लगभग हर सेक्टर के शेयर दबाव में नजर आए। वैश्विक हालात और पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव का असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ा जिसके कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही शुरुआती कारोबार में तेजी से नीचे आ गए।

शुरुआत से ही बाजार पर दबाव

जैसे ही सुबह ट्रेडिंग शुरू हुई, बाजार में बिकवाली का दबाव साफ दिखाई देने लगा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर से करीब 494 अंक गिरकर खुला। हालांकि गिरावट यहीं नहीं रुकी और कुछ ही मिनटों में यह और गहरी हो गई। शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 900 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी इसी राह पर चलता दिखा। निफ्टी कमजोर शुरुआत के साथ खुला और कुछ ही देर में 260 से ज्यादा अंक टूटकर नीचे आ गया। बाजार का माहौल ऐसा था कि लगभग हर सेक्टर में लाल निशान देखने को मिला।

बड़ी कंपनियों के शेयर भी दबाव में

इस गिरावट से सिर्फ छोटे शेयर ही नहीं बल्कि बड़ी और मजबूत कंपनियों के शेयर भी बच नहीं पाए। कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल जैसे बड़े नाम भी नुकसान में कारोबार करते नजर आए। आईटी और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों पर भी दबाव दिखा। आईटीसी, इन्फोसिस, टीसीएस और एशियन पेंट्स जैसे शेयरों में भी गिरावट देखी गई। हालांकि कुछ आईटी कंपनियों ने हल्की मजबूती दिखाकर बाजार को थोड़ी राहत देने की कोशिश की।

किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा?

इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर ऑटो, बैंकिंग और मेटल सेक्टर पर देखने को मिला। इन सेक्टरों के कई बड़े शेयरों में एक से दो प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। मारुति, एसबीआई, कोटक बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों में भी अच्छी-खासी कमजोरी देखने को मिली। इसके अलावा एयरलाइन और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे। इंडिगो और लार्सन एंड टुब्रो जैसे शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई जिससे बाजार का माहौल और ज्यादा नकारात्मक हो गया।

वैश्विक बाजारों का भी पड़ा असर

भारतीय बाजार में आई इस गिरावट के पीछे सिर्फ घरेलू कारण नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिल रही है। एशियाई बाजारों में भी गुरुवार को गिरावट का माहौल रहा। जापान का निक्केई इंडेक्स तेज गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा वहीं हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी दबाव में रहे। इन वैश्विक संकेतों ने भारतीय बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया। विदेशी निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक तनाव के कारण निवेशकों का भरोसा थोड़ा कमजोर होता दिखाई दे रहा है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

बाजार में इस तरह की अचानक गिरावट अक्सर वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों की घबराहट का नतीजा होती है। ऐसे समय में विशेषज्ञ आमतौर पर निवेशकों को घबराकर फैसले लेने से बचने की सलाह देते हैं। बाजार में उतार-चढ़ाव निवेश का हिस्सा होता है और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह समय धैर्य रखने का होता है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। चेतना मंच अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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