Gold Rate Today: सोना और चांदी के ETF में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिल रही है जिससे निवेशकों का ध्यान इन सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहा है। गोल्ड ETF ने 13% तक की उछाल मारी है जबकि सिल्वर ETF भी पीछे नहीं है और लगभग 8% की मजबूती दिखाई दे रही है।

सोना और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल ने निवेशकों का ध्यान कीमती धातुओं की ओर फिर से मोड़ दिया है। 29 जनवरी को गोल्ड और सिल्वर ETF में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। खास बात यह है कि सोना चांदी से भी तेज़ी से बढ़ा और निवेशक इसे सुरक्षित विकल्प के रूप में तरजीह दे रहे हैं। इस तेजी के पीछे ग्लोबल और घरेलू अनिश्चितताएं मुख्य कारण हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर फरवरी एक्सपायरी वाले सोने का वायदा भाव करीब 9% उछलकर ₹1,80,779 प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। अप्रैल और जून एक्सपायरी वाले कॉन्ट्रैक्ट्स में भी लगभग 9% की तेजी रही। चांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली। मार्च एक्सपायरी वाले चांदी के वायदा भाव करीब 6% बढ़कर ₹4,07,456 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए जबकि मई और जुलाई एक्सपायरी वाले कॉन्ट्रैक्ट्स में भी लगभग 6% की मजबूती दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सोना और चांदी की कीमतों में यह तेज उछाल ग्लोबल अनिश्चितताओं और तनाव के कारण है। अमेरिका पर बढ़ता कर्ज, व्यापारिक अनिश्चितताएं और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ा तनाव निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर आकर्षित कर रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दर स्थिर रखने का फैसला और कुछ बड़े निवेश समूहों का गोल्ड में निवेश योजना भी इस तेजी का समर्थन कर रही है।
सोने की कीमतों में तेजी का असर गोल्ड ETF पर स्पष्ट दिखाई दिया। कोटक गोल्ड ETF 13% से अधिक बढ़कर ₹155 के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। बड़ौदा BNP पारिबा गोल्ड ETF में लगभग 10% की तेजी रही। एक्सिस गोल्ड ETF, 360 वन गोल्ड ETF, यूनियन गोल्ड ETF और एलआईसी MF गोल्ड ETF में लगभग 9% की मजबूती दर्ज की गई। सिल्वर ETF में भी मजबूती रही। मोतीलाल ओसवाल सिल्वर ETF करीब 8% चढ़कर ₹371.91 पर पहुंचा और निपॉन इंडिया सिल्वर ETF समेत अन्य सिल्वर ETF में भी लगभग 8% की तेजी देखने को मिली।
बीते 12 महीनों में चांदी ने 200% से ज्यादा का रिटर्न दिया है जबकि सोना इस दौरान करीब 80% बढ़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी का लॉन्ग-टर्म आउटलुक अभी भी मजबूत है लेकिन तेजी के चलते इसमें उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। वहीं सोना तुलनात्मक रूप से स्थिर निवेश विकल्प बना हुआ है।
इस माहौल में निवेशकों के लिए संतुलित रणनीति अपनाना सबसे सही है। सुझाव है कि निवेशक 75% गोल्ड ETF और 25% सिल्वर ETF के अनुपात में निवेश करें। इससे निकट अवधि की अस्थिरता से बचाव होगा और लंबी अवधि में चांदी की संभावनाओं में हिस्सेदारी बनी रहेगी। लॉन्ग-टर्म निवेशक चरणबद्ध तरीके से निवेश करें और एसेट एलोकेशन पर ध्यान दें जबकि शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को मौजूदा ऊंचे स्तरों पर सतर्क रहना चाहिए। हालिया तेजी से यह साफ हो गया है कि सोना फिलहाल सुरक्षित और स्थिर निवेश विकल्प के रूप में शीर्ष पर है जबकि चांदी ने पिछले एक साल में शानदार रिटर्न दिए हैं। संतुलित निवेश रणनीति अपनाकर निवेशक दोनों की संभावनाओं का फायदा उठा सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: चेतना मंच यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।)