अडानी के इस ऐलान से हिल गई पूरी दुनिया, भारत पर 60 देशों की निगाहें
Adani Group: दावोस 2026 में अडानी ग्रुप ने 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया। इस निवेश का उद्देश्य भारत में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। अडानी का फोकस एविएशन, क्लीन एनर्जी, डिजिटल इंफ्रा और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर है।

दावोस में आयोजित 56वें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अडानी ग्रुप (Adani Group) ने एक ऐसा ऐलान किया जिसने पूरी दुनिया की निगाहें भारत पर टिका दीं। एशिया के दूसरे सबसे अमीर कारोबारी गौतम अडानी ने एविएशन, क्लीन एनर्जी, डिजिटल इंफ्रा और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स में 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश का ब्लूप्रिंट पेश किया। यह निवेश महाराष्ट्र, असम और झारखंड में किया जाएगा और इसका उद्देश्य रोजगार सृजन, कौशल विकास और ऊर्जा परिवर्तन में भारत की प्राथमिकताओं को मजबूत करना है।
असम और पूर्वोत्तर भारत में नए अवसर
अडानी ग्रुप ने असम में गुवाहाटी के गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को केंद्र में रखते हुए एविएशन और वैमानिकी क्षेत्र में विस्तार की योजना का ऐलान किया। एयरपोर्ट का नया टर्मिनल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2025 में उद्घाटित किया था और इसका संचालन अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है। इस योजना में हॉस्पिटैलिटी और रिटेल इंफ्रा, लेवल-डी फुल-फ्लाइट सिमुलेटर के साथ एविएशन अकैडमी और चौड़े व संकीर्ण विमानों के लिए रखरखाव सुविधाएं शामिल हैं। पूर्वोत्तर भारत में कार्बी आंगलोंग और दीमा हसाओ जिलों में बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की घोषणा भी की गई है जिनसे 2,700 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता जुड़ेगी। इसके अलावा, सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग और ग्राइंडिंग यूनिट्स के माध्यम से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में निर्माण सप्लाई चेन को मजबूत करने की योजना है।
महाराष्ट्र में तकनीक और हरित ऊर्जा का केंद्र
महाराष्ट्र में अडानी ग्रुप का निवेश शहरी पुनर्विकास, डिजिटल इंफ्रा और नेक्स्ट जेन ऊर्जा प्रणालियों पर केंद्रित है। मुंबई की धारावी पुनर्विकास परियोजना, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और इसके आसपास लॉजिस्टिक्स, वाणिज्यिक और आतिथ्य इंफ्रा को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि निवेश से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
इसके अतिरिक्त, महाराष्ट्र में 3,000 मेगावाट की संयुक्त क्षमता वाले हरित डेटा सेंटर पार्क, हवाई अड्डे के पास एकीकृत एरिना जिला, 8,700 मेगावाट की पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजनाएं, कोयला गैसीकरण पहल, सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले फैब्रिकेशन सुविधाएं तथा निजी क्षेत्र की भागीदारी वाले परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट को शामिल किया गया है।
7 से 10 साल में पूरे होंगे निवेश के लक्ष्य
अडानी एंटरप्राइजेज के निदेशक प्रणव अडानी ने बताया कि यह निवेश अगले सात से दस साल में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। उनका कहना था कि यह योजना रोजगार सृजन, कौशल निर्माण और टेक-आधारित समावेशन को बढ़ावा देगी। इसके साथ ही यह ऊर्जा परिवर्तन, विनिर्माण में आत्मनिर्भरता और क्षेत्रीय विकास जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है। दावोस में अडानी ग्रुप की घोषणाओं ने वैश्विक निवेशकों और राजनेताओं के बीच भारत के आर्थिक विस्तार के अगले चरण को आकार देने में निजी पूंजी की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया। इस ऐलान से भारत में निवेश के नए अवसर खुलेंगे और रोजगार और आर्थिक विकास की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए जाएंगे।
दावोस में आयोजित 56वें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अडानी ग्रुप (Adani Group) ने एक ऐसा ऐलान किया जिसने पूरी दुनिया की निगाहें भारत पर टिका दीं। एशिया के दूसरे सबसे अमीर कारोबारी गौतम अडानी ने एविएशन, क्लीन एनर्जी, डिजिटल इंफ्रा और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स में 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश का ब्लूप्रिंट पेश किया। यह निवेश महाराष्ट्र, असम और झारखंड में किया जाएगा और इसका उद्देश्य रोजगार सृजन, कौशल विकास और ऊर्जा परिवर्तन में भारत की प्राथमिकताओं को मजबूत करना है।
असम और पूर्वोत्तर भारत में नए अवसर
अडानी ग्रुप ने असम में गुवाहाटी के गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को केंद्र में रखते हुए एविएशन और वैमानिकी क्षेत्र में विस्तार की योजना का ऐलान किया। एयरपोर्ट का नया टर्मिनल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2025 में उद्घाटित किया था और इसका संचालन अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है। इस योजना में हॉस्पिटैलिटी और रिटेल इंफ्रा, लेवल-डी फुल-फ्लाइट सिमुलेटर के साथ एविएशन अकैडमी और चौड़े व संकीर्ण विमानों के लिए रखरखाव सुविधाएं शामिल हैं। पूर्वोत्तर भारत में कार्बी आंगलोंग और दीमा हसाओ जिलों में बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की घोषणा भी की गई है जिनसे 2,700 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता जुड़ेगी। इसके अलावा, सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग और ग्राइंडिंग यूनिट्स के माध्यम से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में निर्माण सप्लाई चेन को मजबूत करने की योजना है।
महाराष्ट्र में तकनीक और हरित ऊर्जा का केंद्र
महाराष्ट्र में अडानी ग्रुप का निवेश शहरी पुनर्विकास, डिजिटल इंफ्रा और नेक्स्ट जेन ऊर्जा प्रणालियों पर केंद्रित है। मुंबई की धारावी पुनर्विकास परियोजना, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और इसके आसपास लॉजिस्टिक्स, वाणिज्यिक और आतिथ्य इंफ्रा को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि निवेश से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
इसके अतिरिक्त, महाराष्ट्र में 3,000 मेगावाट की संयुक्त क्षमता वाले हरित डेटा सेंटर पार्क, हवाई अड्डे के पास एकीकृत एरिना जिला, 8,700 मेगावाट की पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजनाएं, कोयला गैसीकरण पहल, सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले फैब्रिकेशन सुविधाएं तथा निजी क्षेत्र की भागीदारी वाले परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट को शामिल किया गया है।
7 से 10 साल में पूरे होंगे निवेश के लक्ष्य
अडानी एंटरप्राइजेज के निदेशक प्रणव अडानी ने बताया कि यह निवेश अगले सात से दस साल में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। उनका कहना था कि यह योजना रोजगार सृजन, कौशल निर्माण और टेक-आधारित समावेशन को बढ़ावा देगी। इसके साथ ही यह ऊर्जा परिवर्तन, विनिर्माण में आत्मनिर्भरता और क्षेत्रीय विकास जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है। दावोस में अडानी ग्रुप की घोषणाओं ने वैश्विक निवेशकों और राजनेताओं के बीच भारत के आर्थिक विस्तार के अगले चरण को आकार देने में निजी पूंजी की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया। इस ऐलान से भारत में निवेश के नए अवसर खुलेंगे और रोजगार और आर्थिक विकास की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए जाएंगे।












