इन IPO से टूटी निवेशकों की उम्मीदें, कारण जानना बेहद जरूरी

2026 में SME‑IPO निवेशकों के लिए चुनौती बन गए हैं। इस साल अब तक 27 SME IPO लिस्ट हुए हैं लेकिन इनमें से 15 IPO अपने इश्यू प्राइस के नीचे कारोबार कर रहे हैं। कई IPO लिस्टिंग के तुरंत बाद गिरावट का शिकार हुए जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

IPO SME
SME‑IPO में सबसे बड़े नुकसान देने वाले शेयर
locationभारत
userअसमीना
calendar24 Feb 2026 03:09 PM
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2026 का SME-IPO मार्केट निवेशकों के लिए चुनौती बन गया है। इस साल अब तक 27 SME IPO लिस्ट हुए हैं लेकिन इनमें से 15 IPO अपने इश्यू प्राइस के नीचे ट्रेड कर रहे हैं। कई IPO में निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है जिससे बाजार में चिंता का माहौल है। कुछ IPO तो अपने इश्यू प्राइस से आधे या उससे ज्यादा नीचे कारोबार कर रहे हैं जिससे रिटेल निवेशकों की उम्मीदें धराशाई हुई हैं।

SME-IPO की लिस्टिंग पर नजर

इस साल लिस्ट हुए IPO में एरिटास विनाइल की 23 जनवरी को 47 रुपए पर लिस्टिंग हुई थी लेकिन अब यह अपने इश्यू प्राइस से 70% नीचे कारोबार कर रहा है। इसी तरह, यजुर फाइबर्स 132 रुपए के इश्यू प्राइस के साथ 14 जनवरी को लिस्ट हुआ था और अब यह 67% नीचे कारोबार कर रहा है। विक्ट्री इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और आर्मर सिक्योरिटी इंडिया जैसे IPO भी अपने इश्यू प्राइस से 55% नीचे हैं। इसके अलावा, कनिष्क एल्युमिनियम 73 रुपए के इश्यू प्राइस पर लिस्ट हुआ था और अब 42% नीचे कारोबार कर रहा है।

गिरावट के कारण

SME-IPO में निवेशकों के नुकसान के पीछे कई कारण हैं। कमजोर सब्सक्रिप्शन, ऊंची वैल्यूएशन और कंपनी के कमजोर फंडामेंटल्स ने शेयरों की कीमत पर दबाव डाला। इसके साथ ही बाजार में अस्थिरता और उतार-चढ़ाव ने कई IPO को लिस्टिंग के तुरंत बाद नीचे गिरा दिया। निवेशकों को इस वजह से भारी नुकसान उठाना पड़ा और मार्केट में सतर्कता की जरूरत बढ़ गई।

निवेशकों के लिए सुझाव

निवेशक SME-IPO में निवेश करते समय सतर्क रहें। निवेश करने से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स, वित्तीय स्वास्थ्य और मार्केट ट्रेंड की अच्छी तरह जांच करें। केवल उतना ही पैसा निवेश करें, जिसे आप खोने का जोखिम उठा सकते हैं। लंबी अवधि का निवेश सोचें और तुरंत लाभ की उम्मीद में हड़बड़ी न करें।

SEBI के कदम

SEBI ने SME-IPO मार्केट को रेगुलेट करने के लिए कई कदम उठाए हैं। जुलाई 2024 में लिस्टिंग डे गेन पर 90% कैप लगाया गया। दिसंबर 2024 में OFS के लिए 20% कैपिंग लागू की गई। OFS लाने वाली कंपनियों के लिए 2-3 वित्त वर्ष में EBITDA कम से कम 1 करोड़ होना जरूरी कर दिया गया। 1 जुलाई 2025 से न्यूनतम आवेदन राशि 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख की गई और जनवरी 2026 में इश्यू मैनेज करने के लिए बैंकर का नेटवर्थ 50 करोड़ से ऊपर होना जरूरी कर दिया गया। ये कदम बाजार में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाए गए हैं।

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सोना और चांदी के दाम फिसले, जान लें 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का नया रेट

सोना और चांदी की कीमतों में मंगलवार को अचानक गिरावट देखने को मिली। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,300 रुपये से ज्यादा सस्ता हो गया। चांदी का भाव भी 1 किलो पर 2,100 रुपये से ज्यादा फिसला। इस गिरावट के पीछे ग्लोबल टेंशन और डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ बयान प्रमुख कारण रहे।

Gold Silver
24 कैरेट गोल्ड रेट कितना है?
locationभारत
userअसमीना
calendar24 Feb 2026 11:55 AM
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सोना और चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही थी लेकिन मंगलवार को अचानक बाजार का रुख बदल गया। खुलते ही दोनों कीमती धातुओं के दाम में तेज गिरावट दर्ज की गई। जहां सोना 1300 रुपये से ज्यादा फिसल गया वहीं चांदी 2100 रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती हो गई। ग्लोबल टेंशन और टैरिफ से जुड़ी खबरों के बीच निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी जिसका असर सीधे सोना-चांदी के भाव पर पड़ा। आइए जानते हैं कि आज कितनी गिरावट आई और हाई लेवल से अब तक दाम कितने टूट चुके हैं।

MCX पर खुलते ही टूटा गोल्ड रेट

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange of India पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना अपने पिछले बंद 1,61,598 रुपये के मुकाबले गिरकर 1,60,295 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस हिसाब से 24 कैरेट सोना करीब 1,303 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया। कुछ ही दिनों पहले तक सोना लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा था लेकिन अब इसमें तेज करेक्शन देखने को मिल रहा है।

हाई से अब तक कितना टूटा सोना?

अगर ऑल टाइम हाई की बात करें तो 29 जनवरी को सोना 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। अब मौजूदा कीमत से तुलना करें तो सोना अपने हाई से 32,801 रुपये तक फिसल चुका है। यानी जो लोग ऊंचे भाव पर खरीदारी कर बैठे थे, उन्हें बड़ा झटका लगा है।

चांदी की कीमत में भी तेज गिरावट

सोने के साथ-साथ चांदी में भी गिरावट दर्ज की गई। MCX पर 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी का भाव 2,65,333 रुपये प्रति किलो के पिछले बंद से टूटकर 2,63,183 रुपये पर आ गया। इस तरह 1 किलो चांदी करीब 2,150 रुपये सस्ती हो गई।

हाई से ₹1.56 लाख सस्ती हो चुकी है चांदी

चांदी ने भी 29 जनवरी को अपना ऑल टाइम हाई छुआ था। उस दिन कीमत 4,20,048 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। अब मौजूदा स्तर पर देखें तो चांदी अपने हाई से 1,56,865 रुपये तक सस्ती हो चुकी है। इतनी बड़ी गिरावट निवेशकों के लिए चौंकाने वाली है।

गिरावट की वजह क्या है?

कीमती धातुओं में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब ग्लोबल स्तर पर टैरिफ और ट्रेड वॉर को लेकर फिर से चर्चा तेज हुई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के टैरिफ से जुड़े बयानों के बाद बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है।

हालांकि सोना-चांदी को आमतौर पर सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन तेज तेजी के बाद मुनाफावसूली होना भी स्वाभाविक है। यही वजह है कि रिकॉर्ड हाई छूने के बाद अब इनमें करेक्शन दिख रहा है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

बाजार में उतार-चढ़ाव आम बात है। सोना-चांदी लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से अब भी मजबूत माने जाते हैं, लेकिन ऊंचे स्तर से आई इतनी बड़ी गिरावट यह संकेत देती है कि निवेश सोच-समझकर करना चाहिए।

(नोट- सोना-चांदी या फिर गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)

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अचानक क्यों धड़ाम हुआ बाजार? जानिए गिरावट के पीछे की बड़ी वजह

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 800 अंक टूट गया और निफ्टी 25,500 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। आईटी शेयरों में भारी बिकवाली, रुपये की कमजोरी, कमजोर ग्लोबल संकेत और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार पर दबाव बनाया।

Stock Market Crash
Share Market Crash Today
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userअसमीना
calendar24 Feb 2026 11:28 AM
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शेयर बाजार में आज (24 फरवरी) जोरदार गिरावट देखने को मिली। दो दिनों की तेजी के बाद बाजार का मूड अचानक बदल गया और निवेशकों में घबराहट साफ नजर आई। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स करीब 800 अंक तक टूट गया जबकि निफ्टी 25,500 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। आईटी शेयरों में भारी बिकवाली, कमजोर ग्लोबल संकेत, रुपये की कमजोरी और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों ने मिलकर बाजार पर दबाव बना दिया। करीब 10:15 बजे सेंसेक्स 790 अंकों की गिरावट के साथ 82,500 के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी भी लगभग 230 अंक टूटकर 25,500 के नीचे पहुंच गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी आधा प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। चलिए जानते हैं कि आखिर बाजार क्यों धड़ाम हुआ।

गिरावट की सबसे बड़ी वजह

आज की गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3% तक टूट गया। दरअसल, अमेरिकी AI कंपनी Anthropic ने दावा किया है कि उसका नया टूल पुराने सॉफ्टवेयर सिस्टम को कम लागत में अपडेट कर सकता है। इससे पारंपरिक आईटी कंपनियों के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। निवेशकों को डर है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल से आईटी कंपनियों की कमाई पर दबाव आ सकता है। इसी चिंता में आईटी शेयरों में जमकर बिकवाली हुई।

रुपये में कमजोरी पड़ना

मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले गिरकर 90.96 के स्तर तक पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती ने रुपये पर दबाव डाला। जब रुपया कमजोर होता है तो विदेशी निवेशकों का भरोसा थोड़ा डगमगाता है। हालांकि एफआईआई की खरीदारी से गिरावट कुछ हद तक संभली लेकिन करेंसी में कमजोरी का असर शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया।

एशियाई बाजारों में सुस्ती

एशियाई बाजारों में सुस्ती और अमेरिका के Wall Street में गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ट्रेड टैरिफ को लेकर सख्त बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो दूसरे व्यापार कानूनों के तहत और ज्यादा टैरिफ लगाए जा सकते हैं। इस बयान से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। जब ग्लोबल माहौल कमजोर होता है तो भारतीय बाजार भी दबाव में आ जाते हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude का दाम करीब 1% बढ़कर 72 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है। तेल महंगा होने से व्यापार घाटा और महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। यही वजह है कि तेल की कीमतों में तेजी निवेशकों की चिंता बढ़ा देती है और बाजार पर नकारात्मक असर डालती है।

वीकली एक्सपायरी का असर

मंगलवार को निफ्टी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी भी थी। एक्सपायरी वाले दिन बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है क्योंकि ट्रेडर्स अपने फ्यूचर्स और ऑप्शंस सौदों को या तो बंद करते हैं या अगले हफ्ते के लिए रोलओवर करते हैं। इस वजह से दिनभर बाजार में तेज हलचल देखने को मिली और गिरावट और गहरी हो गई।

डिस्क्लेमरः चेतना मंच यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

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