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मंगलवार के कारोबार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी दोनों में कमजोरी देखने को मिली। इसकी सबसे बड़ी वजह निवेशकों की मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती मानी जा रही है। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी बाजार की चाल को प्रभावित किया है।

कमोडिटी बाजार में आज फिर हलचल देखने को मिल रही है। सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एक तरफ अमेरिकी डॉलर मजबूत हो रहा है वहीं दूसरी तरफ कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार पर दबाव बना रही हैं। ऐसे माहौल में निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर सोने-चांदी में अभी खरीदारी करनी चाहिए या थोड़ा इंतजार करना बेहतर होगा। मंगलवार के कारोबार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी दोनों में कमजोरी देखने को मिली। इसकी सबसे बड़ी वजह निवेशकों की मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती मानी जा रही है। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी बाजार की चाल को प्रभावित किया है।
आज सुबह करीब 10:30 बजे MCX पर जून वायदा सोना 207 रुपए की गिरावट के साथ 1,53,736 रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। यह गिरावट करीब 0.13 फीसदी की रही। निवेशकों ने हाल के तेज उछाल के बाद मुनाफा बुक करना शुरू किया जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ गया। विशेषज्ञों का मानना है कि जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है तो सोना कमजोर पड़ने लगता है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की खरीद-बिक्री डॉलर में होती है। ऐसे में डॉलर महंगा होने पर सोना निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाता है।
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई। MCX पर मई वायदा चांदी 1,620 रुपए टूटकर 2,50,925 रुपए प्रति किलो के आसपास कारोबार करती दिखी। इसमें करीब 0.64 फीसदी की कमजोरी रही। चांदी पर भी वही दबाव देखने को मिल रहा है जो सोने पर है। निवेशकों की सतर्कता, डॉलर की मजबूती और वैश्विक तनाव के कारण चांदी में भी उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भी सोने-चांदी के बाजार को प्रभावित कर रही हैं। फिलहाल ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल का कारोबार डॉलर में होता है इसलिए तेल महंगा होने पर डॉलर की मांग बढ़ती है। इसका सीधा असर सोने और चांदी पर पड़ता है। फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद से सोने की कीमतों में करीब 9 फीसदी और चांदी में लगभग 14 फीसदी की गिरावट देखी जा चुकी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच सीजफायर की संभावना कमजोर पड़ रही है। वहीं खबर यह भी है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान रवाना हो सकते हैं। ईरान भी शांति वार्ता पर विचार कर रहा है। इन घटनाओं का असर सीधे कमोडिटी बाजार पर दिखाई दे रहा है क्योंकि वैश्विक तनाव बढ़ते ही निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर भागते हैं।
आज कॉपर, क्रूड ऑयल और नैचुरल गैस में भी हलचल देखने को मिली। कॉपर अप्रैल वायदा हल्की कमजोरी के साथ 1,268.85 रुपए पर कारोबार करता दिखा। वहीं क्रूड ऑयल मई वायदा 79 रुपए टूटकर 8,105 रुपए के करीब पहुंच गया। नैचुरल गैस अप्रैल वायदा भी 248.90 रुपए के स्तर पर कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया। यानी केवल सोना-चांदी ही नहीं पूरी कमोडिटी मार्केट आज दबाव में दिखाई दे रही है।
पृथ्वी फिनमार्ट के विशेषज्ञ मनोज कुमार जैन के अनुसार आज गोल्ड और जिंक में खरीदारी के अच्छे मौके बन सकते हैं। उनका मानना है कि MCX गोल्ड जून कॉन्ट्रैक्ट में 1,52,800 रुपए के आसपास खरीदारी की जा सकती है। इसके लिए 1,51,600 रुपए का स्टॉप लॉस और 1,55,000 रुपए का लक्ष्य रखा गया है। वहीं जिंक अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट में 338 रुपए के आसपास खरीदारी की सलाह दी गई है। इसमें 334 रुपए का स्टॉप लॉस और 346 रुपए का टारगेट रखा गया है।
ऐसे समय में जल्दबाजी से बचना सबसे जरूरी है। बाजार में उतार-चढ़ाव लगातार बना हुआ है इसलिए सोच-समझकर ही निवेश करना चाहिए। अगर आप कमोडिटी बाजार में नए हैं तो एक्सपर्ट की सलाह के बिना बड़ा निवेश करने से बचें। फिलहाल सोना-चांदी दोनों ही दबाव में हैं लेकिन सही स्तर पर खरीदारी आगे अच्छा फायदा भी दे सकती है। इसलिए बाजार की चाल पर नजर बनाए रखना बेहद जरूरी है।
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