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Gold Rate Today: शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट के बीच एक बार फिर कीमती धातुओं ने निवेशकों का ध्यान खींच लिया है। पिछले कुछ दिनों की गिरावट के बाद अब सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। वहीं चांदी की चाल इसके उलट नजर आ रही है जहां दामों में गिरावट दर्ज की गई है।

Gold Rate: शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट के बीच एक बार फिर कीमती धातुओं ने निवेशकों का ध्यान खींच लिया है। पिछले कुछ दिनों की गिरावट के बाद अब सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। वहीं चांदी की चाल इसके उलट नजर आ रही है जहां दामों में गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक बाजार में चल रही हलचल का सीधा असर भारत के सराफा बाजार पर भी दिख रहा है।
भारत के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 154200 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं मुंबई में यह 154050 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। कोलकाता और हैदराबाद जैसे शहरों में भी यही रुझान देखने को मिला है जहां कीमतें लगभग समान स्तर पर बनी हुई हैं। 22 कैरेट सोने की बात करें तो दिल्ली और जयपुर में यह 141360 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद में यह थोड़ा कम यानी 141210 रुपये के आसपास दर्ज किया गया है।
सोने की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव सिर्फ घरेलू कारणों से नहीं है बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी बड़ा असर है। वैश्विक स्तर पर हाजिर सोना करीब 4,708 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही राजनीतिक हलचल और तनाव में बदलाव की उम्मीदों ने भी बाजार को प्रभावित किया है। हालांकि अभी स्थिति पूरी तरह स्थिर नहीं है लेकिन बातचीत की संभावनाओं ने निवेशकों की नजरें एक बार फिर सोने की ओर मोड़ दी हैं।
जहां सोना मजबूत हुआ है वहीं चांदी के बाजार में कमजोरी देखने को मिली है। दिल्ली सराफा बाजार में चांदी की कीमत में करीब 3,000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। अब इसका भाव लगभग 2,47,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास आ गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी का रुख कमजोर ही बना हुआ है और यह करीब 75 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है। इससे साफ है कि निवेशकों का झुकाव फिलहाल सोने की ओर ज्यादा है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में और हल्की तेजी या स्थिरता देखने को मिल सकती है। हालांकि यह पूरी तरह वैश्विक घटनाओं और डॉलर की चाल पर निर्भर करेगा। चांदी में फिलहाल दबाव बना रह सकता है लेकिन लंबी अवधि में इसमें सुधार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में निवेशकों के लिए यह समय थोड़ा सावधानी से कदम उठाने का है।
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