सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, जानें आज का मार्केट अपडेट
Stock Market: आज भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 673 अंक गिरकर 77,532 के स्तर पर आ गया वहीं निफ्टी 24,070 के नीचे चला गया।

आज भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 673 अंक गिरकर 77,532 के स्तर पर आ गया वहीं निफ्टी 24,070 के नीचे चला गया। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव
भारतीय शेयर बाजार में सबसे बड़ा दबाव विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली से आया। 10 मार्च को FIIs ने लगभग 4,673 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। मार्च महीने में अब तक विदेशी निवेशक करीब 32,849 करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं। जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वीके विजयकुमार के अनुसार, पिछले एक साल से यह रुझान बना हुआ है। FIIs की बिकवाली को DIIs की खरीदारी संतुलित कर रही है। उनके अनुसार इक्विटी म्यूचुअल फंड से आने वाला कैश फ्लो निकट भविष्य में बाजार को सहारा दे सकता है।
मुनाफावसूली ने बढ़ाया दबाव
पिछले सत्र में बाजार में तेजी देखने के बाद निवेशकों ने कुछ शेयरों में मुनाफावसूली की। इससे आज सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट आई। सेक्टोरल स्तर पर ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, आईटी और FMCG सेक्टर के शेयर कमजोर दिखे। निफ्टी 50 में कोटक महिंद्रा बैंक, SBI लाइफ, बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस के शेयरों में लगभग 1% गिरावट आई। इसके अलावा भारती एयरटेल और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।
मिडिल ईस्ट से मिले-जुले संकेतों का असर
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। हालाँकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए कि यह संघर्ष जल्दी समाप्त हो सकता है लेकिन दोनों तरफ से हमले जारी हैं। इस विरोधाभासी स्थिति ने बाजार में अनिश्चितता पैदा की और निवेशक सतर्क हो गए। खासकर मिडिल ईस्ट की खबरों से मार्केट मूवमेंट प्रभावित हुआ।
चार्ट्स और तकनीकी संकेत
निफ्टी फिलहाल एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। वर्तमान में पहला सपोर्ट 24,100 पर है जबकि मजबूत सपोर्ट 24,000 माना जा रहा है। ऊपर की ओर निफ्टी के लिए 24,400–24,500 का रेजिस्टेंस स्तर है और यदि यह मजबूती से इस रेजिस्टेंस को पार करता है तो इंडेक्स 24,600–24,700 तक बढ़ सकता है। हालांकि, अगर निफ्टी सपोर्ट लेवल के ऊपर टिक नहीं पाता तो बाजार में कम समय में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में सतर्कता बनाए रखना जरूरी है। FIIs की बिकवाली, मुनाफावसूली और मिडिल ईस्ट की अनिश्चितता को ध्यान में रखते हुए निवेशक संवेदनशील शेयरों में रुक-रुक कर निवेश कर सकते हैं।
फिलहाल बाजार की दिशा विदेशी निवेश, वैश्विक तनाव और तकनीकी स्तरों पर निर्भर करेगी।
डिस्क्लेमरः चेतना मंच यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।
आज भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 673 अंक गिरकर 77,532 के स्तर पर आ गया वहीं निफ्टी 24,070 के नीचे चला गया। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव
भारतीय शेयर बाजार में सबसे बड़ा दबाव विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली से आया। 10 मार्च को FIIs ने लगभग 4,673 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। मार्च महीने में अब तक विदेशी निवेशक करीब 32,849 करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं। जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वीके विजयकुमार के अनुसार, पिछले एक साल से यह रुझान बना हुआ है। FIIs की बिकवाली को DIIs की खरीदारी संतुलित कर रही है। उनके अनुसार इक्विटी म्यूचुअल फंड से आने वाला कैश फ्लो निकट भविष्य में बाजार को सहारा दे सकता है।
मुनाफावसूली ने बढ़ाया दबाव
पिछले सत्र में बाजार में तेजी देखने के बाद निवेशकों ने कुछ शेयरों में मुनाफावसूली की। इससे आज सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट आई। सेक्टोरल स्तर पर ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, आईटी और FMCG सेक्टर के शेयर कमजोर दिखे। निफ्टी 50 में कोटक महिंद्रा बैंक, SBI लाइफ, बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस के शेयरों में लगभग 1% गिरावट आई। इसके अलावा भारती एयरटेल और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।
मिडिल ईस्ट से मिले-जुले संकेतों का असर
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। हालाँकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए कि यह संघर्ष जल्दी समाप्त हो सकता है लेकिन दोनों तरफ से हमले जारी हैं। इस विरोधाभासी स्थिति ने बाजार में अनिश्चितता पैदा की और निवेशक सतर्क हो गए। खासकर मिडिल ईस्ट की खबरों से मार्केट मूवमेंट प्रभावित हुआ।
चार्ट्स और तकनीकी संकेत
निफ्टी फिलहाल एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। वर्तमान में पहला सपोर्ट 24,100 पर है जबकि मजबूत सपोर्ट 24,000 माना जा रहा है। ऊपर की ओर निफ्टी के लिए 24,400–24,500 का रेजिस्टेंस स्तर है और यदि यह मजबूती से इस रेजिस्टेंस को पार करता है तो इंडेक्स 24,600–24,700 तक बढ़ सकता है। हालांकि, अगर निफ्टी सपोर्ट लेवल के ऊपर टिक नहीं पाता तो बाजार में कम समय में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में सतर्कता बनाए रखना जरूरी है। FIIs की बिकवाली, मुनाफावसूली और मिडिल ईस्ट की अनिश्चितता को ध्यान में रखते हुए निवेशक संवेदनशील शेयरों में रुक-रुक कर निवेश कर सकते हैं।
फिलहाल बाजार की दिशा विदेशी निवेश, वैश्विक तनाव और तकनीकी स्तरों पर निर्भर करेगी।
डिस्क्लेमरः चेतना मंच यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।












