बुधवार को सरकारी बैंकों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 2% लुढ़क गया। इसकी सबसे बड़ी वजह सरकार का एफडीआई पर स्पष्ट बयान है जिसमें उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकारी बैंकों में विदेशी निवेश की सीमा 20% से बढ़ाकर 49% करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

शेयर बाजार में बुधवार को सरकारी बैंकों के निवेशकों के लिए बुरी खबर सामने आई। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 2 फीसदी गिर गया। सुबह से ही सरकारी बैंकों के शेयरों में बिकवाली शुरू हो गई थी और देखते ही देखते निवेशकों के चेहरे पर मायूसी छा गई। सुबह 10 बजे के करीब यह इंडेक्स 8,373.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
क्या है गिरावट की सबसे बड़ी वजह?
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह थी सरकार का एक बयान जिसने निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बाजार में पहले चर्चा थी कि सरकार सरकारी बैंकों में एफडीआई (FDI) की सीमा बढ़ा सकती है। अगर ऐसा होता तो विदेशी निवेश बढ़ता और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में तेजी देखने को मिलती। लेकिन वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल सरकारी बैंकों में एफडीआई की सीमा बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
असल में, अक्टूबर महीने में एक रिपोर्ट आई थी जिसमें दावा किया गया था कि सरकार पीएसयू बैंकों में विदेशी निवेश की सीमा 20 फीसदी से बढ़ाकर 49 फीसदी तक करने की योजना बना रही है। उस खबर के बाद शेयरों में जबरदस्त तेजी आई थी। लेकिन अब सरकार ने आधिकारिक रूप से इसे नकार दिया है जिससे जो लोग तेजी की उम्मीद में शेयर खरीद बैठे थे वे अब बेचने पर मजबूर हैं।
इस गिरावट का असर सिर्फ एफडीआई की खबर पर ही नहीं पड़ा। मंगलवार को भी सरकारी बैंकों के शेयरों में कमजोरी देखी गई थी। उस दिन खबर थी कि कुछ सरकारी बैंकों का आपस में विलय हो सकता है। लेकिन सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी तरह का विलय या समेकन प्रस्ताव उनके पास नहीं है। यानी दो दिन में दो बड़ी उम्मीदों को सरकार ने खारिज कर दिया।
इंडियन बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा, लगभग 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और इसका शेयर 826.20 रुपये पर आ गया। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के शेयरों में 3 फीसदी की कमजोरी आई वहीं बैंक ऑफ इंडिया के शेयर भी 2 फीसदी से ज्यादा नीचे गए। केनरा बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूको बैंक के शेयरों में भी करीब 2-2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई (SBI) और इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) के शेयर भी लगभग 1 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे थे।