आज का सोना और चांदी रेट, दिल्ली और मुंबई में कीमतों ने लगाई छलांग
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल आया है। दिल्ली और मुंबई के सर्राफा बाजारों में सोने का भाव 1.73 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर दिखाई देने लगा है। जैसे ही मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़े, निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाकर सोने और चांदी की ओर रुख कर लिया। नतीजा यह हुआ कि दिल्ली से लेकर मुंबई तक सर्राफा बाजारों में कीमतों ने तेज छलांग लगा दी। सोमवार का दिन कीमती धातुओं के लिए खासा गर्म रहा और बाजार में खरीदारी का माहौल साफ नजर आया।
दिल्ली सर्राफा बाजार में रिकॉर्ड तेजी
राष्ट्रीय राजधानी में सोना और चांदी दोनों के दामों में बड़ा उछाल देखा गया। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी की कीमत 2,68,000 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर सीधे 3,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। वहीं 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने का भाव भी 1,64,700 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,72,800 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। एक ही कारोबारी दिन में इतनी बड़ी बढ़त ने बाजार में हलचल मचा दी।
मुंबई के वायदा बाजार में उतार-चढ़ाव
मुंबई स्थित मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में भी दिन भर जोरदार गतिविधि रही। सोने की कीमतों में अच्छी तेजी देखने को मिली और कारोबार के दौरान दाम 1,69,880 रुपये तक पहुंच गए। हालांकि बाजार बंद होते समय सोना 1,66,074 रुपये पर बंद हुआ, जो फिर भी पिछले स्तर से काफी ऊपर था। दूसरी ओर चांदी ने दिन में मजबूती दिखाई लेकिन आखिरी समय में मुनाफावसूली के चलते गिरावट के साथ बंद हुई और 2,78,481 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। इससे साफ है कि वायदा बाजार में अभी अस्थिरता बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी असर
केवल भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी की चमक बढ़ी है। हाजिर सोना 2 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर करीब 5,400 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया जो दो महीने का उच्च स्तर बताया जा रहा है। चांदी की कीमतों में भी बढ़त दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर निवेशकों का भरोसा सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा है जिसका सीधा फायदा कीमती धातुओं को मिला है।
तनाव की असली वजह क्या है?
इस तेजी की जड़ मिडिल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान पर अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों के बाद हालात और ज्यादा गंभीर हो गए। इसके जवाब में ईरान ने भी कई जगहों पर कार्रवाई शुरू की जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई। जब भी दुनिया में इस तरह की अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मानते हैं और यही वजह है कि कीमतों में अचानक तेजी देखने को मिलती है।
आगे क्या रह सकता है रुख?
जानकारों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में हालात सामान्य नहीं होते तब तक सोना-चांदी में मजबूती बनी रह सकती है। साथ ही अमेरिका के आर्थिक आंकड़े और वहां की केंद्रीय बैंक की नीतियां भी बाजार की दिशा तय करेंगी। ऐसे में आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है लेकिन फिलहाल बाजार का रुख तेजी की ओर दिखाई दे रहा है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर दिखाई देने लगा है। जैसे ही मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़े, निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाकर सोने और चांदी की ओर रुख कर लिया। नतीजा यह हुआ कि दिल्ली से लेकर मुंबई तक सर्राफा बाजारों में कीमतों ने तेज छलांग लगा दी। सोमवार का दिन कीमती धातुओं के लिए खासा गर्म रहा और बाजार में खरीदारी का माहौल साफ नजर आया।
दिल्ली सर्राफा बाजार में रिकॉर्ड तेजी
राष्ट्रीय राजधानी में सोना और चांदी दोनों के दामों में बड़ा उछाल देखा गया। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी की कीमत 2,68,000 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर सीधे 3,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। वहीं 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने का भाव भी 1,64,700 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,72,800 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। एक ही कारोबारी दिन में इतनी बड़ी बढ़त ने बाजार में हलचल मचा दी।
मुंबई के वायदा बाजार में उतार-चढ़ाव
मुंबई स्थित मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में भी दिन भर जोरदार गतिविधि रही। सोने की कीमतों में अच्छी तेजी देखने को मिली और कारोबार के दौरान दाम 1,69,880 रुपये तक पहुंच गए। हालांकि बाजार बंद होते समय सोना 1,66,074 रुपये पर बंद हुआ, जो फिर भी पिछले स्तर से काफी ऊपर था। दूसरी ओर चांदी ने दिन में मजबूती दिखाई लेकिन आखिरी समय में मुनाफावसूली के चलते गिरावट के साथ बंद हुई और 2,78,481 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। इससे साफ है कि वायदा बाजार में अभी अस्थिरता बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी असर
केवल भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी की चमक बढ़ी है। हाजिर सोना 2 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर करीब 5,400 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया जो दो महीने का उच्च स्तर बताया जा रहा है। चांदी की कीमतों में भी बढ़त दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर निवेशकों का भरोसा सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा है जिसका सीधा फायदा कीमती धातुओं को मिला है।
तनाव की असली वजह क्या है?
इस तेजी की जड़ मिडिल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान पर अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों के बाद हालात और ज्यादा गंभीर हो गए। इसके जवाब में ईरान ने भी कई जगहों पर कार्रवाई शुरू की जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई। जब भी दुनिया में इस तरह की अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मानते हैं और यही वजह है कि कीमतों में अचानक तेजी देखने को मिलती है।
आगे क्या रह सकता है रुख?
जानकारों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में हालात सामान्य नहीं होते तब तक सोना-चांदी में मजबूती बनी रह सकती है। साथ ही अमेरिका के आर्थिक आंकड़े और वहां की केंद्रीय बैंक की नीतियां भी बाजार की दिशा तय करेंगी। ऐसे में आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है लेकिन फिलहाल बाजार का रुख तेजी की ओर दिखाई दे रहा है।












