
त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में खर्च बढ़ना आम बात है। ऐसे समय में कई लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्सनल लोन लेने का विकल्प चुनते हैं। लेकिन हर बार लोन मंजूर नहीं होता। बैंक और फिनटेक कंपनियां लोन देने से पहले कुछ अहम पहलुओं को बारीकी से परखती हैं। इन मानकों को समझने से आप न सिर्फ अपने लोन आवेदन को जल्दी मंजूरी दिला सकते हैं, बल्कि बेहतर ब्याज दरों और शर्तों का फायदा भी उठा सकते हैं। आइए जानते हैं वह 5 मुख्य बातें, जो लोन मंजूरी में निर्णायक भूमिका निभाती हैं। Personal Loan
बैंक और फिनटेक कंपनियां सबसे पहले यह जानना चाहती हैं कि आपकी आय कितनी स्थिर और नियमित है। इसका कारण साफ है—लेंडर चाहते हैं कि आप लोन की EMI समय पर चुका सकें। जितनी मजबूत आपकी आमदनी, उतनी आसानी से लोन मंजूर हो सकता है।
कर्मचारी: अगर आप एक ही कंपनी में 1-2 साल से काम कर रहे हैं, तो यह आपके पक्ष में जाता है और लोन स्वीकृति की संभावना बढ़ती है।
स्वरोजगार (Self-Employed): अपने व्यवसाय या आय का प्रमाण दिखाना जरूरी होता है। इसके लिए टैक्स रिटर्न, वित्तीय रिपोर्ट या बैंक स्टेटमेंट जरूरी साबित होते हैं।
सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि आपकी कमाई की स्थिरता और ट्रैक रिकॉर्ड भी लेंडर के लिए विश्वास का पैमाना होता है। यही कारण है कि अच्छी आमदनी और भरोसेमंद वित्तीय रिकॉर्ड वाले आवेदकों का लोन जल्दी मंजूर हो जाता है। Personal Loan
आपका क्रेडिट स्कोर लोन मिलने या न मिलने में निर्णायक भूमिका निभाता है। सामान्यतः 750 या उससे ऊपर का स्कोर आदर्श माना जाता है। यह दर्शाता है कि आपने पहले लिए गए कर्ज समय पर चुकाए हैं और वित्तीय तौर पर भरोसेमंद हैं। अगर आपके रिकॉर्ड में डिफॉल्ट, लेट पेमेंट या बार-बार लोन एप्लिकेशन जैसी चीजें हों, तो लोन स्वीकृति मुश्किल हो सकती है। इसलिए अपने क्रेडिट स्कोर को नियमित रूप से जांचना जरूरी है। साथ ही, अगर किसी रिपोर्ट में गलती हो तो तुरंत सुधार कराएं। याद रखें, मजबूत क्रेडिट स्कोर सिर्फ लोन मिलने में मदद नहीं करता, बल्कि बेहतर ब्याज दर और शर्तों पर लोन पाने का रास्ता भी खोलता है।
बैंक और फिनटेक कंपनियां लोन देने से पहले आपका Debt-to-Income Ratio (DTI) ध्यान से देखती हैं। यानी आपकी मासिक आय का कितना हिस्सा पहले से EMI में जा रहा है। अगर आपकी आय का 40-50% या उससे अधिक हिस्सा पहले से कर्ज चुका रहे हैं, तो नया लोन मिलने की संभावना कम हो जाती है। इस स्थिति में, पुराने कर्जों का समय पर भुगतान या उन्हें कंसॉलिडेट करना आपके पक्ष में जाता है। ऐसा करने से न केवल आपकी वित्तीय स्थिति मजबूत दिखती है, बल्कि लोन मंजूरी की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं।
बैंक और फिनटेक कंपनियां आवेदक की उम्र और भुगतान क्षमता को लोन मंजूरी में अहम मानती हैं। कम उम्र वाले आवेदक जिनके पास लंबी अवधि तक कमाई करने की क्षमता होती है, उन्हें कम जोखिम वाला माना जाता है। लेकिन अगर शुरुआती सालों में आपका वित्तीय रिकॉर्ड कमजोर या छोटा है, तो यह आपकी लोन मंजूरी पर नकारात्मक असर डाल सकता है। अधिकतर बैंक 21 से 60 वर्ष की आयु को लोन के लिए आदर्श मानते हैं। इसके अलावा, लोन की अवधि आमतौर पर रिटायरमेंट उम्र तक निर्धारित की जाती है, ताकि भुगतान का जोखिम न्यूनतम रहे। Personal Loan
आप किस कंपनी में काम करते हैं, यह भी लोन मंजूरी में निर्णायक भूमिका निभाता है। यदि आप किसी स्थिर और प्रतिष्ठित कंपनी में हैं, तो आपकी आवेदन प्रक्रिया तेज़ और सहज हो सकती है। इसके अलावा, डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) जैसी पेशेवर डिग्री या रेग्युलेटेड प्रोफेशन वाले आवेदकों को बैंक अधिक भरोसेमंद मानते हैं। Personal Loan