काश मेरे उपर भी कुछ असर हो जाता, चप्प्ल जूते पहनना छोड़ देने का ?
भारत
चेतना मंच
24 Oct 2022 05:14 PM
अंजना भागी
काश मेरे उपर भी कुछ असर हो जाता, चप्प्ल जूते पहनना छोड़ देने का ?
मेरा मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रदूम्म्न सिंह तोमर को शत शत नमन । जिनहोने ग्वालियर की सड़कों की मरम्मत न होने पर ये प्रण लिया की वे चप्पल जूता पहनना छोड़ देंगे । वे नंगे पाओं चलेंगे और तब तक चलेंगे जब तक की सड़कों की मरम्मत नहीं हो जाती । उन्होने गुरुवार 20 ओक्टोबर से जूते-चप्पल पहनने छोड़ भी दिए हैं . उन्होंने सड़कें न बनवा पाने पर शहर की जनता से माफी भी मांगी है. तोमर ने कहा- 'जब तक लक्ष्मण तलैया, गेंडेवाली सड़क और जेएएच की रोड चलने लायक नहीं बन जाएंगी, तब तक वे जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे.' मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर कभी नाले में उतरकर सफाई करने लगते हैं. कभी ट्रांसफार्मर ठीक करते हैं. कभी शौचालय की सफाई करते नजर आते हैं. अब वो ग्वालियर की सड़कों पर नंगे पांव घूम रहे हैं., वो अपने विधानसभा क्षेत्र का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे. वहां खराब सड़कों को देखकर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई. निर्माण कार्य धीमी गति से चलने पर संबंधित अधिकारियों पर नाराजगी जताई. साथ ही कहा कि सड़क न बनने के कारण आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।
काश मेरे उपर भी कुछ असर हो जाता, चप्प्ल जूते पहनना छोड़ देने का ?
मैं निंदा करती हूँ । नोएडा की रोड सेक्टर 49 से सेक्टर 48 को मिलाने वाला, सराय रोड पर व्यापार करने वाले व्यापारियों की । कभी ब्रेकिंग न्यूज़ देते हैं, बरोला और भंगेल के बीच बन रहे एलिवेटेड रोड के बीच बड़ा हादसा होते-होते टला l कभी कार्य करते हुए ऊपर से लोहे का कोई सामान नीचे गाड़ी पर आ गिरा और पर गाड़ी चालक अफजाल बाल-बाल बचा l आप ही का कहना है की एक तरफ तो प्राधिकरण यूपी में नोएडा को नंबर वन घोषित करने पर तुली हुई है, दूसरी ओर मेन रोड के ऊपर पिलर नंबर 41 बरोला सेक्टर 49 में प्रतिदिन इतना कूड़ा रहता है जिससे अनेक प्रकार की बीमारियां फैलने का डर बना रहता है l मेँ पूछती हूँ कि कूड़े की बीमारियों से डर है आपको ? ये जो हर दम गंदी धूल फांक रहे हो ये आपकी सेहत बना रही है क्या ? या आपको सांस की बीमारियों का रोगी ?
काश मेरे उपर भी कुछ असर हो जाता, चप्प्ल जूते पहनना छोड़ देने का ?
विकास जैन प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल का मानना है की हम सब व्यापारी एक हैं । नो डाउट आप हैं एक! कोई उत्सव स्वागत हो, आप सब से आगे स्वागत करता होते हैं । यहाँ तक की खून देने की आवश्यकता हो तो उसमें भी आप पीछे नहीं रहते । ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर करीब 6 महीने पहले जनता की समस्या सुनने के लिए पदयात्रा निकाल चुके हैं. 52 साल के तोमर 41 डिग्री तापमान में रोजाना 20 से 22 किलोमीटर पैदल चले थे । 75 किलोमिटर की इस पदयात्रा में वे तेज धूप के बीच लोगों की समस्याएं सुनते रहते हैं । आप क्या खाक एक हैं ? क्या सारे व्यापारियों ने कभी नंगे पाँव नोएडा की सड़कों पर पैदल चलकर यात्रा निकाली ? माना उत्तर प्रदेश परिवहन बहुत व्यस्त है पर आप सब तो पिछले 4,5 साल से चलते इस निर्माण कार्य के कारण खाली ही हैं न?
काश मेरे उपर भी कुछ असर हो जाता, चप्प्ल जूते पहनना छोड़ देने का ?
पिछले चार पाँच साल से ऑनलाइन बाजार जबरदस्त प्रॉफिट में है परंपरागत बाजार समाप्ति की ओर अग्रसर हैं l कारण उत्तर प्रदेश बरौला में सालों से बन रहा फ्लाईओवर और दूसरी और पार्किंग माफिया दोनों ही नोएडा के व्यापारियों को धूल चटा रहे हैं। इसके लिए व्यापारियों ने नोएडा अथॉरिटी क्या ? किस किस को ज्ञापन नहीं दिया या सोंपा। इस क्षेत्र के व्यापारी तो व्यापारी टेंपू ई- रिक्शा चालकों ने भी फरियाद की हैं? क्या आपको पता है कि अमेरीकन प्रेसिडेंट जॉन कैनेडी का क्या कहना था ‘अमरीका अमीर है, इस लिए नहीं कि वहाँ की सड़कें अच्छी सुरक्शित हैं, बल्कि अमरीका की सडकें अच्छी पक्की तथा सुरक्शित हैं इसलिए अमरीका, एक अमीर देश है । हमारे देश के बड़े बड़े मंत्रियों तक को ये सब पता है । सिर्फ यहाँ के व्यापारियों को ही नहीं पता तभी तो में इन बरोला वालों की निंदा करती हूँ बैठे रहो धूल में ।
काश मेरे उपर भी कुछ असर हो जाता, चप्प्ल जूते पहनना छोड़ देने का ?
जहां उत्तर प्रदेश में साल के 20 से 21000 हजार तक लोग सड़क दुर्घटनाओं में स्वर्गगामी हो जाते हैं । वहीं यहाँ इस झूला सी सड़क से बाउंड्री तक आते हुए कितने हादसे होते हैं कि करते रहो गिनती । भैये, ये काबलियत हमारे टेमपु बस चालकों की ही है जो रोज ही इन सडकों पर अपनी जान हथेली पर रख तथा रोज-मररा रोजी कमाने वालों की जान अपनी हथेली पे ले इन सडकों पर चल के भी नोएडा को शो विंडो की श्रेणी में रखे हैं। इतना रिविन्यू उत्तर प्रदेश सरकार को देते हैं । इस बनते हुए फ़्लाइओवर का मजा इन दो सालों मेँ दो सिर्फ दो ही तबके के लोग तो ले रहे हैं एक तो शराबी और जुआरी । पियो और पड़े रहो कहीं भी किसी बने हुए पिल्लर या गड्ढे की आड़ में । जुआ भी कभी कभी खेल लो कोंन आएगा जान पर खेल तुम्हें पकड़ने। दूसरा वहाँ के सफाई कर्मचारी चारों तरफ वहाँ है ही क्या ? धूल, कूड़ा, टूटी सडक मिट्टी अब तो सडकों तक फैला है टूटे नाले का पानी। ये तो अच्छा है की लोगों की डेंगु के लिए प्रतिरोध क्षमता अब बढ चुकी है।
काश मेरे उपर भी कुछ असर हो जाता, चप्प्ल जूते पहनना छोड़ देने का ?
खैर भला हो सबसे बड़ी संस्था इंडियन रोड काँग्रेस का । 22 नवम्बर कौन सा दूर है । जिनका वादा है, उत्तर प्रदेश सरकार से, पूरी सड़कें पक्की करा देने का । नहीं तो क्या है ? और इंतजार कर लेना । व्यापारियों को अगर कामयाब होना है तो उसका एक ही रास्ता है कि सब व्यापारी संगठित रहो और इंतजार करो । व्यापारियों को एक होना ही पड़ेगा, यानी के यदि कभी यू. पी के परिवाहन मंत्री जी को भी क्रोध आ जाये उत्तर प्रदेश की परिवहन व्यवस्था पर तो ऐ व्यापारियों आप सबको को मजबूत होना पड़ेगा और अन्याय के विरुद्ध आप सबको भी आवाज उठानी होगी । यानि चाहे जूते चप्पल उतार ......क्योंकि यदि इस फ़्लाइ ओवर को बनाने की बात पूरी हो गई तो.... बरोला शराब के ठेके के पास खुले में शराब पीने जुआ खेलने कूड़े की शिकायत से तो छुटकारा मिलेगा ही आगे इनहेलर इस्तेमाल नहीं करने पड़ेंगे का भरोसा भी । बाकी इच्छा आपकी।