8th Pay Commission: सुझाव देने की डेडलाइन बढ़ी, अब ऐसे भेजें अपनी राय

केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स और अन्य हितधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। 8वें वेतन आयोग से जुड़े सुझाव भेजने की समय सीमा बढ़ा दी गई है, जिससे अब अधिक लोगों को अपनी राय रखने का मौका मिलेगा।

8th Pay Commission अपडेट
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locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar21 Mar 2026 10:52 AM
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8th Pay Commission : केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स और अन्य हितधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। 8वें वेतन आयोग से जुड़े सुझाव भेजने की समय सीमा बढ़ा दी गई है, जिससे अब अधिक लोगों को अपनी राय रखने का मौका मिलेगा। सरकार इस समय वेतन, पेंशन और भत्तों से जुड़ी नई नीतियों पर काम कर रही है और इसी क्रम में 18 बिंदुओं वाली प्रश्नावली के जरिए सुझाव मांगे गए हैं। पहले इन जवाबों की अंतिम तिथि 16 मार्च थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दिया गया है। ऐसे में कर्मचारी, पेंशनभोगी और अन्य संबंधित पक्ष अतिरिक्त समय के साथ अपने सुझाव दर्ज करा सकेंगे। आयोग को मिलने वाले ये फीडबैक भविष्य की वेतन संरचना, पेंशन व्यवस्था और भत्तों से जुड़े फैसलों को आकार देने में अहम भूमिका निभाएंगे।

18 सवालों वाली प्रश्नावली के जरिए मांगी गई राय

सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए 18 प्रश्नों का एक विस्तृत प्रारूप जारी किया है। इस प्रश्नावली का उद्देश्य अलग-अलग वर्गों से सुझाव लेकर नीतियों को ज्यादा व्यवहारिक और व्यापक बनाना है। इच्छुक लोग 31 मार्च 2026 तक इन सभी सवालों के जवाब ऑनलाइन दे सकते हैं।

MyGov पर उपलब्ध है प्रश्नावली

8वें वेतन आयोग की प्रश्नावली भरने के लिए MyGov पोर्टल पर जाना होगा। इसके लिए इच्छुक व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी के माध्यम से लॉगिन कर सकते हैं। लॉगिन प्रक्रिया OTP के जरिए पूरी होगी। इसके बाद वे प्रश्नावली भरकर अपने सुझाव जमा कर सकते हैं।

कौन-कौन भेज सकता है सुझाव?

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की इस प्रक्रिया में कई श्रेणियों के लोग और संस्थाएं भाग ले सकती हैं। इनमें मंत्रालयों और विभागों के कर्मचारी, केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी, न्यायिक अधिकारी, अदालतों के कर्मचारी, नियामक निकायों के सदस्य, सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के संघ व यूनियन, पेंशनर्स, शोधकर्ता, शिक्षाविद और अधिकृत नोडल या उप-नोडल अधिकारी शामिल हैं।

आयोग ने साफ किया है कि सुझाव केवल MyGov पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। कागज पर भेजे गए जवाब, ईमेल से भेजी गई राय या PDF फाइल के रूप में जमा किए गए सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

जो लोग 8वें वेतन आयोग के लिए अपनी सिफारिश या राय देना चाहते हैं, उन्हें MyGov पोर्टल पर जाकर पहले लॉगिन या साइन अप करना होगा। इसके लिए मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी का उपयोग किया जा सकता है। इसके बाद 6 अंकों का OTP दर्ज करना होगा। सत्यापन पूरा होने के बाद 18 प्रश्नों वाली प्रश्नावली खुलेगी, जिसमें जवाब भरकर सब्मिट किया जा सकता है। आयोग के अनुसार, जवाब देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। प्रश्नावली के जवाबों का विश्लेषण सामूहिक रूप से किया जाएगा और किसी व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।

8वें वेतन आयोग का दायरा क्या है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग की घोषणा की थी। इसके बाद 3 नवंबर 2025 को वित्त मंत्रालय ने इसे औपचारिक रूप से अधिसूचित किया। सरकार पहले ही आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को मंजूरी दे चुकी है। इन शर्तों के तहत आयोग को केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, पेंशन और अन्य भत्तों में संशोधन के लिए अपनी सिफारिशें देने हेतु 18 महीने का समय दिया गया है।

आयोग में कौन-कौन हैं शामिल?

8वें वेतन आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। वहीं प्रो. पुलक घोष और पंकज जैन इसके अन्य सदस्य हैं। यह समिति केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए नई सिफारिशें तैयार करेगी। 8th Pay Commission

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PF निकालना हुआ आसान! ₹5 लाख तक का क्लेम अब अपने आप होगा सेटल

देश के करोड़ों कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े सदस्यों और पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने संसद में EPFO 3.0 को लेकर अहम जानकारी साझा की है। सरकार का कहना है कि यह नया डिजिटल ढांचा EPFO की सेवाओं को पहले से ज्यादा तेज, सरल और लगभग पेपरलेस बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

EPFO 3.0 की बड़ी राहत
EPFO 3.0 की बड़ी राहत
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Mar 2026 04:02 PM
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EPFO : देश के करोड़ों कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े सदस्यों और पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने संसद में EPFO 3.0 को लेकर अहम जानकारी साझा की है। सरकार का कहना है कि यह नया डिजिटल ढांचा EPFO की सेवाओं को पहले से ज्यादा तेज, सरल और लगभग पेपरलेस बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि EPFO 3.0 का उद्देश्य कामकाज को आसान बनाना, कागजी प्रक्रिया को कम करना और सदस्यों को एक ही प्लेटफॉर्म पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था से क्लेम सेटलमेंट में तेजी आएगी, ट्रांसफर प्रक्रिया आसान होगी और नियोक्ता पर निर्भरता भी घटेगी। आइए जानते हैं EPFO 3.0 के तहत हुए 5 बड़े बदलाव और उनका आम कर्मचारियों व पेंशनर्स पर क्या असर पड़ेगा।

सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम से 70 लाख पेंशनर्स को राहत

EPFO 3.0 के सबसे बड़े बदलावों में सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) की शुरुआत शामिल है। सरकार के अनुसार यह व्यवस्था 1 जनवरी 2025 से देशभर के सभी EPFO दफ्तरों में पूरी तरह लागू हो चुकी है। इस नई व्यवस्था के तहत अब पेंशन भुगतान एक केंद्रीकृत सिस्टम से किया जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि पेंशनर्स देश के किसी भी हिस्से में स्थित किसी भी शेड्यूल्ड बैंक की शाखा से अपनी पेंशन प्राप्त कर सकते हैं। हर महीने 70 लाख से अधिक पेंशनर्स को इस सुविधा का लाभ मिल रहा है। सरकार का दावा है कि इस सिस्टम से पेंशन भुगतान में होने वाली देरी और तकनीकी त्रुटियों में कमी आई है, जिससे पेंशनधारकों को समय पर रकम मिलना आसान हुआ है।

5 लाख रुपये तक के क्लेम अब खुद-ब-खुद होंगे सेटल

EPF सदस्यों के लिए सबसे बड़ी राहत ऑटो-सेटलमेंट की बढ़ी हुई सीमा के रूप में सामने आई है। पहले जहां 1 लाख रुपये तक के दावे स्वत: निपटाए जाते थे, वहीं अब यह दायरा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। यानी अब खाताधारकों को अपने पैसे के लिए लंबी प्रक्रिया, कागजी झंझट और इंतजार की परेशानी पहले से काफी कम झेलनी पड़ेगी। सरकार के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में 25 फरवरी तक 5 लाख रुपये तक के 3.52 करोड़ से ज्यादा दावों का ऑटोमैटिक सेटलमेंट किया जा चुका है। यही नहीं, करीब 71.37 फीसदी एडवांस क्लेम्स ऑटो मोड में प्रोसेस हुए और इस पूरी व्यवस्था के तहत लगभग 51,620 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया गया। साफ है कि EPFO की यह नई डिजिटल व्यवस्था सिर्फ प्रक्रिया नहीं बदल रही, बल्कि क्लेम निपटाने की रफ्तार और भरोसे दोनों को मजबूत कर रही है।

नौकरी बदलने पर PF ट्रांसफर अब होगा आसान.

नौकरी बदलते समय PF ट्रांसफर की झंझट अब काफी हद तक खत्म होती नजर आ रही है। EPFO 3.0 के तहत इस पूरी प्रक्रिया को पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज और कम कागजी बनाया गया है। 19 जनवरी 2025 से लागू नई व्यवस्था के बाद ज्यादातर मामलों में ट्रांसफर क्लेम मैन्युअली दाखिल करने की जरूरत नहीं पड़ती। जिन खातों का KYC पूरा है, उनमें कई मामलों में नियोक्ता की मंजूरी की अनिवार्यता भी हटा दी गई है। इतना ही नहीं, कई PF ट्रांसफर अब स्वत: शुरू हो जाते हैं, जिससे कर्मचारियों को नौकरी बदलने के बाद अपने फंड के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 70.5 लाख से अधिक ट्रांसफर क्लेम ऑटोमेटिक तरीके से शुरू किए गए, जबकि 21.39 लाख से ज्यादा ट्रांसफर बिना नियोक्ता के हस्तक्षेप के पूरे हुए। साफ है कि EPFO की यह नई व्यवस्था उन कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है, जो अब तक PF ट्रांसफर में देरी, कागजी औपचारिकताओं और एम्प्लॉयर अप्रूवल जैसी परेशानियों से जूझते रहे थे।

एमनेस्टी स्कीम 2025 से बढ़ा एनरोलमेंट

सरकार ने एम्प्लॉई एनरोलमेंट स्कीम 2025 की प्रगति को भी संसद में प्रमुखता से रखा और इसे संगठित सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाने की दिशा में अहम कदम बताया। इस योजना का मकसद ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को EPFO की औपचारिक व्यवस्था से जोड़ना है, ताकि वे भविष्य निधि और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं का लाभ उठा सकें। सरकार के मुताबिक, अब तक 4,815 संस्थान इस पहल से जुड़ चुके हैं और 39,000 से अधिक UAN जारी किए जा चुके हैं। वहीं, PM-VBRY योजना के तहत मिलने वाले लाभ मार्च 2026 से उपलब्ध होने लगेंगे, हालांकि इसके लिए कर्मचारियों को पात्रता की छह महीने की शर्त पूरी करनी होगी। माना जा रहा है कि यह पहल खासतौर पर उन कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आएगी, जो अब तक EPFO के औपचारिक ढांचे से बाहर थे या जिनका नामांकन किसी वजह से अटका हुआ था।

न्यूनतम पेंशन पर अभी नहीं मिला कोई नया फैसला

EPS के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग लंबे समय से उठती रही है, लेकिन फिलहाल सरकार ने इस मोर्चे पर कोई नया फैसला घोषित नहीं किया है। अभी Employees’ Pension Scheme के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये प्रति माह ही बनी हुई है। इस पेंशन फंड में नियोक्ता की ओर से 8.33 फीसदी और केंद्र सरकार की ओर से 1.16 फीसदी योगदान किया जाता है। सरकार का कहना है कि वह सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इसके साथ फंड की दीर्घकालिक मजबूती, भविष्य की वित्तीय जिम्मेदारियों और स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। यानी फिलहाल पेंशन बढ़ोतरी पर कोई राहत भरी घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सरकार ने यह जरूर संकेत दिया है कि इस मुद्दे को केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि वित्तीय संतुलन के नजरिए से भी देखा जा रहा है।

क्या है EPFO 3.0 का बड़ा संदेश?

EPFO 3.0 को केवल तकनीकी अपग्रेड नहीं, बल्कि कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सुविधा बढ़ाने वाले सुधार के रूप में देखा जा रहा है। क्लेम सेटलमेंट में तेजी, पेंशन भुगतान का केंद्रीकरण, आसान ट्रांसफर और कम कागजी कार्रवाई जैसे बदलाव इस दिशा में बड़ा संकेत हैं कि सरकार EPFO सेवाओं को ज्यादा डिजिटल और यूजर-फ्रेंडली बनाना चाहती है। आने वाले समय में अगर न्यूनतम पेंशन को लेकर भी कोई ठोस फैसला होता है, तो यह EPFO से जुड़े लाखों लोगों के लिए और बड़ी राहत साबित हो सकता है। EPFO

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ईद-उल-फितर पर बैंक छुट्टी कब? ग्राहकों के लिए आई जरूरी जानकारी

रमजान के आखिरी दिनों के साथ ही बैंक अवकाश को लेकर भी ग्राहकों की उलझन बढ़ गई थी। ईद का त्योहार चांद दिखने पर तय होता है, इसलिए इसकी तारीख हर साल बदल सकती है और यही वजह है कि बैंक छुट्टी को लेकर लोगों में भ्रम बना रहता है।

ईद बैंक अवकाश
ईद बैंक अवकाश
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Mar 2026 10:24 AM
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Bank Holiday : रमजान के आखिरी दिनों के साथ ही बैंक अवकाश को लेकर भी ग्राहकों की उलझन बढ़ गई थी। ईद का त्योहार चांद दिखने पर तय होता है, इसलिए इसकी तारीख हर साल बदल सकती है और यही वजह है कि बैंक छुट्टी को लेकर लोगों में भ्रम बना रहता है। अब भारतीय रिजर्व बैंक की हॉलिडे लिस्ट ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। मार्च 2026 में किस दिन और किन स्थानों पर बैंक बंद रहेंगे, इसकी जानकारी सामने आ चुकी है। 20 मार्च को ईद-उल-फितर, रमजान और जुमात-उल-विदा के अवसर पर कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में बैंक बंद रहेंगे। श्रीनगर और आंध्र प्रदेश के कुछ शहरों में इस दिन शाखा सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी।

20 मार्च को इन इलाकों में रहेगा बैंक अवकाश

20 मार्च 2026 को ईद-उल-फितर, रमजान और जुमात-उल-विदा के मौके पर देश के कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। इस दिन खासतौर पर श्रीनगर और आंध्र प्रदेश के कुछ शहरों में बैंकिंग कामकाज प्रभावित रहेगा। ऐसे में इन क्षेत्रों के ग्राहकों को शाखा जाकर लेन-देन या अन्य जरूरी काम कराने में दिक्कत आ सकती है।

21 मार्च को अधिकांश राज्यों में बंद रहेंगे बैंक

21 मार्च 2026 को ईद-उल-फितर के अवसर पर देश के ज्यादातर राज्यों में बैंक अवकाश घोषित किया गया है। इस दिन उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, बिहार, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, केरल, असम, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, गोवा, चंडीगढ़, मणिपुर, नगालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और सिक्किम समेत कई राज्यों में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। यानी देश के बड़े हिस्से में ग्राहकों को बैंक से जुड़ी शाखा सेवाएं नहीं मिलेंगी।

चांद दिखने पर तय होती है ईद की तारीख

ईद-उल-फितर का पर्व इस्लामी कैलेंडर के अनुसार शव्वाल का चांद नजर आने के बाद मनाया जाता है। यही कारण है कि हर साल ईद की तारीख में बदलाव की संभावना बनी रहती है। यदि 20 मार्च की शाम चांद दिखाई देता है, तो 21 मार्च को ईद मनाई जाएगी और उसी दिन बैंक अवकाश लागू होगा। छुट्टी को लेकर फैला भ्रम भी इसी वजह से सामने आया। मार्च 2026 में बैंक अवकाश की सूची अपेक्षाकृत लंबी रही है। इस महीने होली, धुलंडी, डोल जात्रा, याओसांग, छपचार कुट, शब-ए-कद्र, गुड़ी पड़वा, उगादी, तेलुगु नववर्ष, नवरात्रि, ईद-उल-फितर, श्रीराम नवमी और महावीर जयंती जैसे कई पर्वों के कारण अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं। ऐसे में ग्राहकों के लिए छुट्टियों की जानकारी पहले से रखना जरूरी हो जाता है।

ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह

हालांकि बैंक शाखाएं बंद रहने से काउंटर संबंधी कामकाज प्रभावित होगा, लेकिन डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी। ग्राहक UPI, मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग और एटीएम के जरिए पैसे ट्रांसफर करने, बिल भुगतान करने और अन्य जरूरी वित्तीय काम आसानी से निपटा सकेंगे। अगर आपको बैंक शाखा से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो छुट्टियों की सूची देखकर पहले से योजना बना लेना बेहतर रहेगा। इससे आखिरी समय की परेशानी से बचा जा सकेगा और जरूरी बैंकिंग काम समय पर पूरे हो सकेंगे। Bank Holiday

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