RBI ने जारी किया बड़ा अपडेट, अभी भी लोगों के पास 2000 रुपये के नोट

RBI ने 2000 रुपये के नोटों की वापसी पर ताज़ा अपडेट दिया है। 31 दिसंबर 2025 तक कुल नोटों का 98.41% लौट चुका है लेकिन अभी भी करीब ₹5,669 करोड़ मूल्य के नोट लोगों के पास हैं। दो महीने में सिर्फ ₹148 करोड़ के नोट वापस आए हैं। नोट अब भी वैध टेंडर हैं और RBI के कुछ कार्यालय या India Post के जरिए बदले जा

RBI
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locationभारत
userअसमीना
calendar04 Jan 2026 02:14 PM
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2000 रुपये के नोटों की वापसी को लेकर ताज़ा आंकड़े जारी किए हैं। साल 2023 में सर्कुलेशन से बाहर किए गए इन नोटों की पूरी वापसी अब तक नहीं हो सकी है। 31 दिसंबर 2025 तक कुल 3.56 लाख करोड़ रुपये के नोटों में से 98.41% वापस आ चुके हैं लेकिन अभी भी लगभग 5,669 करोड़ रुपये मूल्य के नोट लोगों के पास हैं।

दो महीने में सिर्फ ₹148 करोड़ वापस आए

RBI के आंकड़ों के मुताबिक, बीते दो महीनों में इन नोटों की वापसी बेहद धीमी रही है। 31 अक्टूबर 2025 को बाजार में 2000 रुपये के नोटों की मौजूदगी 5,817 करोड़ रुपये थी, जबकि 31 दिसंबर तक यह घटकर 5,669 करोड़ रुपये रह गई। यानी दो महीने में सिर्फ 148 करोड़ रुपये मूल्य के नोट ही वापस आए।

RBI ने नोटों को क्यों बंद किया था?

इन बड़े नोटों को 19 मई 2023 को सर्कुलेशन से बाहर करने का निर्णय लिया गया था। 2000 रुपये के नोट पहली बार साल 2016 में पेश किए गए थे जब देश में 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद किया गया था। RBI ने क्लीन नोट पॉलिसी (Clean Note Policy) के तहत इन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू की ताकि मार्केट में नोटों की सफाई और नया नोट वितरण बेहतर तरीके से हो सके।

अभी भी बदल सकते हैं नोट

2000 रुपये के नोट अब भी वैध हैं और RBI के पास बदलवाए जा सकते हैं। शुरुआत में नोटों को बदलने की सुविधा सभी बैंकों में थी लेकिन अब यह प्रक्रिया केवल RBI के 19 कार्यालयों तक सीमित कर दी गई है। इनमें अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, मुंबई, नई दिल्ली और अन्य शहर शामिल हैं। इसके अलावा, RBI ने इंडिया पोस्ट (India Post) के जरिए भी नोट बदलवाने की सुविधा दी हुई है।

निवेशक और आम लोग ध्यान दें

RBI ने स्पष्ट किया है कि सर्कुलेशन से बाहर किए गए नोट पूरी तरह से वैध टेंडर हैं। हालांकि, नोटों की वापसी की गति धीमी होने के कारण बड़े नोट अभी भी लोगों के पास हैं। यदि आपके पास 2000 रुपये के नोट हैं और आप उन्हें बदलना चाहते हैं तो अब भी RBI के कार्यालय या इंडिया पोस्ट के जरिए आसानी से यह किया जा सकता है।

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सोना-चांदी के दामों में हफ्तेभर की गिरावट, मार्केट अपडेट

Gold Silver Price: सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है। बीते एक हफ्ते में सोना 4000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 3000 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हुई है। निवेशक और खरीदार इस बदलाव को ध्यान से देख रहे हैं और मार्केट अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं।

Gold Rate Today
सोने का भाव क्या है
locationभारत
userअसमीना
calendar04 Jan 2026 01:54 PM
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नए साल की शुरुआत से पहले ही सोना और चांदी के रेट्स में गिरावट का सिलसिला तेज हो गया है। बीते एक हफ्ते में सोना 4000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा और चांदी 3000 रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई है। ऐसे में निवेशक और खरीदार दोनों ही इस बदलाव को ध्यान से देख रहे हैं।

सोने की कीमत में बड़ी गिरावट

बीते साल 2025 के आखिरी हफ्ते से सोने की कीमत में गिरावट शुरू हुई थी जो 2026 के पहले हफ्ते में भी जारी रही। Multi Commodity Exchange (MCX) के आंकड़ों के अनुसार, 26 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,39,873 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। लेकिन नए साल के पहले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यह गिरकर 1,35,752 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। सोने का लाइफ टाइम हाई MCX पर 1,40,456 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसके मुकाबले अब सोना अपने उच्च स्तर से 4,704 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया है।

घरेलू बाजार में भी गिरावट

MCX के आंकड़ों के अलावा घरेलू बाजार में भी सोने की कीमतों में कमी आई है। इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वेबसाइट के अनुसार, 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,37,956 रुपये से गिरकर 1,34,782 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई।

चांदी के दाम भी गिरे

चांदी के रेट्स में भी गिरावट जारी है। बीते एक हफ्ते में सिल्वर की कीमत 3,188 रुपये प्रति किलो तक कम हो गई है। 26 दिसंबर 2025 को चांदी की कीमत 2,39,787 रुपये प्रति किलो थी जो बीते शुक्रवार को 2,36,599 रुपये पर आ गई। चांदी का लाइफ टाइम हाई 2,54,174 रुपये प्रति किलो था। इसके मुकाबले अभी चांदी अपने उच्च स्तर से 17,575 रुपये प्रति किलो तक सस्ती मिल रही है।

निवेशकों और खरीदारों के लिए सुझाव

सोना और चांदी की कीमतों में यह गिरावट निवेशकों और खरीदारों के लिए एक अवसर भी पेश कर सकती है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा रहता है। इसलिए निवेश या खरीदारी करने से पहले कीमतों की लगातार निगरानी करना और सही समय का इंतजार करना जरूरी है।

(नोट- किसी भी कीमती धातु में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें।)

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निशाने पर सैकड़ों महिलाएं, जानिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का काला सच

AI का दुरुपयोग अब महिलाओं के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। डीपफेक और AI-जनित अश्लील कंटेंट के बढ़ते मामलों ने सरकार, महिला आयोग और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की चिंता बढ़ा दी है। इस आर्टिकल में जानिए कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

Deepfake Danger
महिलाओं पर डीपफेक का सबसे ज्यादा खतरा
locationभारत
userअसमीना
calendar04 Jan 2026 10:51 AM
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल अब सिर्फ तकनीकी उपकरण तक सीमित नहीं रहा। इसके दुरुपयोग ने महिलाओं और लैंगिक अल्पसंख्यकों के लिए गंभीर खतरे पैदा कर दिए हैं। डीपफेक और AI-जनित अश्लील कंटेंट के बढ़ते मामलों ने सरकार, महिला आयोग और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की चिंता बढ़ा दी है।

एक्स प्लेटफॉर्म और ग्रोक AI विवाद

भारत में हाल ही में X प्लेटफॉर्म के AI टूल Grok से जुड़ा अश्लील कंटेंट विवाद सामने आया है। इससे स्पष्ट हो गया है कि AI के दुरुपयोग ने ऑनलाइन उत्पीड़न का स्तर बढ़ा दिया है। केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर डिजिटल हमले तेजी से बढ़ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) भी इस पर गंभीर चिंता जता चुका है।

राष्ट्रीय महिला आयोग की चेतावनी

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने कहा है कि डीपफेक और AI-जनित कंटेंट मौजूदा साइबर कानूनों को कमजोर कर रहा है। आयोग ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि AI से बने फर्जी कंटेंट को अपराध घोषित किया जाए और सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही तय की जाए। एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया किशोर राहतकर ने कहा कि महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा के लिए कानूनों में तुरंत बदलाव होना चाहिए।

सरकार ने एक्स प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी किया

राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी द्वारा उठाए गए सवालों के बाद आईटी मंत्रालय ने एक्स को नोटिस जारी किया। मंत्रालय ने कहा कि ग्रोक AI टूल का दुरुपयोग महिलाओं के खिलाफ अश्लील कंटेंट बनाने में हो रहा है, जो आईटी एक्ट 2000 और IT Rules 2021 का उल्लंघन है। एक्स को 72 घंटे में सुधारात्मक कदम उठाने, आपत्तिजनक कंटेंट हटाने और नियम तोड़ने वाले यूजर्स के अकाउंट सस्पेंड या टर्मिनेट करने के निर्देश दिए गए हैं।

डीपफेक और ऑनलाइन उत्पीड़न का बढ़ता खतरा

अभिनेत्री गिरीजा ओक और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर कामिया बुच जैसे मामले इस खतरे को उजागर करते हैं। McAfee की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 75% लोग डीपफेक कंटेंट देखते हैं और लगभग 38% लोग इसका शिकार बनते हैं। 2020 से 2024 के बीच महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराधों में 118% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

समाधान और आगे की राह

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस खतरे से निपटने के लिए निचली अदालतों और साइबर सेल को सशक्त करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय करना और AI-जनित कंटेंट के नियम बनाना ही महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है।

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