Share Market Today: जैसे ही बाजार खुला निवेशकों की खरीदारी तेजी से बढ़ती नजर आई। कारोबार के शुरुआती घंटों में ही बाजार का माहौल पूरी तरह बदल गया और प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में पहुंच गए। इस तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौटा दी।

सप्ताह की शुरुआत में आई बड़ी गिरावट के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार वापसी की। जैसे ही बाजार खुला निवेशकों की खरीदारी तेजी से बढ़ती नजर आई। कारोबार के शुरुआती घंटों में ही बाजार का माहौल पूरी तरह बदल गया और प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में पहुंच गए। इस तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौटा दी।
कारोबार की शुरुआत में BSE Sensex अपने पिछले बंद 77,566 के स्तर से उछलकर करीब 78,375 तक पहुंच गया। यानी खुलते ही इसमें करीब 800 अंकों से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। वहीं Nifty 50 भी तेजी के साथ 24,000 के अहम स्तर को पार कर गया और लगभग 24,280 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में आई इस मजबूती ने यह संकेत दिया कि निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत हो रहा है।
मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली जिसका असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया। जापान का Nikkei 225 तेज बढ़त के साथ ऊपर चढ़ा जबकि हांगकांग का Hang Seng Index भी हरे निशान में कारोबार करता नजर आया। इसके अलावा दक्षिण कोरिया का KOSPI भी मजबूत उछाल के साथ आगे बढ़ा। एशियाई बाजारों में आई इस तेजी से वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा और इसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार की शुरुआत पर पड़ा।
शेयर बाजार की तेजी के पीछे एक बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भी रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude की कीमतों में करीब 6 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई जबकि West Texas Intermediate कच्चा तेल भी नीचे आया। भारत में Multi Commodity Exchange पर भी कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। तेल सस्ता होने से महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ती है जिससे शेयर बाजार को सपोर्ट मिलता है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच एक राहत भरी खबर भी सामने आई। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया कि ईरान के साथ चल रहा तनाव जल्द कम हो सकता है। हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई तय समयसीमा नहीं बताई लेकिन उनके बयान से यह उम्मीद जरूर जगी कि वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा। इसी वजह से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और बाजार में खरीदारी का माहौल बन गया।
बाजार में आई यह तेजी इस बात का संकेत है कि वैश्विक हालात में थोड़ी भी राहत मिलते ही निवेशकों का भरोसा तेजी से लौट आता है। हालांकि विशेषज्ञ अभी भी निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि अंतरराष्ट्रीय हालात और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आगे भी बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।