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इस हफ्ते प्राइमरी मार्केट में कोई बड़ा IPO नहीं खुल रहा है जिससे बाजार की रफ्तार धीमी नजर आ रही है। इसकी एक बड़ी वजह ग्लोबल माहौल है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, अंतरराष्ट्रीय तनाव और बाजार में जारी गिरावट ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर दिया है।

शेयर बाजार में इन दिनों उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है और इसका असर अब IPO मार्केट पर भी साफ दिखने लगा है। इस हफ्ते का कैलेंडर थोड़ा शांत जरूर है लेकिन पूरी तरह खाली नहीं है। बड़े निवेशकों के लिए भले कोई मेनबोर्ड IPO नहीं आया हो मगर SME सेगमेंट में हलचल बनी हुई है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब छोटे IPO और लिस्टिंग पर टिक गई है जहां मौके भी हैं और जोखिम भी।
इस हफ्ते प्राइमरी मार्केट में कोई बड़ा IPO नहीं खुल रहा है जिससे बाजार की रफ्तार धीमी नजर आ रही है। इसकी एक बड़ी वजह ग्लोबल माहौल है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, अंतरराष्ट्रीय तनाव और बाजार में जारी गिरावट ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर दिया है। लोग फिलहाल बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं और छोटे, सुरक्षित विकल्पों की तलाश में हैं।
SME प्लेटफॉर्म पर इस हफ्ते सबसे ज्यादा चर्चा Amba Auto के IPO की है। यह IPO 27 अप्रैल से खुलकर 29 अप्रैल तक निवेश के लिए उपलब्ध रहेगा। कंपनी करीब 65 करोड़ रुपये जुटाने की योजना में है और इसका प्राइस बैंड 130 से 135 रुपये रखा गया है। यह कंपनी ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में डीलर के तौर पर काम करती है और Bajaj Auto जैसे बड़े ब्रांड से जुड़ी हुई है। हालांकि, ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम फिलहाल शून्य के आसपास है जिससे संकेत मिलता है कि निवेशकों का उत्साह अभी सीमित है।
इस हफ्ते 30 अप्रैल को Adisoft Technologies के शेयर बाजार में एंट्री करेंगे। कंपनी के IPO को ठीक-ठाक रिस्पॉन्स मिला था लेकिन ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब 9% के आसपास है। इसका मतलब यह है कि लिस्टिंग पर बहुत बड़ा उछाल देखने को शायद न मिले। मौजूदा बाजार की स्थिति को देखते हुए निवेशक ज्यादा जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं जिसका असर लिस्टिंग पर भी दिख सकता है।
Leapfrog Engineering Services का IPO 27 अप्रैल को बंद हो रहा है। कंपनी लगभग 89 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है और इसका प्राइस बैंड 21-23 रुपये रखा गया है। हालांकि इसमें निवेश की न्यूनतम राशि ज्यादा है जिससे छोटे निवेशकों के लिए इसमें भाग लेना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। यह कंपनी EPC सेक्टर में काम करती है और कई इंडस्ट्री में सेवाएं देती है।
29 अप्रैल को Citius Transnet InvIT की लिस्टिंग होने जा रही है जिसे IPO के दौरान 10 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला था। हालांकि इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम अभी शून्य है जिससे संकेत मिलता है कि लिस्टिंग पर बहुत बड़ा मुनाफा तुरंत नहीं दिखेगा। यह InvIT सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर आधारित है और देश के कई राज्यों में फैले एसेट्स को मैनेज करता है। इसकी कमाई का मॉडल अपेक्षाकृत स्थिर माना जाता है इसलिए इसमें लंबी अवधि के निवेशक ज्यादा दिलचस्पी लेते हैं।
कुल मिलाकर यह हफ्ता IPO बाजार के लिए शांत जरूर है लेकिन पूरी तरह खाली नहीं है। SME सेगमेंट में कुछ मौके हैं लेकिन बाजार की अनिश्चितता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसे में अगर आप निवेश करने की सोच रहे हैं तो जल्दबाजी करने के बजाय थोड़ा धैर्य रखना और अच्छी तरह जानकारी लेकर फैसला लेना ज्यादा समझदारी होगी। आने वाले समय में अगर बाजार स्थिर होता है तो IPO मार्केट में फिर से रौनक लौट सकती है।
डिस्क्लेमर: यूजर्स को चेतना मंच की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
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