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Share Market Today: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 763 अंकों की गिरावट के साथ 73,480 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 255 अंक फिसलकर 23,111 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार खुलते ही लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली।

पश्चिम एशिया में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष का असर अब दुनिया भर के वित्तीय बाजारों पर दिखाई देने लगा है। रविवार देर रात ईरान द्वारा इजराइल पर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद वैश्विक निवेशकों में चिंता बढ़ गई। इसका सीधा असर आज सुबह भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाजार में आई इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। जानकारों का मानना है कि जब भी दुनिया के किसी बड़े क्षेत्र में युद्ध या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो निवेशक जोखिम लेने से बचते हैं और सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि भारतीय शेयर बाजार में भी भारी बिकवाली देखने को मिली।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार ने कमजोर शुरुआत की। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 763 अंकों की गिरावट के साथ 73,480 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 255 अंक फिसलकर 23,111 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार खुलते ही लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों ने तेजी से शेयर बेचना शुरू कर दिया जिसके कारण बाजार पर दबाव लगातार बढ़ता गया। शुरुआती कारोबार में ही यह साफ हो गया कि वैश्विक तनाव का असर भारतीय बाजार पर गहरा पड़ने वाला है।
शेयर बाजार में आई इस तेज गिरावट का सबसे बड़ा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप कुछ ही समय में करीब ₹4.42 लाख करोड़ घट गया। जहां 5 जून को सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग ₹461.10 लाख करोड़ था वहीं सोमवार को यह घटकर करीब ₹459.44 लाख करोड़ रह गया। इस गिरावट ने छोटे और बड़े दोनों तरह के निवेशकों को प्रभावित किया है।
सेंसेक्स में शामिल 30 बड़ी कंपनियों में से अधिकांश के शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। निवेशकों ने बैंकिंग, ऑटो, मेटल और फाइनेंस सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली की। टाटा मोटर्स डीवीआर, हिंडालको, इंडिगो और कई अन्य बड़े शेयरों में 2 से 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं बजाज फाइनेंस के शेयर भी 2 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। बाजार में फैले डर का असर लगभग हर बड़े सेक्टर पर दिखाई दिया।
हालांकि बाजार की इस भारी गिरावट के बीच कुछ सेक्टर ऐसे भी रहे जिन्होंने निवेशकों को थोड़ी राहत दी। फार्मा और आईटी सेक्टर के चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों ने अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाने वाले इन सेक्टरों की ओर रुख किया। सन फार्मा, टेक महिंद्रा और डॉ. रेड्डीज जैसी कंपनियों के शेयरों में हल्की बढ़त दर्ज की गई। जब बाजार के अधिकांश शेयर दबाव में थे तब इन कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन कर निवेशकों को कुछ राहत देने का काम किया।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक ईरान और इजराइल के बीच तनाव की स्थिति पर निर्भर करेगी। यदि हालात और बिगड़ते हैं तो वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है और भारतीय बाजार पर भी दबाव बना रह सकता है। वहीं अगर दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है तो बाजार में धीरे-धीरे स्थिरता लौट सकती है। फिलहाल निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया से आने वाली हर खबर पर बनी हुई है। यही कारण है कि आने वाले कुछ कारोबारी सत्र बाजार के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। चेतना मंच अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।
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