ईरान-इजरायल जंग से सोना-चांदी के भाव में उछाल, जानें आज का रेट

सोने और चांदी के भाव में रिकॉर्ड तेजी आई है। दिल्ली और मुंबई में गोल्ड-सिल्वर रेट लगातार बढ़ रहा है। कच्चे तेल के भाव में भी उछाल देखने को मिला है। शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट का दबाव बना हुआ है। मिडिल ईस्ट में तनाव निवेशकों के लिए चिंता का कारण बन रहा है।

Gold Price Today
सोने-चांदी के भाव में रिकॉर्ड बढ़त
locationभारत
userअसमीना
calendar02 Mar 2026 02:15 PM
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ईरान और इजरायल के बीच लगातार बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है। निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इसी के चलते सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है जबकि शेयर बाजार भारी गिरावट का सामना कर रहा है।

सोने और चांदी के भाव में उछाल

मल्टी कमोडिटी मार्केट में सोमवार को 10 ग्राम सोने की कीमत 4641 रुपये बढ़कर 1,66,745 रुपये पर पहुंच गई। यह 2.86 प्रतिशत की तेजी दर्शाता है। चांदी की कीमतें भी 8000 रुपये बढ़कर 2.91 लाख रुपये प्रति किलो हो गई हैं, जो 2.67 प्रतिशत की तेजी है। निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव के कारण ये रेट्स रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे हैं।

दिल्ली और मुंबई में गोल्ड-सिल्वर रेट

दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,73,240 रुपये प्रति 10 ग्राम और मुंबई में 1,73,090 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। केवल एक हफ्ते में 24 कैरेट सोने की कीमत 9430 रुपये बढ़ी है। 22 कैरेट सोने की कीमत भी 8550 रुपये की तेजी के साथ बढ़ी है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में रेट्स

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5,390 डॉलर प्रति औंस और चांदी 93.76 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास कारोबार कर रही है। वैश्विक तनाव और तेल आपूर्ति में व्यवधान की आशंका के कारण कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी आई है।

कच्चे तेल के भाव में तेजी

मिडिल ईस्ट तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत से अधिक उछाल आया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें 90-100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। तेल आपूर्ति और वैश्विक सप्लाई चैन में व्यवधान की वजह से भावों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

शेयर बाजार में भारी गिरावट

ईरान-इजरायल युद्ध के कारण भारतीय शेयर बाजार में भी भारी दबाव देखा गया। सेंसेक्स 1000 अंक से अधिक टूट गया और निफ्टी 300 अंक गिरकर कारोबार कर रहा है। एशियाई मार्केट में भी भारी गिरावट आई है। जापान का निक्केई 225 874.07 पॉइंट्स नीचे 57,976.20 पर खुला। चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 11.08 पॉइंट्स गिरकर 4,151.80 पर और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 2 प्रतिशत से ज्यादा नीचे कारोबार कर रहा है।

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मार्केट की उथल-पुथल के बीच Accord Shares का शानदार प्रदर्शन, बनाई अलग पहचान

Accord Transformer & Switchgear का IPO 2026 में BSE SME पर लिस्ट हुआ है। शेयर की शुरुआती कीमत ₹50 रही, जो IPO प्राइस ₹46 से 8.70% अधिक थी। IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और यह 357 गुना सब्सक्राइब हुआ।

Accord IPO
Accord IPO का निवेशकों पर असर
locationभारत
userअसमीना
calendar02 Mar 2026 12:25 PM
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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में 2 मार्च को शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट देखने को मिली। इसी समय Accord Transformer & Switchgear के शेयरों ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। कंपनी का IPO निवेशकों के बीच जबरदस्त हिट रहा और इसके शेयर BSE SME पर 8.70% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। शुरुआत में ₹46 के भाव पर जारी शेयरों की कीमत लिस्टिंग पर ₹50 पर पहुंची और बाद में ₹51 तक उछलकर निवेशकों को 10.87% का मुनाफा दे गया।

Accord Transformer & Switchgear IPO की सफलता

एकॉर्ड ट्रांसफॉर्मर एंड स्विचगियर का IPO 23-25 फरवरी तक खुला था। इसके तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 55.62 लाख नए शेयर जारी किए गए। IPO को कुल 357.37 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें QIB के लिए आरक्षित हिस्सा 153.01 गुना, NII का हिस्सा 606.02 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 367.59 गुना सब्सक्राइब हुआ। निवेशकों का यह जबरदस्त रिस्पांस कंपनी की मजबूत मांग और भरोसे को दर्शाता है।

IPO से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल

Accord Transformer & Switchgear ने IPO के ₹26 करोड़ में से पैसे के उपयोग के लिए साफ योजना बनाई है। इसमें ₹13.03 करोड़ मशीनरी और इक्विपमेंट की खरीदारी पर खर्च होंगे, ₹10.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल के लिए इस्तेमाल होंगे और बाकी राशि कंपनी के सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए रखी जाएगी।

कंपनी के प्रोडक्ट्स और कारोबार

वर्ष 2014 में स्थापित Accord Transformer & Switchgear ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (T&D), रिन्यूएबल एनर्जी, इंडस्ट्रियल एप्लीकेशंस, इंफ्रा प्रोजेक्ट्स और ईवी चार्जिंग नेटवर्क्स के लिए प्रोडक्ट्स तैयार करती है। कंपनी के पोर्टफोलियो में ट्रांसफॉर्मर्स, कंट्रोल पैनल और स्विचगियर्स शामिल हैं।

वित्तीय प्रदर्शन

कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा है। वित्त वर्ष 2023 में शुद्ध मुनाफा ₹87 लाख रहा, जो वित्त वर्ष 2024 में ₹1.61 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹6.05 करोड़ तक बढ़ गया। इस दौरान टोटल इनकम सालाना 37% CAGR से बढ़कर ₹79.20 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 (अप्रैल-दिसंबर 2025) में कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹2.91 करोड़ और टोटल इनकम ₹45.29 करोड़ रही। दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी पर कुल कर्ज ₹4.37 करोड़ था जबकि रिजर्व और सरप्लस ₹9.44 करोड़ रहे।

निवेशकों के लिए क्या सीख?

Accord IPO की लिस्टिंग ने दिखाया कि सही समय और मजबूत कंपनी का IPO निवेशकों के लिए लाभदायक हो सकता है। मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच भी अच्छे प्रोडक्ट और मजबूत वित्तीय सेहत वाली कंपनियों के शेयर निवेशकों के लिए आकर्षक रहते हैं।

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ईरान संकट का शेयर बाजार का ताजा अपडेट, निवेशकों को तगड़ा नुकसान

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1,400 अंकों तक लुढ़क गया और निवेशकों की संपत्ति में ₹8 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई। L&T, VA Tech Wabag और Kalpataru Projects जैसे मिडिल ईस्ट से जुड़े शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया।

Stock Market Today
सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
locationभारत
userअसमीना
calendar02 Mar 2026 11:16 AM
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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान संकट का असर सीधे भारतीय शेयर बाजार पर दिखा। आज कारोबार के शुरुआती मिनटों में ही निवेशकों की संपत्ति में ₹8 लाख करोड़ से ज्यादा की गिरावट आ गई। सेंसेक्स करीब 1,400 अंकों तक लुढ़क गया। इस बीच, कुछ कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली जबकि कुछ क्षेत्रों जैसे तेल और डिफेंस में तेजी रही। निवेशकों की नजर अब इस इलाके से जुड़े कारोबार और ग्लोबल घटनाओं पर टिकी है।

मिडिल ईस्ट से जुड़े कंपनियों पर दबाव

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से उन कंपनियों के शेयरों पर खास दबाव देखा गया जिनका कारोबार या ऑर्डर बुक इस इलाके से जुड़ा है। विशेष रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरलाइन और चावल एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। निवेशक इस समय अस्थिरता को ध्यान में रखकर कदम उठा रहे हैं।

L&T और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर

देश की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के शेयरों में शुरुआती कारोबार में 5% से अधिक की गिरावट आई। कंपनी की कुल ऑर्डर बुक का करीब 35% हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है। इससे निवेशक चिंतित नजर आए। इसी तरह VA Tech Wabag और कल्पतरू प्रोजेक्ट्स के शेयरों में भी क्रमशः 4% और 3% से अधिक की गिरावट देखी गई।

तेल कंपनियों में मजबूती

पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। इससे सरकारी तेल कंपनियों को फायदा हुआ। ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) और ऑयल इंडिया के शेयर 3% से 4% तक बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। तेल की कीमतों में उछाल इन कंपनियों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद को मजबूत करता है।

चावल एक्सपोर्टर्स पर असर

LT Foods और KRBL के शेयरों में क्रमशः 8% और 2% तक की गिरावट आई। मिडिल ईस्ट भारत के बासमती चावल एक्सपोर्ट का बड़ा बाजार है। KRBL के कुल रेवेन्यू का लगभग 61% मिडिल ईस्ट और GCC रीजन से आता है जबकि LT Foods के वित्त वर्ष 2025 में करीब 9% रेवेन्यू इस क्षेत्र से आया।

एविएशन सेक्टर की चुनौतियां

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के शेयर करीब 5% गिर गए। ईरान की जवाबी कार्रवाई का असर दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे ट्रांजिट हब पर पड़ा। ये इलाके भारतीय एविएशन और पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण हैं।

डिफेंस सेक्टर में तेजी

ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से डिफेंस इक्विपमेंट की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इससे भारत की डिफेंस कंपनियों के शेयरों में तेजी आई। पारस डिफेंस और आइडियाफोर्ज के शेयर 10% तक उछल गए। भारत डायनेमिक्स और डेटा पैटर्न्स के शेयर भी 3% से 4% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।

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