अगर आपको थोड़े समय के लिए तुरंत पैसे की जरूरत है तो गोल्ड लोन एक आसान विकल्प हो सकता है। इसमें आप अपने सोने के गहने बैंक या एनबीएफसी में गिरवी रखकर लोन ले सकते हैं। आम तौर पर गोल्ड लोन छह महीने या उससे ज्यादा समय के लिए लिया जाता है।

आज के समय में अचानक पैसों की जरूरत पड़ सकती है और ऐसे में लोग गोल्ड लोन, होम लोन, कार लोन या प्रॉपर्टी के बदले लोन जैसे विकल्पों की ओर बढ़ते हैं लेकिन सही जानकारी के बिना लोन लेना कई बार भारी पड़ सकता है। सही जानकारी होने पर आप कम ब्याज दर, आसान EMI और सही अवधि के साथ अपने लिए बेहतर लोन चुन सकते हैं।
अगर आपको थोड़े समय के लिए तुरंत पैसे की जरूरत है तो गोल्ड लोन एक आसान विकल्प हो सकता है। इसमें आप अपने सोने के गहने बैंक या एनबीएफसी में गिरवी रखकर लोन ले सकते हैं। आम तौर पर गोल्ड लोन छह महीने या उससे ज्यादा समय के लिए लिया जाता है। पूरा बकाया चुका देने के बाद बैंक आपके गहनों को सुरक्षित तरीके से वापस कर देता है। इस तरह का लोन जल्दी उपलब्ध होता है और प्रक्रिया भी काफी आसान होती है।
अगर आपके पास पहले से प्लॉट है और आप उस पर घर बनाना चाहते हैं तो बैंक से कंस्ट्रक्शन लोन लिया जा सकता है। इस लोन के लिए जरूरी है कि जमीन मालिक का नाम लोन आवेदन में शामिल हो और रजिस्ट्री के दस्तावेजों में भी दर्ज हो। बैंक इसके बाद ही लोन प्रक्रिया आगे बढ़ाता है। यह लोन आमतौर पर घर बनाने या फ्लैट कंस्ट्रक्शन के लिए इस्तेमाल होता है।
लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी, यानी आपके पास मौजूद संपत्ति को गिरवी रखकर मिलने वाला लोन, पर्सनल लोन के मुकाबले सस्ता होता है। इसकी वजह यह है कि बैंक के पास गिरवी संपत्ति होने की वजह से जोखिम कम होता है। ध्यान रखें कि लोन की अवधि जितनी लंबी होगी, EMI उतनी कम होगी लेकिन कुल ब्याज ज्यादा लगेगा। इसलिए वह अवधि चुनें जिसमें किस्त आराम से चुकाई जा सके।
पुरानी कार खरीदने के लिए लोन लेने पर ब्याज दर नई कार के मुकाबले थोड़ी ज्यादा हो सकती है। कार खरीदते समय विक्रेता से RC बुक, वैध इंश्योरेंस और इंश्योरेंस क्लेम का रिकॉर्ड अवश्य लें। फाइनेंस कंपनी कार की कीमत का अपना मूल्यांकन भी करती है। सही दस्तावेज़ और मूल्यांकन होने पर ही लोन स्वीकृत होगा।
अगर आपके ऊपर एक से ज्यादा लोन हैं और आप उन्हें जल्दी खत्म करना चाहते हैं तो सबसे पहले ज्यादा ब्याज वाला लोन चुकाना समझदारी भरा कदम होता है। अगर ब्याज दर समान है तो टॉप-अप या रेनोवेशन लोन को पहले चुकाना बेहतर होता है। इस तरह आप लंबी अवधि में ब्याज की बचत कर सकते हैं और अपने फाइनेंसियल स्ट्रेस को कम कर सकते हैं।