Share Market Crash: क्यों लुढ़के सेंसेक्स और निफ्टी? 5 बड़े कारण आए सामने

सेंसेक्स अपने दिन के हाई से करीब 800 अंक नीचे आ गया जबकि निफ्टी 23,000 के पास कारोबार करता दिखा। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से निवेशकों का मनोबल कमजोर हो गया। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों बाजार ने गिरावट का रुख अपनाया।

Sensex Nifty Live Update
सेंसेक्स और निफ्टी क्यों लुढ़क गए?
locationभारत
userअसमीना
calendar16 Mar 2026 12:28 PM
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भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार 16 मार्च को शुरुआती तेजी ज्यादा देर टिक नहीं पाई। सेंसेक्स अपने दिन के हाई से करीब 800 अंक नीचे आ गया जबकि निफ्टी 23,000 के पास कारोबार करता दिखा। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से निवेशकों का मनोबल कमजोर हो गया। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों बाजार ने गिरावट का रुख अपनाया।

शुरुआती तेजी के बाद अचानक फिसलाव

बाजार खुलते ही सेंसेक्स 419 अंक की तेजी के साथ 74,983 पर पहुंच गया था। वहीं निफ्टी भी 133 अंक ऊपर 23,284 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था लेकिन जैसे ही सुबह 11 बजे के आसपास मुनाफावसूली शुरू हुई सेंसेक्स 399 अंक गिरकर 74,164 पर आ गया। निफ्टी भी 129 अंक फिसलकर 23,021 के करीब पहुंच गया। यानी दिन के उच्च स्तर से दोनों इंडेक्स लगभग 800 अंक नीचे आ गए।

शेयर बाजार में गिरावट के 5 बड़े कारण

1. ग्लोबल बाजारों से मिले कमजोर संकेत

एशियाई बाजारों में सोमवार को गिरावट देखने को मिली। साउथ कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और चीन का शंघाई SSE कंपोजिट इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। अमेरिका के शुक्रवार को कमजोर बंद होने का असर भी भारतीय बाजारों पर पड़ा।

2. विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। मार्च महीने में अब तक विदेशी निवेशकों ने करीब 56,883 करोड़ रुपये की निकासी की है। शुक्रवार को अकेले ₹10,716 करोड़ के शेयर बिके जिससे बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हुआ।

3. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें

ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 1% बढ़कर 104.2 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई। तेल की ऊंची कीमतें भारत जैसे बड़े क्रूड खरीदार देशों के लिए महंगाई और चालू खाता घाटा बढ़ा सकती हैं जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।

4. मिडिल ईस्ट में तनाव

ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच जारी तनाव ने एनर्जी मार्केट में उथल-पुथल मचा दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल जहाजों को लेकर भी चिंता बढ़ी है। इस वजह से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कम हो गई।

5. रुपये में कमजोरी

डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट भी बाजार पर दबाव डाल रही है। सोमवार को रुपये ने 13 पैसे गिरकर 92.43 प्रति डॉलर का स्तर छुआ। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण करेंसी पर दबाव बना हुआ है।

निवेशकों के लिए क्या सीख?

बाजार की लगातार गिरावट के बीच निवेशकों को शांत और सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए। वैश्विक तनाव और तेल कीमतों जैसी वजहों से सेंटीमेंट प्रभावित होता है इसलिए लंबी अवधि का नजरिया और रिस्क मैनेजमेंट इस समय जरूरी है।

डिस्क्लेमरः चेतना मंच यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

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Samsung TV Lovers के लिए बेस्ट मौका, पहली बार मिल रहा है इतना बड़ा डिस्काउंट

इस समय Samsung का 55-इंच QLED 4K स्मार्ट टीवी भारी छूट के साथ मिल रहा है। पहले जिसकी कीमत करीब 81,900 रुपये थी वही टीवी अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लगभग 43,990 रुपये में उपलब्ध है।

Samsung 55 Inch TV Price
Samsung QLED TV Offer
locationभारत
userअसमीना
calendar16 Mar 2026 11:54 AM
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अगर आप लंबे समय से नया बड़ा स्मार्ट टीवी खरीदने का सोच रहे हैं तो यह आपके लिए सही मौका हो सकता है। इस समय Samsung का 55-इंच QLED 4K स्मार्ट टीवी भारी छूट के साथ मिल रहा है। पहले जिसकी कीमत करीब 81,900 रुपये थी वही टीवी अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लगभग 43,990 रुपये में उपलब्ध है। यानी लगभग 40,000 रुपये तक की बचत हो सकती है। बड़ी स्क्रीन, शानदार पिक्चर क्वालिटी और कई स्मार्ट फीचर्स की वजह से यह डील अभी काफी चर्चा में है।

मिल रहा तगड़ा डिस्काउंट

इस टीवी का नाम Samsung 55‑inch Vision AI QLED 4K Smart TV है। लॉन्च के समय इसकी कीमत करीब 81,900 रुपये रखी गई थी, लेकिन फिलहाल ऑनलाइन शॉपिंग साइट Flipkart पर यह लगभग 43,990 रुपये में मिल रहा है। इस हिसाब से ग्राहकों को करीब 37,000 से 40,000 रुपये तक का फायदा मिल सकता है। कई बैंक कार्ड ऑफर या कैशबैक के जरिए कीमत और भी कम हो सकती है। इसी वजह से यह टीवी इन दिनों ऑनलाइन डील्स में तेजी से ट्रेंड कर रहा है।

बड़ी स्क्रीन और शानदार पिक्चर क्वालिटी

इस टीवी में 55-इंच का QLED 4K Ultra HD डिस्प्ले दिया गया है जिसका रिजॉल्यूशन 3840 × 2160 पिक्सल है। इसमें Quantum Dot Technology का इस्तेमाल किया गया है जिससे स्क्रीन पर कलर ज्यादा चमकदार और नेचुरल दिखाई देते हैं। टीवी में Q4 AI प्रोसेसर दिया गया है जो कम क्वालिटी वाले कंटेंट को भी बेहतर बनाकर 4K के करीब दिखाने की कोशिश करता है। इसके साथ HDR10+, Quantum HDR, Motion Xcelerator और Filmmaker Mode जैसे फीचर्स भी मिलते हैं। इनकी मदद से फिल्में, वेब सीरीज और स्पोर्ट्स देखते समय पिक्चर और भी स्मूथ और क्लियर दिखाई देती है।

स्मार्ट फीचर्स और कनेक्टिविटी ऑप्शन

यह टीवी सिर्फ डिस्प्ले के मामले में ही नहीं बल्कि स्मार्ट फीचर्स में भी काफी आगे है। इसमें Wi-Fi, Bluetooth 5.3, Ethernet और HDMI eARC जैसे कई कनेक्टिविटी ऑप्शन दिए गए हैं। इसके अलावा टीवी में 3 HDMI पोर्ट और 1 USB पोर्ट मिलता है। इनकी मदद से आप आसानी से सेट-टॉप बॉक्स, गेमिंग कंसोल या हार्ड ड्राइव कनेक्ट कर सकते हैं। टीवी में Samsung TV Plus का सपोर्ट भी मिलता है जिसके जरिए 100 से ज्यादा फ्री टीवी चैनल देखे जा सकते हैं। इसके अलावा Apple AirPlay, Mobile-to-TV Mirroring, SmartThings Hub और IoT सपोर्ट जैसे स्मार्ट फीचर्स भी इसमें मौजूद हैं।

साउंड और गेमिंग का भी खास ध्यान

इस टीवी में 20W का साउंड आउटपुट दिया गया है, जो सामान्य टीवी देखने के लिए काफी अच्छा माना जाता है। इसमें Object Tracking Sound Lite, Adaptive Sound और Q-Symphony जैसे ऑडियो फीचर्स दिए गए हैं जिससे आवाज ज्यादा क्लियर और इमर्सिव लगती है। गेमिंग पसंद करने वालों के लिए भी इसमें खास फीचर्स मौजूद हैं जैसे-Auto Game Mode, Game Motion Plus और Super Ultra Wide Game View। इन फीचर्स की मदद से गेमिंग का अनुभव ज्यादा स्मूथ और बेहतर हो जाता है।

वारंटी और खरीदने का सही मौका

कंपनी इस टीवी के साथ 1 साल की मैन्युफैक्चरर वारंटी देती है। इसके अलावा पैनल पर अतिरिक्त 1 साल की वारंटी भी मिलती है। अगर आप एक बड़ी स्क्रीन वाला प्रीमियम स्मार्ट टीवी खरीदना चाहते हैं और बजट भी कंट्रोल में रखना चाहते हैं तो मौजूदा डिस्काउंट के साथ यह डील काफी आकर्षक मानी जा रही है।

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US-Iran टेंशन के बीच बड़ा उलटफेर, सोना-चांदी की कीमतों में आई गिरावट

हाल ही में यह गिरकर करीब 1,58,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस तरह युद्ध शुरू होने के बाद से सोना करीब 3,700 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है। वहीं अगर इसके रिकॉर्ड हाई की बात करें तो सोना अपने उच्च स्तर 1,93,096 रुपये से लगभग 34,000 रुपये से ज्यादा नीचे ट्रेड कर रहा है।

Gold Silver Price
सोने की कीमत में कितनी गिरावट आई
locationभारत
userअसमीना
calendar16 Mar 2026 11:28 AM
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दुनिया में जब भी युद्ध या बड़ा संकट होता है तो आमतौर पर निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश में सोना और चांदी की तरफ भागते हैं। ऐसे समय में इनकी कीमतें अक्सर तेजी से बढ़ती हैं लेकिन इस बार तस्वीर थोड़ी अलग दिख रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के बावजूद सोना-चांदी के दाम बढ़ने के बजाय गिर गए हैं। खासकर चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली है जिसने निवेशकों को चौंका दिया है।

युद्ध शुरू होते ही चांदी में तेज गिरावट

फरवरी के आखिर में जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए तब कमोडिटी मार्केट में चांदी की कीमत काफी ऊंचे स्तर पर थी। 28 फरवरी को एमसीएक्स पर चांदी का वायदा भाव लगभग 2,82,644 रुपये प्रति किलो था। लेकिन अगले कुछ दिनों में कीमतों में लगातार गिरावट आई और पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यह 2,59,279 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। यानी सिर्फ करीब 10 कारोबारी दिनों में चांदी लगभग 23,365 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई। आमतौर पर युद्ध के समय ऐसी गिरावट देखने को नहीं मिलती इसलिए बाजार के जानकार भी इस ट्रेंड पर नजर बनाए हुए हैं।

रिकॉर्ड हाई से बहुत नीचे आ गई चांदी

अगर चांदी के मौजूदा भाव की तुलना इसके रिकॉर्ड स्तर से करें तो गिरावट और भी बड़ी दिखाई देती है। जनवरी के आखिर में पहली बार एमसीएक्स पर चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंची थी और इसने 4,20,048 रुपये का लाइफ टाइम हाई बनाया था। अब मौजूदा कीमत के हिसाब से देखें तो चांदी अपने हाई से करीब 1,60,000 रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है। यानी जिन्होंने ऊंचे स्तर पर खरीदारी की थी उनके लिए यह गिरावट काफी बड़ी मानी जा रही है।

सोने के दाम भी दबाव में

केवल चांदी ही नहीं बल्कि सोने की कीमतों में भी कमजोरी देखी गई है। 27 फरवरी को एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोने का वायदा भाव 1,62,104 रुपये प्रति 10 ग्राम था लेकिन हाल ही में यह गिरकर करीब 1,58,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस तरह युद्ध शुरू होने के बाद से सोना करीब 3,700 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है। वहीं अगर इसके रिकॉर्ड हाई की बात करें तो सोना अपने उच्च स्तर 1,93,096 रुपये से लगभग 34,000 रुपये से ज्यादा नीचे ट्रेड कर रहा है।

आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब दुनिया में तनाव बढ़ रहा है तब भी सोना-चांदी की कीमतें क्यों गिर रही हैं। इसके पीछे कुछ बड़े आर्थिक कारण बताए जा रहे हैं। सबसे पहला कारण है कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें। क्रूड ऑयल महंगा होने से दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो जाता है। दूसरा बड़ा कारण है डॉलर की मजबूती। जब डॉलर मजबूत होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी पर दबाव बढ़ जाता है। इसके अलावा ऊंची ब्याज दरें भी कीमती धातुओं के लिए अच्छा संकेत नहीं मानी जातीं। ज्यादा ब्याज दर होने पर निवेशक सोना-चांदी की बजाय दूसरे निवेश विकल्पों की तरफ झुक जाते हैं।

आगे क्या हो सकता है?

हालांकि अभी कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है लेकिन कई बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि यह गिरावट लंबी नहीं रह सकती। अगर वैश्विक तनाव और बढ़ता है या आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है तो आने वाले समय में सोना और चांदी फिर से मजबूती दिखा सकते हैं। यही वजह है कि कुछ निवेशक इसे लंबी अवधि के निवेश का मौका भी मान रहे हैं। हालांकि बाजार में निवेश करते समय हमेशा जोखिम को ध्यान में रखना जरूरी होता है और किसी भी फैसले से पहले सही जानकारी और सलाह लेना बेहतर रहता है।

(नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में निवेश से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।)

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