
मेटा (Meta) में एक और बड़ा बदलाव सामने आया है। कंपनी के CEO मार्क ज़ुकरबर्ग ने भारतीय मूल के दिग्गज टेक लीडर विशाल शाह को कंपनी के AI डिवीजन की कमान सौंप दी है। यह फैसला सिर्फ एक प्रमोशन नहीं, बल्कि मेटा की नई तकनीकी दिशा का ऐलान माना जा रहा है। ज़ुकरबर्ग की इस नेतृत्व पुनर्गठन (Leadership Reshuffle) का मकसद है—कंपनी की रफ्तार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेज़ लहर पर सवार करना। Who is Vishal Shah
मेटा अब अपने मेटावर्स प्रोजेक्ट्स में AI को रोज़मर्रा के कामकाज (Daily Workflow) में गहराई से शामिल करने पर जोर दे रहा है, ताकि प्रोडक्टिविटी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सके। कंपनी का लक्ष्य साफ है—भविष्य के कार्यस्थल को AI से संचालित बनाना। ज़ुकरबर्ग को भरोसा है कि साल के अंत तक मेटा के ज्यादातर कर्मचारी AI टूल्स का सहज और सक्रिय रूप से उपयोग करने लगेंगे। यह बदलाव मेटा के बड़े निवेशों और प्राथमिकताओं में आए निर्णायक मोड़ को भी दर्शाता है।
विशाल शाह टेक इंडस्ट्री के अनुभवी और प्रोडक्ट इनोवेशन के जाने-माने नामों में से एक हैं। उनकी प्रोफेशनल यात्रा बताती है कि वे तकनीकी और रणनीतिक सोच दोनों में माहिर हैं। शाह ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले से कंप्यूटर साइंस और बिजनेस में डिग्री हासिल की है। 2004 में ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत “Ready2” कंपनी में बतौर इंजीनियर की थी। इसके बाद उन्होंने Accenture में एनालिस्ट के रूप में काम किया। 2005 से 2013 तक उन्होंने Turn Inc. में सात वर्षों तक डायरेक्टर ऑफ इंजीनियरिंग के रूप में काम किया और फिर सीनियर डायरेक्टर ऑफ प्रोडक्ट मैनेजमेंट बने।
2015 में शाह Instagram से जुड़े, जहां उन्होंने डायरेक्टर ऑफ प्रोडक्ट मैनेजमेंट के रूप में बेहतरीन काम किया। उनके नेतृत्व में इंस्टाग्राम ने कई नए फीचर्स लॉन्च किए जो प्लेटफ़ॉर्म की लोकप्रियता बढ़ाने में अहम साबित हुए। नवंबर 2018 में उन्हें VP ऑफ प्रोडक्ट डिपार्टमेंट के पद पर प्रमोट किया गया, जिसे उन्होंने अगस्त 2021 तक संभाला। इसके बाद वे Vice President, Metaverse की भूमिका में आए और अब उन्हें Meta AI का नेतृत्व सौंपा गया है।
जब 2021 में फेसबुक ने अपना नाम बदलकर Meta रखा, तो मार्क ज़ुकरबर्ग ने इसे “भविष्य का इंटरनेट” बताया था। उनका विज़न था कि मेटावर्स एक ऐसा वर्चुअल संसार बनेगा जो हमारे डिजिटल जीवन का उतना ही अहम हिस्सा होगा जितना आज स्मार्टफोन है। हालांकि, समय के साथ मेटावर्स प्रोजेक्ट उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। निवेश तो विशाल था, लेकिन यूज़र एंगेजमेंट और बिजनेस मॉडल को लेकर चुनौतियाँ बनी रहीं। यही कारण है कि अब कंपनी की प्राथमिकताएं AI-आधारित तकनीकों की ओर मुड़ रही हैं। Who is Vishal Shah