सुस्त शुरुआत के बाद बाजार में रिकवरी की कोशिश दिखी जहां निफ्टी 100 पॉइंट उछलकर 26,000 के करीब पहुंच गया। IT शेयरों में भारत–अमेरिका ट्रेड डील की उम्मीद से धमाकेदार तेजी रही जबकि KEC इंटरनेशनल नए टेंडर पर रोक के कारण टूट गया।

सुबह की कमजोर ओपनिंग के बाद बाजार ने धीरे-धीरे संभलना शुरू किया है। निचले स्तरों से उछलकर निफ्टी फिर से मजबूत होने की कोशिश में है। कई सेक्टर्स में खरीदारी लौटने से निवेशकों का भरोसा भी थोड़ा बढ़ा है। लेकिन अब बड़ा सवाल यह है कि, क्या यह रिकवरी टिक पाएगी?
सुबह के उतार-चढ़ाव के बीच कुछ स्टॉक्स ने अच्छा मूव दिखाया। फेडरल बैंक और टाइटन में बढ़िया खरीदारी देखी गई जबकि नए टेंडर पर रोक लगने से KEC इंटरनेशनल 6% टूट गया। पावरग्रिड ने कंपनी को नौ महीनों तक नए टेंडर्स में हिस्सा लेने से रोक दिया है। हालांकि, KEC का कहना है कि इसका असर उनके चल रहे प्रोजेक्ट्स पर नहीं पड़ेगा। दूसरी तरफ, सोलार इंडस्ट्रीज में नए ऑर्डर्स की वजह से तेजी लौटी है। LG इलेक्ट्रॉनिक्स को मॉर्गन स्टैनली की बुलिश रिपोर्ट का फायदा मिला और शेयर 3% ऊपर चढ़ गया।
उधर, पिछले 5 दिनों में 90% तक उछलने वाला GRO आज पिट गया और शेयर में 10% का लोअर सर्किट लग गया। नीचे खुलने के बावजूद बाजार ने रिकवरी की कोशिश जारी रखी और निफ्टी लगभग 100 पॉइंट ऊपर चढ़कर 25,900 के पार पहुंच गया। फिलहाल 0.25% की बढ़त के साथ यह लगभग 25,976 के आसपास ट्रेड कर रहा है। इंफोसिस, TCS, HCL Tech और HUL जैसे दिग्गजों ने इंडेक्स को खासा सपोर्ट दिया है। बैंक निफ्टी अभी भी दबाव में है लेकिन मिडकैप्स ने एक बार फिर हरे निशान में वापसी की।
एक्सपर्ट का कहना है कि अभी बाजार में चुनिंदा स्टॉक्स पर बाय-ऑन-डिप्स की स्ट्रैटजी सबसे बेहतर रहेगी। उनकी सलाह है कि, रैली आते ही थोड़ा-थोड़ा प्रॉफिट बुकिंग करते रहें। हर ट्रेड में टाइट ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ज़रूर रखें। नई लॉन्ग पोजिशन तभी लें जब निफ्टी 26,100 के ऊपर आसानी से टिक जाए। ग्लोबल संकेतों और टेक्निकल इंडिकेटर्स पर नजर बनाए रखना अभी बेहद जरूरी है।
(डिस्क्लेमर: यूजर्स को चेतना मंच की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।)