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मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange (MCX) पर सुबह के समय सोना और चांदी दोनों लाल निशान में खुले थे। सोना मामूली गिरावट के साथ करीब 1,49,300 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था जबकि चांदी भी हल्की कमजोरी के साथ 2,43,000 रुपये के आसपास बनी हुई थी।

आज के दिन सोना और चांदी ने निवेशकों को एक बार फिर चौंका दिया। सुबह जब बाजार खुला तो दोनों कीमती धातुओं में हल्की गिरावट देखने को मिली जिससे लोगों को लगा कि शायद आज भाव नीचे ही रहेंगे। लेकिन कुछ ही घंटों में तस्वीर बदल गई और कीमतों में फिर से तेजी आ गई। यही उतार-चढ़ाव इस समय बाजार की सबसे बड़ी कहानी बन चुका है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange (MCX) पर सुबह के समय सोना और चांदी दोनों लाल निशान में खुले थे। सोना मामूली गिरावट के साथ करीब 1,49,300 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था जबकि चांदी भी हल्की कमजोरी के साथ 2,43,000 रुपये के आसपास बनी हुई थी लेकिन ज्यादा देर तक यह गिरावट टिक नहीं पाई। करीब 10:40 बजे के आसपास दोनों धातुओं में खरीदारी बढ़ी और कीमतें ऊपर चढ़ने लगीं। सोना करीब 1,49,552 रुपये तक पहुंच गया जबकि चांदी भी 2,44,000 रुपये के ऊपर निकल गई। इस बदलाव ने साफ दिखा दिया कि बाजार अभी भी अस्थिर है।
अगर वैश्विक बाजार की बात करें तो वहां भी तस्वीर साफ नहीं है। COMEX पर सोने में हल्की तेजी देखी जा रही है, जबकि चांदी थोड़ी कमजोर बनी हुई है। सोना करीब 4,540 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा है वहीं चांदी 73 डॉलर के करीब बनी हुई है। इसका मतलब यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निवेशकों के बीच स्पष्ट दिशा नहीं है जिससे घरेलू बाजार में भी उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
आम तौर पर जब दुनिया में तनाव बढ़ता है तो सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिलती है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा। इसकी एक बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि निवेशक अब डॉलर और दूसरे विकल्पों में ज्यादा पैसा लगा रहे हैं। इसके अलावा कच्चे तेल में भी इन दिनों निवेश बढ़ा है जिससे सोने की तरफ पैसा कम जा रहा है। यही कारण है कि हालात तनावपूर्ण होने के बावजूद सोना अपनी पूरी ताकत नहीं दिखा पा रहा है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने बाजार को जरूर प्रभावित किया है। Donald Trump के हालिया बयान के बाद स्थिति और चर्चा में आ गई है। हालांकि, अभी तक इसका सीधा और बड़ा असर सोने-चांदी की कीमतों पर नहीं दिखा है। निवेशक फिलहाल सतर्क हैं और किसी बड़े फैसले से पहले स्थिति को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
एक और अहम फैक्टर है रुपये की गिरावट। डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार कमजोरी देखी जा रही है। इससे आयात महंगा होता है और सोने-चांदी की कीमतों पर भी असर पड़ता है। हालांकि, अभी यह असर पूरी तरह से कीमतों में दिखाई नहीं दे रहा लेकिन आने वाले दिनों में इसका बड़ा रोल हो सकता है।
इस समय बाजार पूरी तरह अनिश्चितता में है। सोना और चांदी दोनों सीमित दायरे में घूम रहे हैं। अगर वैश्विक हालात और बिगड़ते हैं या डॉलर कमजोर होता है, तो सोने में तेजी आ सकती है। वहीं अगर निवेश दूसरे सेक्टर में जाता रहा तो कीमतें दबाव में भी आ सकती हैं। फिलहाल साफ यही है कि निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए और बाजार की चाल को ध्यान से समझना चाहिए।
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