Meesho IPO: Meesho के शेयर लगातार दूसरे दिन लोअर सर्किट पर बंद हुए जिससे निवेशकों के 40,000 करोड़ से अधिक डूब गए। जानिए कैसे IPO से लेकर रिकॉर्ड हाई तक का सफर बदल गया और अब निवेशकों को क्या कदम उठाने चाहिए।

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho के शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन लोअर सर्किट पर बंद हुए जिससे निवेशकों के करोड़ों रुपये की चमक धूमिल हो गई। सिर्फ एक महीने पहले लिस्ट हुई इस कंपनी के शेयर अब 35% से ज्यादा गिर चुके हैं और निवेशकों के करीब ₹40,000 करोड़ डूब गए हैं। आइए जानते हैं कि आखिर दो वजहें कौन-सी हैं जिनकी वजह से Meesho के शेयरों में इतना बड़ा दबाव आया।
Meesho के शेयर में लगातार गिरावट की पहली वजह थी ₹2,000 करोड़ से ज्यादा के शेयरों का लॉक-इन खत्म होना। नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च के अनुसार, Meesho के लगभग 10.99 करोड़ शेयर यानी 2% आउटस्टैंडिंग इक्विटी का 1 महीने का लॉक-इन पीरियड समाप्त हो गया। लॉक-इन पीरियड खत्म होने का मतलब यह नहीं कि शेयरहोल्डर्स तुरंत बेचेंगे लेकिन इसका मतलब यह है कि अब वे मुनाफा निकाल सकते हैं। जैसे ही ऐसा होता है मार्केट में शेयर की सप्लाई बढ़ती है और कीमतों पर दबाव आता है। 6 जनवरी को इन शेयरों की कुल वैल्यू लगभग ₹2,003 करोड़ थी।
Meesho की जनरल मैनेजर (बिजनेस) मेघा अग्रवाल ने हाल ही में इस्तीफा दिया। कंपनी ने इसे एक्सचेंज में फाइलिंग के जरिए सार्वजनिक किया। निवेशक अक्सर सीनियर मैनेजमेंट के इस्तीफे को चिंता का कारण मानते हैं जिससे शेयरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
Meesho ने अपने IPO के जरिए निवेशकों को ₹111 प्रति शेयर के भाव पर शेयर जारी किए थे। लिस्टिंग के कुछ ही दिनों बाद 18 दिसंबर 2025 को शेयर ₹254.65 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। इसके बाद 12 दिसंबर 2025 को शेयर लिस्टिंग के बाद के निचले स्तर ₹153.95 पर आ गया। आज बीएसई पर यह ₹164.55 के 5% लोअर सर्किट पर ट्रेड कर रहा है।
बोनांजा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी के अनुसार, Meesho ने अपने लॉजिस्टिक्स सिस्टम में सुधार किया है। वित्त वर्ष 2023 में प्रतिऑर्डर लागत ₹55 थी जो वित्त वर्ष 2025 में घटकर ₹46 हो गई। Meesho का खुद का लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म Valmo छोटे शहरों में तेजी से फैल रहा है। कैश ऑन डिलीवरी ऑर्डर्स 90% से घटकर 61% पर आ गए हैं जिससे फेल डिलीवरी और लागत कम हुई। इन सुधारों के बावजूद, Meesho के शेयरों की हाई वैल्यूएशन और लॉक-इन पीरियड खत्म होने की वजह से निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। यही कारण है कि शेयर लगातार गिर रहे हैं।
(डिस्क्लेमर: यूजर्स को चेतना मंच की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।)