यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब कंपनी अपने बिजनेस को नया रूप दे रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI पर बड़ा दांव लगा रही है। कंपनी के इस फैसले ने टेक इंडस्ट्री में फिर से हलचल पैदा कर दी है क्योंकि पिछले कुछ महीनों से मेटा लगातार छंटनी कर रही है।

टेक इंडस्ट्री में छंटनी का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है। अब एक बार फिर मार्क जुकरबर्ग की कंपनी Meta ने कर्मचारियों पर कैंची चला दी है। Facebook, Instagram और WhatsApp की पैरेंट कंपनी मेटा ने कैलिफोर्निया में करीब 200 कर्मचारियों को निकालने का फैसला लिया है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब कंपनी अपने बिजनेस को नया रूप दे रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI पर बड़ा दांव लगा रही है। कंपनी के इस फैसले ने टेक इंडस्ट्री में फिर से हलचल पैदा कर दी है क्योंकि पिछले कुछ महीनों से मेटा लगातार छंटनी कर रही है। हालांकि कंपनी का कहना है कि वह भविष्य की जरूरतों के हिसाब से खुद को तैयार कर रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक मेटा ने कैलिफोर्निया के बर्लिंगम और सनीवेल में कर्मचारियों की छंटनी की है। कंपनी की योजना बर्लिंगम में 124 और सनीवेल में 74 पदों को खत्म करने की है। यह छंटनी मई के आखिर में लागू होगी और इसे स्थायी बताया गया है। कैलिफोर्निया के एम्प्लॉयमेंट डेवलपमेंट डिपार्टमेंट में जमा फाइलिंग के अनुसार, यह फैसला कंपनी के ऑपरेशंस को बेहतर और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लिया गया है। मेटा का कहना है कि बदलती टेक्नोलॉजी और बिजनेस जरूरतों को देखते हुए यह जरूरी कदम उठाया गया है।
मेटा में यह पहली बार नहीं है जब कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया हो। मार्च 2026 में कंपनी ने रिक्रूटिंग, सेल्स और ऑपरेशंस सहित कई टीमों में करीब 700 कर्मचारियों को हटाया था। इससे पहले फरवरी में भी सैन फ्रांसिस्को पेनिनसुला ऑफिस में 100 से ज्यादा पद खत्म किए गए थे। जनवरी 2026 में कंपनी के रिएलिटी लैब्स डिवीजन में करीब 1,500 नौकरियां खत्म की गई थीं। लगातार हो रही इन छंटनियों से यह साफ है कि मेटा अपने खर्चों को नियंत्रित करने और नई तकनीक में निवेश बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार मेटा इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। कंपनी का अनुमान है कि इस साल उसका पूंजीगत खर्च 115 से 135 अरब डॉलर के बीच रह सकता है। इस खर्च का बड़ा हिस्सा डेटा सेंटर, सर्वर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जाएगा। कंपनी का मानना है कि AI की मदद से काम करने की क्षमता बढ़ेगी और लंबे समय में लागत कम होगी। हालांकि फिलहाल इन निवेशों की वजह से कंपनी के खर्च में बढ़ोतरी हो रही है।
मेटा ने यह भी स्पष्ट किया है कि छंटनी के बावजूद कंपनी महत्वपूर्ण पदों के लिए भर्ती जारी रखे हुए है। खास तौर पर AI, मशीन लर्निंग और टेक्निकल रोल्स में भर्ती की जा रही है। कंपनी ने कुछ प्रभावित कर्मचारियों को अंदर ही दूसरे पदों की पेशकश भी की है। वहीं कुछ कर्मचारियों को नई लोकेशन पर काम करने का विकल्प भी दिया जा रहा है।
मेटा ने नवंबर 2022 में 11,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था, जो उस समय कंपनी के कुल कर्मचारियों का करीब 13% था। इसके चार महीने बाद कंपनी ने 10,000 और नौकरियों में कटौती की घोषणा की थी। 31 दिसंबर 2025 तक मेटा में करीब 79,000 कर्मचारी काम कर रहे थे। अब लगातार हो रही छंटनी से यह साफ है कि कंपनी आने वाले समय में AI और नई टेक्नोलॉजी पर ज्यादा ध्यान देने वाली है।
मेटा की यह छंटनी केवल एक कंपनी का फैसला नहीं है, बल्कि यह पूरे टेक सेक्टर में हो रहे बदलाव का संकेत है। कंपनियां अब पारंपरिक भूमिकाओं को कम करके AI और ऑटोमेशन पर ज्यादा जोर दे रही हैं। आने वाले समय में टेक इंडस्ट्री में नौकरियों का स्वरूप बदल सकता है। जहां कुछ भूमिकाएं खत्म होंगी वहीं नई तकनीक से जुड़ी नौकरियों की मांग तेजी से बढ़ेगी।