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म्यूचुअल फंड के कई प्रकार होते हैं लार्ज कैप, स्मॉल कैप, फ्लेक्सी कैप और मिड कैप। इनमें से Mid Cap Fund एक ऐसा विकल्प है जो जोखिम और रिटर्न के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है। कई निवेशक यह जानना चाहते हैं कि क्या मिड कैप फंड में पैसा लगाना सही रहेगा या नहीं।

आज के समय में लोग सिर्फ बचत नहीं बल्कि अपने पैसे को बढ़ाने के बेहतर तरीके भी तलाश रहे हैं। यही वजह है कि म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बैंक की एफडी से आगे बढ़कर अब लोग ऐसे विकल्प चाहते हैं जहां अच्छा रिटर्न भी मिले और लंबी अवधि में पैसा तेजी से बढ़ सके। म्यूचुअल फंड इसी वजह से निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। म्यूचुअल फंड के कई प्रकार होते हैं लार्ज कैप, स्मॉल कैप, फ्लेक्सी कैप और मिड कैप। इनमें से Mid Cap Fund एक ऐसा विकल्प है जो जोखिम और रिटर्न के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है। कई निवेशक यह जानना चाहते हैं कि क्या मिड कैप फंड में पैसा लगाना सही रहेगा या नहीं। अगर आप भी यही सोच रहे हैं तो पहले इसे समझना जरूरी है।
Mid Cap Fund उन कंपनियों में निवेश करता है जो न बहुत छोटी होती हैं और न ही बहुत बड़ी। इन्हें मिड साइज कंपनियां कहा जाता है। ये कंपनियां आमतौर पर तेजी से आगे बढ़ने की क्षमता रखती हैं और भविष्य में बड़ी कंपनियों में बदल सकती हैं क्योंकि इन कंपनियों में ग्रोथ की संभावना ज्यादा होती है इसलिए निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद भी रहती है। हालांकि, इसमें जोखिम भी पूरी तरह खत्म नहीं होता। यह इक्विटी म्यूचुअल फंड का ही एक हिस्सा है इसलिए इसका प्रदर्शन शेयर बाजार की चाल पर निर्भर करता है।
अगर तुलना करें तो लार्ज कैप फंड सबसे स्थिर माना जाता है क्योंकि इसमें बड़ी और मजबूत कंपनियां होती हैं। वहीं स्मॉल कैप फंड में जोखिम ज्यादा होता है लेकिन रिटर्न भी काफी बड़ा हो सकता है। मिड कैप फंड इन दोनों के बीच का रास्ता है। इसमें स्मॉल कैप के मुकाबले जोखिम कम होता है लेकिन लार्ज कैप से थोड़ा ज्यादा रहता है। यही कारण है कि जो निवेशक बहुत ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते पर बेहतर रिटर्न की उम्मीद रखते हैं उनके लिए यह अच्छा विकल्प माना जाता है।
अगर आप लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव को थोड़ा सहन कर सकते हैं तो Mid Cap Fund आपके लिए सही हो सकता है। खासकर उन लोगों के लिए जो ऐसी कंपनियों में निवेश करना चाहते हैं जिनके आगे बढ़ने की संभावना मजबूत हो लेकिन यह समझना जरूरी है कि इसमें भी जोखिम मौजूद है। बाजार गिरने पर मिड कैप फंड भी नीचे जा सकता है। इसलिए इसमें निवेश करने से पहले अपनी जरूरत, लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता को समझना जरूरी है।
पिछले एक साल के प्रदर्शन को देखें तो कई मिड कैप फंड्स ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। ICICI प्रू मिडकैप फंड ने करीब 24.89 प्रतिशत का रिटर्न दिया, जो इस सूची में सबसे ऊपर रहा। इसके बाद HSBC Midcap Fund ने 22.74 प्रतिशत और Mirae Asset Midcap Fund ने 19.31 प्रतिशत का रिटर्न दिया। Nippon India Growth Mid Cap Fund और Invesco India Midcap Fund ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि, सिर्फ पिछले रिटर्न देखकर निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए। फंड का इतिहास, खर्च और जोखिम को भी समझना जरूरी होता है।
जब निवेश की बात आती है, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि पैसा एक साथ लगाएं या हर महीने थोड़ा-थोड़ा निवेश करें। विशेषज्ञों की मानें तो Mid Cap Fund में SIP यानी Systematic Investment Plan ज्यादा सुरक्षित और समझदारी भरा तरीका माना जाता है। SIP में आप हर महीने एक तय रकम निवेश करते हैं। इससे बाजार ऊपर-नीचे होने पर औसत लागत का फायदा मिलता है। अगर बाजार गिरता है तो आपको ज्यादा यूनिट सस्ते दाम में मिलती हैं। बाद में जब बाजार ऊपर जाता है तो वही यूनिट बेहतर रिटर्न देती हैं। वहीं Lump Sum निवेश में एक साथ बड़ी रकम लगती है इसलिए गलत समय पर निवेश करने का जोखिम ज्यादा हो सकता है।
Mid Cap Fund चुनते समय सिर्फ रिटर्न पर ध्यान देना काफी नहीं है। फंड का Expense Ratio, Fund Manager का अनुभव, फंड का पुराना प्रदर्शन और आपके निवेश का समय इन सभी बातों को देखना जरूरी है। अगर आपका लक्ष्य 5 साल या उससे ज्यादा का है तो मिड कैप फंड बेहतर साबित हो सकता है लेकिन अगर आप कम समय में पैसा निकालना चाहते हैं तो यह विकल्प थोड़ा जोखिम भरा हो सकता है।
Mid Cap Fund उन निवेशकों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है जो संतुलित जोखिम के साथ बेहतर रिटर्न चाहते हैं। यह न तो बहुत सुरक्षित है और न ही बहुत खतरनाक बल्कि दोनों के बीच का समझदार रास्ता है। निवेश करने से पहले जल्दबाजी के बजाय सही जानकारी लेना ज्यादा जरूरी है क्योंकि म्यूचुअल फंड में पैसा सिर्फ लगाया नहीं जाता बल्कि समझदारी से बढ़ाया जाता है। सही योजना और धैर्य के साथ Mid Cap Fund आपके भविष्य की मजबूत नींव बन सकता है।
डिस्क्लेमर: यहां म्यूचुअल फंड पर दी गयी जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। चेतना मंच निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। म्यूचुअल फंड में जोखिम हो सकता है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।
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