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परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा शुरू होने से पहले उम्मीदवारों को जरूरी निर्देश पढ़ने और औपचारिकताएं पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।

NEET UG Re-Exam 2026: देश और विदेश में आज NEET UG री-एग्जाम आयोजित किया जा रहा है। लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस बार सुरक्षा के बेहद सख्त इंतजाम किए हैं। पिछले साल पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर उठे सवालों के बाद एजेंसी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। यही वजह है कि परीक्षा केंद्रों से लेकर प्रश्नपत्रों की डिलीवरी और निगरानी तक हर स्तर पर विशेष व्यवस्था की गई है। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा शुरू होने से पहले उम्मीदवारों को जरूरी निर्देश पढ़ने और औपचारिकताएं पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा। NTA का कहना है कि इस बार परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने पर खास जोर दिया गया है।
NEET री-एग्जाम को लेकर सुरक्षा एजेंसियां कई दिनों से सक्रिय हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या पेपर लीक की संभावना को खत्म करने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत बनाई गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास भी विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। इसके लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी गई हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए सरकार ने एहतियातन बड़ा कदम उठाया है। परीक्षा समाप्त होने तक टेलीग्राम ऐप पर प्रतिबंध लगाया गया है। पिछले कुछ मामलों में प्रश्नपत्र लीक और गलत जानकारी फैलाने के लिए इस प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल की आशंका जताई गई थी। ऐसे में किसी भी तरह की अफवाह या गड़बड़ी को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है। सिर्फ टेलीग्राम ही नहीं बल्कि अन्य डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है ताकि परीक्षा से जुड़ी कोई संवेदनशील जानकारी गलत तरीके से साझा न हो सके।
इस बार NEET री-एग्जाम की सबसे खास बात यह है कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षित डिलीवरी के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) की मदद ली गई है। अधिकारियों के मुताबिक, 13 जून से वायु सेना के परिवहन विमान और Mi-17 हेलीकॉप्टर देशभर के निर्धारित वितरण केंद्रों तक सीलबंद प्रश्नपत्र पहुंचाने में लगे हुए हैं। इसके बाद इन प्रश्नपत्रों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया है। NTA का मानना है कि इस व्यवस्था से प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जा सकेगी।
NEET UG री-एग्जाम देश के 551 शहरों और विदेश के 14 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित किया जा रहा है। परीक्षा अंग्रेजी समेत 12 भारतीय भाषाओं में होगी। इस बार 22 लाख से अधिक उम्मीदवारों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को देखते हुए परीक्षा केंद्रों और परीक्षा कक्षों की संख्या भी बढ़ाई गई है। NTA ने कहा है कि सभी केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के एक समान मानक लागू किए गए हैं।
इस बार परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए बड़े पैमाने पर CCTV कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। परीक्षा कक्षों और केंद्र परिसरों में लगाए गए कैमरों की लाइव फीड राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर लगातार देखी जाएगी। खास बात यह है कि केवल इंसानी निगरानी ही नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद भी ली जा रही है। AI आधारित सिस्टम CCTV फुटेज का विश्लेषण करेगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान करने में मदद करेगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे ऐसी गतिविधियां भी पकड़ी जा सकेंगी जो सामान्य निगरानी में नजर नहीं आतीं।
परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए हजारों जैमर लगाए गए हैं। इन जैमर की मदद से मोबाइल नेटवर्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यमों पर नियंत्रण रखा जाएगा। इसके अलावा हर परीक्षा कक्ष में दो इनविजिलेटर मौजूद रहेंगे। परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है ताकि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके। सभी केंद्रों पर एक विशेष तकनीकी अधिकारी भी नियुक्त किया गया है जो CCTV और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की निगरानी करेगा।
NTA का कहना है कि इस बार परीक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, उम्मीदवारों की जांच, AI निगरानी, CCTV कैमरे, जैमर और अतिरिक्त स्टाफ जैसी व्यवस्थाएं इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।
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