शेयर बाजार एक अहम मोड़ पर खड़ा है और Nifty 50 के लिए 25,400 से 25,650 के बीच की रेंज अब निर्णायक बन चुकी है। क्या 25,600 के ऊपर टिकते ही बाजार में तेजी लौटेगी या 25,400 के नीचे फिसलते ही दबाव बढ़ेगा।

शेयर बाजार इस समय एक अहम मोड़ पर खड़ा है। हल्की तेजी के बावजूद बाजार में भरोसे की कमी साफ दिखाई दे रही है। हालिया सत्र में निफ्टी मामूली बढ़त के साथ बंद तो हुआ लेकिन पूरे दिन उतार-चढ़ाव बना रहा। लगातार अहम सपोर्ट के पास घूमता इंडेक्स यह संकेत दे रहा है कि बाजार अभी पूरी तरह मजबूत स्थिति में नहीं है। जब तक निफ्टी 25,600–25,650 के रेजिस्टेंस जोन के ऊपर ठोस तरीके से नहीं टिकता तब तक बुल्स की मजबूत वापसी की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी।
इस समय 25,400–25,350 का स्तर निफ्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पिछले कुछ सत्रों से इंडेक्स इसी दायरे को बार-बार परख रहा है। यह स्थिति बाजार में कमजोरी का संकेत मानी जाती है। अगर यह स्तर टूटता है तो आने वाले सत्रों में 25,250 और फिर 25,000 तक की गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता। चार्ट पैटर्न भी यही दिखा रहे हैं कि नीचे की ओर दबाव बना हुआ है और खरीदार अभी पूरी ताकत से सामने नहीं आए हैं।
ऊपर की तरफ 25,600–25,650 का जोन फिलहाल सबसे बड़ा रेजिस्टेंस है। जब तक इंडेक्स इस रेंज के ऊपर टिककर क्लोज नहीं देता तब तक बाजार में नई तेजी की शुरुआत मानना मुश्किल है। इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकने पर ही शॉर्ट कवरिंग और नई खरीदारी देखने को मिल सकती है जिससे बाजार में फिर से पॉजिटिव माहौल बन सकता है।
डेली चार्ट पर निफ्टी ने लोअर शैडो के साथ बेयरिश कैंडल बनाई है जिससे साफ है कि नीचे के स्तरों पर कुछ खरीदारी जरूर आई लेकिन ऊपरी स्तरों पर मजबूती की कमी रही। इंडेक्स 20, 50 और 100 डे EMA जैसे अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। RSI लंबे समय से सीमित दायरे में है और अपनी रेफरेंस लाइन से नीचे ट्रेड कर रहा है। वहीं MACD भी जीरो लाइन के नीचे है जो बाजार में जारी कमजोरी को दर्शाता है। कुल मिलाकर संकेत यही हैं कि निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहना चाहिए।
बैंक निफ्टी की बात करें तो यहां हल्का पॉजिटिव रुख जरूर दिख रहा है लेकिन तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। डेली टाइमफ्रेम पर डोजी कैंडल बनी है जो बुल्स और बेयर्स के बीच असमंजस दिखाती है। इंडेक्स 10-डे EMA को बचाने में सफल रहा और अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बंद हुआ जिससे थोड़ी मजबूती का संकेत मिलता है। हालांकि मोमेंटम इंडिकेटर्स यह भी बता रहे हैं कि तेजी अभी सीमित है और बाजार किसी बड़े मूव से पहले ठहराव की स्थिति में है।
इंडिया VIX में लगातार गिरावट देखने को मिली है और यह 13 के आसपास आ गया है। वोलैटिलिटी कम होना आमतौर पर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है क्योंकि इससे घबराहट कम होती है। अगर VIX 12 के नीचे टिकता है तो बाजार में स्थिरता और बढ़ सकती है। हालांकि केवल VIX के सहारे बड़ी तेजी की उम्मीद करना सही नहीं होगा क्योंकि असली दिशा तो इंडेक्स के लेवल ही तय करेंगे।
निफ्टी का पुट-कॉल रेशियो 0.88 पर बना हुआ है, जो हल्के बुलिश सेंटिमेंट की ओर इशारा करता है, लेकिन यह बहुत मजबूत संकेत नहीं है। कुल मिलाकर बाजार इस समय निर्णायक मोड़ पर है। नीचे सपोर्ट टूटने पर गिरावट तेज हो सकती है और ऊपर रेजिस्टेंस पार करने पर तेजी लौट सकती है। ऐसे माहौल में समझदारी इसी में है कि ट्रेडर और निवेशक लेवल आधारित रणनीति अपनाएं और जल्दबाजी से बचें।
डिस्क्लेमर: यूजर्स को चेतना मंच की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।