भारतीय शेयर बाजार में तीन दिनों की गिरावट के बाद 5 मार्च को तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 450 से 500 अंकों तक बढ़ गया और निफ्टी 24,645 के करीब पहुंच गया। बाजार में वैल्यू बाइंग, ग्लोबल संकेत और निवेशकों के डर में कमी तेजी के मुख्य कारण रहे। फाइनेंशियल और कैपिटल मार्केट शेयरों में सबसे अधिक उछाल देखा।

भारतीय शेयर बाजार में तीन दिनों की लगातार गिरावट के बाद 5 मार्च को निवेशकों को राहत मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 472 अंक बढ़कर 79,588 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी भी 24,645 के करीब कारोबार करता दिखा। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसी अनिश्चितताओं के बावजूद बाजार में तेजी देखने को मिली। आज के कारोबार में फाइनेंशियल और कैपिटल मार्केट शेयरों में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली।
सुबह 9:55 बजे सेंसेक्स 0.60 प्रतिशत यानी 472.30 अंक बढ़कर 79,588.49 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 0.68 प्रतिशत या 165.30 अंक बढ़कर 24,645.80 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार के सभी 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में थे। ब्रॉडर मार्केट में भी मजबूती दिखी। स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स लगभग 1 प्रतिशत तक चढ़ गए।
तेजी के 3 बड़े कारण
एशियाई और अमेरिकी बाजारों से सकारात्मक संकेत मिले। साउथ कोरिया का कॉस्पी इंडेक्स और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स हरे निशान में थे। अमेरिकी बाजार भी बीती रात हरे निशान में बंद हुए। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध टालने की संभावित बातचीत और तेल बाजार को स्थिर रखने के आश्वासन ने निवेशकों का डर कम किया।
तीन दिनों की गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की। खासकर रियल्टी, मेटल और ऑटो सेक्टर के शेयरों में वैल्यू बाइंग देखी गई। जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट्स वीके विजयकुमार के अनुसार, हाल के दिनों में भू-राजनीतिक तनाव और तेल कीमतों की अनिश्चितता सेंटीमेंट पर असर डाल सकती है। लेकिन जब तेल व्यापार सामान्य रहता है तो बाजार में तेजी लौट सकती है।
शेयर बाजार में डर को दिखाने वाला इंडिया VIX करीब 10 प्रतिशत गिरकर 19.04 के स्तर पर आ गया। इसका मतलब है कि भू-राजनीतिक तनाव के बाद निवेशकों की घबराहट में कमी आई है और बाजार अधिक स्थिर दिख रहा है।
जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटजिस्ट आनंद जेम्स के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,840 का स्तर संभावित लक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि 24,625 के आसपास मजबूत रेजिस्टेंस मौजूद है। यदि निफ्टी 24,370 के नीचे फिसलता है तो 24,000 से 23,550 तक गिरावट संभव है। फिलहाल बाजार में बड़ी गिरावट की संभावना कम दिखाई दे रही है।
डिस्क्लेमरः चेतना मंच यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।