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14 अप्रैल 2026 को अंबेडकर जयंती के मौके पर इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव और सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) सेगमेंट में कोई ट्रेडिंग नहीं होगी। इसके अलावा करेंसी डेरिवेटिव सेगमेंट, NDS-RST और ट्राई पार्टी रेपो सेगमेंट भी पूरे दिन बंद रहेंगे।

अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं या अगले हफ्ते ट्रेडिंग की योजना बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। अगले सप्ताह शेयर बाजार का ट्रेडिंग शेड्यूल थोड़ा छोटा रहने वाला है। डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में कारोबार पूरी तरह बंद रहेगा। ऐसे में निवेशकों को अपने ट्रेडिंग प्लान में बदलाव करना पड़ सकता है।
अगले हफ्ते सोमवार के बाद मंगलवार को शेयर बाजार बंद रहेगा। 14 अप्रैल 2026 को अंबेडकर जयंती के मौके पर इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव और सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) सेगमेंट में कोई ट्रेडिंग नहीं होगी। इसके अलावा करेंसी डेरिवेटिव सेगमेंट, NDS-RST और ट्राई पार्टी रेपो सेगमेंट भी पूरे दिन बंद रहेंगे। हालांकि कमोडिटी सेगमेंट में अलग व्यवस्था लागू रहेगी। इस दिन कमोडिटी डेरिवेटिव और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट (EGR) सेगमेंट में सुबह की ट्रेडिंग बंद रहेगी लेकिन शाम का सत्र 5 बजे से सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा। इसका मतलब है कि कमोडिटी ट्रेडर्स को आंशिक रूप से ट्रेडिंग का मौका मिलेगा।
अप्रैल 2026 में शेयर बाजार के लिए यह आखिरी ट्रेडिंग छुट्टी होगी। इससे पहले 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहा था। अब 14 अप्रैल की छुट्टी के बाद अगली ट्रेडिंग छुट्टी 1 मई 2026 को महाराष्ट्र दिवस के मौके पर होगी। इस तरह निवेशकों के लिए अप्रैल महीने में दो ट्रेडिंग छुट्टियां निर्धारित की गई हैं। ऐसे में अगर निवेशक किसी बड़े ट्रेड या निवेश की योजना बना रहे हैं तो उन्हें इस कैलेंडर को ध्यान में रखना जरूरी है।
साल 2026 में अब तक शेयर बाजार में कई बार ट्रेडिंग बंद रही है। जनवरी से अप्रैल के बीच गणतंत्र दिवस, होली, राम नवमी, महावीर जयंती और गुड फ्राइडे जैसे अवसरों पर बाजार बंद रहा है। अब अंबेडकर जयंती के बाद इस साल की कई और छुट्टियां बाकी हैं जिनमें महाराष्ट्र दिवस, बकरी ईद, मुहर्रम, गांधी जयंती, दशहरा, दिवाली और क्रिसमस जैसे मौके शामिल हैं। इसलिए निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे पूरे साल की ट्रेडिंग छुट्टियों पर नजर रखें ताकि ट्रेडिंग रणनीति बेहतर तरीके से बनाई जा सके।
पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला लेकिन सप्ताह के अंत में बाजार ने शानदार बढ़त दर्ज की। करीब पांच साल में पहली बार बाजार ने इतना मजबूत साप्ताहिक प्रदर्शन किया। शुरुआत में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव के कारण बाजार दबाव में रहा लेकिन सप्ताह के मध्य में हालात बदल गए। अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव में कमी, तेल की कीमतों में गिरावट और RBI की स्थिर नीति ने बाजार को सहारा दिया। इसके बाद फाइनेंशियल, रियल्टी और ऑटो सेक्टर में तेजी देखने को मिली और बाजार ने मजबूत वापसी की।
चूंकि अगले हफ्ते ट्रेडिंग के दिन कम रहेंगे इसलिए निवेशकों को अपनी रणनीति सोच-समझकर बनानी चाहिए। अगर कोई बड़ा निवेश या ट्रेडिंग प्लान है तो छुट्टी से पहले या बाद के दिन को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना बेहतर रहेगा। इसके अलावा निवेशकों को वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी नजर बनाए रखनी चाहिए क्योंकि ये सभी कारक आने वाले हफ्ते में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
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