Ola Electric Layoffs: ओला इलेक्ट्रिक ने अपने 5% कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है। कंपनी की बिक्री वित्त वर्ष 2026 में लगातार गिरावट पर रही है। इससे पहले मार्च 2025 और नवंबर 2024 में भी बड़े स्तर पर layoffs हुई हैं। ओला इलेक्ट्रिक अपने फ्रंट-एंड ऑपरेशंस में ऑटोमेशन बढ़ाकर मुनाफे वाली ग्रोथ पर...

देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ola Electric एक बार फिर सुर्खियों में है लेकिन इस बार वजह कोई नया स्कूटर या टेक्नोलॉजी नहीं बल्कि छंटनी (Layoffs) है। कंपनी ने अपने 5% कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला किया है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब ओला इलेक्ट्रिक लगातार गिरती बिक्री, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मुनाफे के दबाव से जूझ रही है। इससे पहले भी कंपनी बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है जिससे यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर ओला इलेक्ट्रिक के भीतर क्या चल रहा है।
ओला इलेक्ट्रिक ने बयान जारी कर कहा है कि कंपनी अपने फ्रंट-एंड ऑपरेशंस में ज्यादा ऑटोमेशन ला रही है। इसका मकसद काम की स्पीड बढ़ाना, डिसिप्लिन लाना और एक ऐसी मजबूत ऑर्गेनाइजेशन तैयार करना है जो लंबे समय में मुनाफे वाली ग्रोथ दे सके। इसी रीस्ट्रक्चरिंग के तहत 5% कर्मचारियों की नौकरी जाएगी।
फिलहाल ओला इलेक्ट्रिक मुनाफे में नहीं है। वित्त वर्ष 2026 के दौरान ज्यादातर समय कंपनी की बिक्री में गिरावट देखने को मिली है। वहीं, इसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनियां जैसे Ather Energy, TVS Motor और Bajaj Auto इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में ओला से आगे निकलती नजर आ रही हैं। बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने ओला इलेक्ट्रिक की चुनौतियां और बढ़ा दी हैं।
सूत्रों के मुताबिक, ओला इलेक्ट्रिक ने मार्च 2025 में एक बड़ा इंटरनल रीस्ट्रक्चरिंग कैंपेन शुरू किया था। इसके चलते सेल्स, डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग विभागों से करीब 1,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया था। यह छंटनी कंपनी के लिए एक बड़ा झटका मानी गई थी।
यह पहली बार नहीं है जब ओला इलेक्ट्रिक ने कर्मचारियों को निकाला हो। इससे पहले नवंबर 2024 में भी करीब 500 कर्मचारियों की छंटनी की गई थी। लगातार हो रही छंटनियों से कर्मचारियों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
ओला इलेक्ट्रिक में केवल कर्मचारी ही नहीं, बल्कि टॉप-लेवल मैनेजमेंट में भी बड़े बदलाव हुए हैं। दिसंबर 2024 में कंपनी के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) अंशुल खंडेलवाल और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) सुवोनील चटर्जी ने इस्तीफा दे दिया था। इन इस्तीफों ने कंपनी की रणनीति और नेतृत्व को लेकर सवाल खड़े कर दिए थे।
केवल ओला इलेक्ट्रिक ही नहीं बल्कि गेमिंग और एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म Zupee भी छंटनी के दौर से गुजर रहा है। कंपनी करीब 200 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही है जो उसकी कुल वर्कफोर्स का लगभग 40% है। ऑनलाइन गेमिंग पर सरकार के नए कानून और रियल-मनी गेम्स (RMG) पर बैन का सीधा असर गेमिंग स्टार्टअप्स पर पड़ा है। Zupee ने कहा है कि यह फैसला बदलते रेगुलेटरी और मार्केट माहौल के हिसाब से खुद को मजबूत बनाने के लिए लिया गया है। इससे पहले सितंबर 2025 में भी कंपनी ने 170 नौकरियां खत्म की थीं।