भारत में तेजी से बढ़ रहा है कार मार्केट, क्यों उत्साहित हैं विदेशी कंपनियां?

भारत अब ऑटो सेक्टर में दुनिया का प्रमुख हब बनने की राह पर है। विदेशी कंपनियां जैसे सुज़ुकी, हुंडई, रेनॉल्ट और फॉक्सवैगन भारत में अपने प्रोडक्शन और सेल्स को बढ़ा रही हैं। बढ़ती लोकल डिमांड और एक्सपोर्ट की संभावनाओं ने भारत को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाया है।

India Auto Sector
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locationभारत
userअसमीना
calendar28 Feb 2026 11:53 AM
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भारत की ऑटो इंडस्ट्री अब सिर्फ घरेलू मांग तक सीमित नहीं है। दुनिया की बड़ी कार कंपनियां भारत को अपने ग्लोबल ग्रोथ प्लान का अहम हिस्सा बना रही हैं। सुजुकी, हुंडई, रेनॉल्ट और फॉक्सवैगन जैसी कंपनियां भारत में प्रोडक्शन बढ़ा रही हैं और सेल्स टारगेट ऊंचा कर रही हैं। बढ़ता मार्केट, कम उत्पादन लागत और एक्सपोर्ट की संभावनाओं ने भारत को विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षक बना दिया है। आइए जानते हैं कि कंपनियों की योजना और अनुमान क्या हैं।

सुजुकी और भारत में प्रोडक्शन प्लान

जापानी ऑटोमेकर सुजुकी मोटर कॉर्प ने चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने प्रोडक्शन का अनुमान बढ़ाकर 3.52 मिलियन यूनिट कर दिया है। भारत सुजुकी का सबसे बड़ा मार्केट है और GST रेट में बदलाव के बाद यहां सेल्स में तेजी की उम्मीद है। मारुति सुजुकी की चार फैक्ट्रियां सालाना 2.6 मिलियन यूनिट का उत्पादन करती हैं और यह भारत सुज़ुकी की ग्लोबल सेल्स का लगभग 56% और प्रोडक्शन का 65% हिस्सा है। पार्थो बनर्जी, मार्केटिंग और सेल्स सीनियर एग्जीक्यूटिव ने बताया कि जनवरी में बिक्री इतनी बढ़ी कि प्लांट को छुट्टियों में भी चलाना पड़ा। इसके अलावा, बैंक लोन सस्ते होने और आयकर में छूट की वजह से ग्राहक सक्रिय हैं। पहले नौ महीनों में भारत में सुजुकी की बिक्री 3.8% बढ़कर 1.35 मिलियन यूनिट हो गई जबकि यूरोप में यह गिरावट दर्ज हुई।

हुंडई की भारत में ग्रोथ उम्मीद

साउथ कोरिया की हुंडई मोटर का अनुमान है कि भारत में 2026 में 3.1% की सेल्स ग्रोथ होगी। इसका मतलब है कि भारत उसके ग्लोबल मार्केट में तीसरा सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। US और कोरिया के बाद भारत में उसकी अंतरराष्ट्रीय सेल्स का लगभग 14% हिस्सा आता है। मैनेजिंग डायरेक्टर तरुण गर्ग ने कहा कि लोकल और ग्रामीण मार्केट दोनों से मजबूत डिमांड है और कंपनियां लंबे समय के बाद पॉजिटिव मोमेंटम देख रही हैं। इस साल जनवरी में हुंडई मोटर इंडिया की सेल्स रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची।

विदेशी कंपनियों का भारत में भरोसा

रेनॉल्ट और फॉक्सवैगन जैसी यूरोपियन कंपनियां भी भारत को ग्लोबल ग्रोथ प्लान का “की पिलर” मान रही हैं। रेनॉल्ट का अनुमान है कि अगले तीन सालों में 50% ग्रोथ भारत और ब्राजील के मार्केट से आएगी। कंपनी नए प्रोडक्ट्स और SUVs लॉन्च कर भारतीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना बना रही है।

भारत क्यों बना आकर्षक मार्केट?

भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटो मार्केट बन गया है। इसके पीछे कारण हैं-

  • बढ़ती लोकल डिमांड और सस्ती उत्पादन लागत।
  • सरकारी नीतियों और टैक्स कट के कारण निवेशकों को फायदा।
  • एक्सपोर्ट हब बनने की क्षमता जिससे विदेशी कंपनियों को ग्लोबल मार्केट तक पहुंच।

इन कारणों से सुजुकी, हुंडई, रेनॉल्ट और फॉक्सवैगन जैसी कंपनियां भारत में बड़े निवेश और विस्तार की योजना बना रही हैं।

भविष्य की उम्मीद

ऑटो कंपनियों की योजना और अनुमान यह दर्शाते हैं कि भारत आने वाले सालों में ग्लोबल ऑटो सेक्टर का हब बन सकता है। लोकल डिमांड के साथ-साथ एक्सपोर्ट ग्रोथ के मौके भी निवेशकों के लिए आकर्षक हैं। भारत में यह सेक्टर विदेशी कंपनियों का प्रॉफिट इंजन बन सकता है और आने वाले सालों में और ज्यादा रोजगार और टेक्नोलॉजी निवेश ला सकता है।

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आज सोना और चांदी के भाव में बड़ा बदलाव, जानिए हर शहर का रेट

आज की सुबह सोने और चांदी दोनों में गिरावट देखने को मिली है। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,61,710 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट सोना 1,48,240 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,61,580 रुपये है। चांदी का भाव 2,84,900 रुपये प्रति किलो पर आ गया।

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आज का सोने का ताजा भाव
locationभारत
userअसमीना
calendar28 Feb 2026 11:32 AM
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अगर आप सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं तो आपके लिए राहत की खबर है। आज की सुबह कीमती धातुओं के दाम में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों से कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा था लेकिन आज बाजार थोड़ा ठंडा नजर आ रहा है। शादी-ब्याह के सीजन और निवेश के नजरिए से यह समय खरीदारों के लिए अहम माना जा रहा है। आइए जानते हैं देश के बड़े शहरों में आज क्या है सोने-चांदी का भाव और आगे क्या रुख रह सकता है।

दिल्ली में आज का गोल्ड रेट

राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,61,710 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। वहीं 22 कैरेट सोना 1,48,240 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। एक दिन पहले सराफा बाजार में सोना करीब 1,800 रुपये उछलकर 1,64,700 रुपये तक पहुंच गया था। ऐसे में आज की गिरावट से खरीदारों को थोड़ी राहत मिली है।

मुंबई, चेन्नई और कोलकाता का हाल

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोने का भाव 1,61,580 रुपये प्रति 10 ग्राम है जबकि 22 कैरेट सोना 1,48,110 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। यही दर चेन्नई और कोलकाता में भी देखने को मिल रही है। लगातार बदलाव के बीच निवेशक बाजार पर नजर बनाए हुए हैं।

अहमदाबाद, जयपुर और लखनऊ में कीमत

अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,61,610 रुपये प्रति 10 ग्राम है और 22 कैरेट का भाव 1,48,140 रुपये है। जयपुर और लखनऊ में 24 कैरेट सोना 1,61,820 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है जबकि 22 कैरेट 1,48,240 रुपये में मिल रहा है। अलग-अलग शहरों में टैक्स और मांग के हिसाब से मामूली फर्क देखने को मिलता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या है हाल?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का हाजिर भाव 5,172.17 डॉलर प्रति औंस पर है। अमेरिकी बैंक जेपी मॉर्गन ने सोने के लिए अपना लॉन्ग-टर्म अनुमान बढ़ाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। वहीं 2026 के आखिर तक 6,300 डॉलर प्रति औंस का अनुमान बरकरार रखा है। बैंक का कहना है कि निवेशक अब भी सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं और आगे इसमें बढ़त की गुंजाइश बनी हुई है।

चांदी की कीमत में भी गिरावट

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। आज चांदी 2,84,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। एक दिन पहले यह करीब 2,68,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक फिसल गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का भाव 89.72 डॉलर प्रति औंस है। गौर करने वाली बात यह है कि जनवरी में चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई थी, जिसके बाद से इसमें उतार-चढ़ाव जारी है।

क्या अभी खरीदना सही रहेगा?

बाजार में गिरावट के समय खरीदारी करना कई लोगों के लिए अच्छा मौका माना जाता है। हालांकि कीमतें वैश्विक हालात, डॉलर की चाल और मांग पर निर्भर करती हैं। अगर आप निवेश के लिए खरीदना चाहते हैं तो थोड़ा-थोड़ा करके खरीदारी करना समझदारी हो सकती है। वहीं ज्वेलरी के लिए खरीद रहे हैं तो आज की गिरावट आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती है।

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1 मार्च से बदल जाएंगे ये 7 बड़े नियम, जान लें ये जरूरी अपडेट

Rule Change: 1 मार्च 2026 से कई बड़े नियम बदलने जा रहे हैं जिनका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा। एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव की संभावना है। रेलवे टिकट बुकिंग के नियमों में भी अपडेट हो सकता है। UPI पेमेंट सिस्टम में नई सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा सकती है।

Rule Change
1 मार्च 2026 से कौन-कौन से नियम बदल रहे हैं?
locationभारत
userअसमीना
calendar28 Feb 2026 11:07 AM
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हर महीने की पहली तारीख अपने साथ कुछ नए बदलाव लेकर आती है लेकिन इस बार 1 मार्च 2026 खास रहने वाला है। रसोई गैस से लेकर ट्रेन टिकट बुकिंग, UPI पेमेंट, सिम कार्ड और बैंक अकाउंट तक कई ऐसे नियम बदलने जा रहे हैं जो सीधे आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करेंगे। अगर आप पहले से इन बदलावों को समझ लें तो आने वाले खर्च की बेहतर प्लानिंग कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि क्या-क्या बदल रहा है।

एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम में बदलाव

हर महीने की तरह 1 मार्च को भी LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा होगी। पिछले कुछ समय से 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में ही बदलाव देखा गया है। फरवरी में कंपनियों ने इसमें करीब ₹49 तक की बढ़ोतरी की थी। घरेलू रसोई गैस के दाम फिलहाल स्थिर हैं लेकिन इस महीने इनमें बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अगर कीमत बढ़ती है तो होटल-रेस्टोरेंट से लेकर आम घरों का बजट प्रभावित हो सकता है।

रेलवे टिकट बुकिंग का नया नियम

1 मार्च 2026 से भारतीय रेलवे टिकट बुकिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। पुराने UTS ऐप को बंद कर उसकी जगह नया RailOne ऐप पूरी तरह लागू किया जा सकता है। इस नए ऐप के जरिए जनरल टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट और लोकल यात्रा से जुड़ी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी। यात्रियों के लिए यह बदलाव सुविधाजनक हो सकता है लेकिन शुरुआत में लोगों को नए ऐप की आदत डालनी होगी।

सिम बाइंडिंग का नया नियम

डिजिटल फ्रॉड पर रोक लगाने के लिए सरकार 1 मार्च से सिम बाइंडिंग का नया नियम लागू कर सकती है। इसके तहत WhatsApp, Telegram और Signal जैसे मैसेजिंग ऐप सीधे आपके मोबाइल सिम से जुड़े रहेंगे। अगर आप फोन से सिम निकालते हैं तो ये ऐप तुरंत काम करना बंद कर सकते हैं। यहां तक कि केवल वाई-फाई के जरिए भी इन्हें इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। यह कदम सुरक्षा के लिहाज से अहम है लेकिन यूजर्स के लिए थोड़ा सख्त साबित हो सकता है।

UPI पेमेंट में बढ़ेगी सुरक्षा

1 मार्च से डिजिटल पेमेंट सिस्टम में भी बदलाव की तैयारी है। अब बड़ी रकम ट्रांसफर करने के लिए सिर्फ UPI PIN डालना काफी नहीं होगा। बैंकों द्वारा हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त सुरक्षा जैसे बायोमेट्रिक या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया जा सकता है। इसका मकसद ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकना है। हालांकि इससे पेमेंट करने में कुछ सेकंड ज्यादा लग सकते हैं लेकिन आपका पैसा ज्यादा सुरक्षित रहेगा।

मिनिमम बैलेंस का नया तरीका

देश के बड़े सरकारी बैंक 1 मार्च 2026 से मिनिमम बैलेंस के नियम में बदलाव करने की तैयारी में हैं। पहले अगर किसी एक दिन खाते में बैलेंस कम हुआ तो पेनल्टी लग जाती थी। अब औसत मासिक बैलेंस के आधार पर जुर्माना तय किया जाएगा। इससे ग्राहकों को थोड़ी राहत मिल सकती है क्योंकि एक-दो दिन बैलेंस कम होने पर तुरंत पेनल्टी नहीं लगेगी।

CNG, PNG और ATF के दाम

हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां CNG, PNG और हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाले ATF के दाम तय करती हैं। 1 मार्च को भी इनमें बदलाव हो सकता है। अगर CNG और PNG महंगी होती है तो गाड़ियों का खर्च और रसोई गैस का बजट प्रभावित हो सकता है। वहीं ATF की कीमतों में बदलाव का असर हवाई टिकट पर भी दिख सकता है।

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