Wholesale Inflation: महंगाई से लोगों को नहीं मिल रही राहत, थोक मुद्रास्फीति में 15 फीसदी की हुई उछाल
Source: India Today
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 02:39 AM
नई दिल्ली: आम लोगों पर महंगाई से लोगों की जेब पर काफी असर पड़ना शुरु हो गया है। खुदरा महंगाई (Retail Inflation) में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसमें 8 साल के उच्च स्तर पर पहुंचकर अप्रैल 2022 में थोक महंगाई (Wholesale Inflation) ने भी नया रिकॉर्ड बनाकर लोगों को काफी झटका दिया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने थोक महंगाई की दर 15.08 फीसदी हो गई थी। साल भर पहले यानी अप्रैल 2021 में थोक महंगाई की दर 10.74 फीसदी पर पहुंच गई थी।
डिपार्टमेंट ऑफ प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने मंगलवार को जानकारी दिया है कि अप्रैल महीने के लिए थोक महंगाई के आंकड़े को जारी कर दिया गया है। डीपीआईआईटी ने कहा है कि तेल और ईंधन की ऊंची कीमतों के कारण अप्रैल में थोक महंगाई में बढ़ोतरी हो रही है।
इससे पहले एनालिस्ट ने भी अनुमान लगाया है कि अप्रैल में थोक (Wholesale Inflation) मूल्यों पर आधारित महंगाई 15.5 फीसदी के आस-पास पहुंच सकती है। ताजा आंकड़ों के हिसाब से अप्रैल लगातार 13वां महीना माना जा रहा है, जब थोक महंगाई की दर 10 फीसदी से उछाल पर पहुंच गया है। इससे पहले मार्च महीने में थोक महंगाई की दर 14.55 फीसदी हो गई थी।
डीपीआईआईटी ने एक प्रेस रिलीज में जानकारी बताया है कि, 'अप्रैल 2022 में थोक महंगाई की उच्च दर को लेकर मिनरल ऑयल्स, बेसिक मेटल्स, क्रूड, पेट्रोलियम व नेचुरल गैस, खाने-पीने के सामान, नॉन-फूड आर्टिकल्स, फूड प्रॉडक्ट और केमिकल्स व केमिकल प्रॉडक्ट की कीमतों का इजाफा होना काफी जिम्मेदारी वाला होता है। इन सब चीजों की कीमतें पिछले साल से देखा जाए तो अप्रैल की तुलना में काफी बढ़ चुकी है.'
आंकड़ों के मुताबिक देखा जाए तो, अप्रैल महीने में फूड आर्टिकल्स की महंगाई वाली दर 8.35 फीसदी रही, जो मार्च में 8.06 फीसदी पर पहुंच गई थी। वहीं ईंधन व बिजली बास्केट में थोक महंगाई की दर मार्च में बात करें तो 34.52 फीसदी की तुलना में बढ़ने के बाद 38.66 फीसदी पर पहुंच चुकी है।
मैन्यूफैक्चर्ड चीजों के मामले में महंगाई की दर काफी बढ़़ गई है। यह मार्च में 10.71 फीसदी रही थी, जो अप्रैल में 10.85 फीसदी पर पहुंच चुकी थी।