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राजधानी दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में आज पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है। वहीं बेंगलुरु, कोलकाता और गुरुग्राम जैसे शहरों में भी कीमतें स्थिर हैं।

देशभर में आज फिर पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी गई हैं। हर रोज की तरह ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने सुबह नए रेट अपडेट किए जिसके बाद कई शहरों में तेल की कीमतों में बदलाव देखने को मिला। कुछ शहरों के लोगों को थोड़ी राहत मिली है जबकि कुछ जगहों पर तेल महंगा होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। अगर आप आज गाड़ी लेकर पेट्रोल पंप जाने वाले हैं तो पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर जान लें।
राजधानी दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में आज पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है। वहीं बेंगलुरु, कोलकाता और गुरुग्राम जैसे शहरों में भी कीमतें स्थिर हैं। इससे लोगों को फिलहाल राहत मिली हुई है क्योंकि लगातार बदलते दाम आम आदमी के बजट पर सीधा असर डालते हैं। मुंबई में भी पेट्रोल के दाम में बहुत मामूली कमी देखने को मिली है। हालांकि डीजल की कीमत पहले जैसी ही बनी हुई है। बड़े शहरों में कीमतों के स्थिर रहने से रोज सफर करने वाले लोगों को फिलहाल ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
आज कुछ शहर ऐसे भी रहे जहां तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। चेन्नई में पेट्रोल और डीजल दोनों सस्ते हुए हैं। जयपुर में भी पेट्रोल की कीमत में कमी आई है जिससे वाहन चालकों को थोड़ी राहत मिली है। पटना, लखनऊ, चंडीगढ़ और हैदराबाद जैसे शहरों में भी दाम हल्के नीचे आए हैं। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच तेल के दाम में थोड़ी भी कमी लोगों को राहत देती है। खासतौर पर उन लोगों को जो रोजाना गाड़ी से लंबा सफर करते हैं या जिनका काम पूरी तरह वाहन पर निर्भर रहता है।
जहां कुछ शहरों में राहत मिली वहीं कई जगहों पर तेल महंगा भी हुआ है। दिल्ली से सटे नोएडा में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इससे रोज ऑफिस आने-जाने वाले लोगों की जेब पर असर पड़ सकता है। दक्षिण भारत के तिरुवनंतपुरम में भी पेट्रोल और डीजल दोनों महंगे हुए हैं। इसके अलावा भुवनेश्वर में भी तेल की कीमत बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बढ़ते खर्च के बीच ईंधन की कीमतों में तेजी आम आदमी के बजट को और बिगाड़ सकती है।
कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर हर शहर में पेट्रोल और डीजल के रेट अलग क्यों होते हैं। दरअसल इसके पीछे टैक्स सबसे बड़ी वजह है। केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी लगाती है जबकि राज्य सरकारें अपने हिसाब से वैट वसूलती हैं। इसी कारण अलग-अलग राज्यों और शहरों में कीमतें बदल जाती हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी सीधे तौर पर तेल के दाम तय करती है। अगर कच्चा तेल महंगा होता है तो उसका असर धीरे-धीरे घरेलू बाजार में भी दिखने लगता है।
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है, जबकि डब्ल्यूटीआई भी मजबूत बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की खबरों के चलते बाजार में हलचल बढ़ी है। हालांकि बीते कुछ महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में काफी तेजी आई है। फरवरी के बाद से इसमें 40 फीसदी से ज्यादा उछाल दर्ज किया गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम पर इसका असर पड़ सकता है।
महंगे कच्चे तेल के बावजूद सरकारी तेल कंपनियों ने काफी समय तक आम जनता पर पूरा बोझ नहीं डाला। कंपनियों ने कई दिनों तक बढ़ती लागत खुद झेली जिससे उन्हें हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। बाद में कंपनियों ने चरणबद्ध तरीके से कीमतों में बढ़ोतरी की। केंद्र सरकार ने भी एक्साइज ड्यूटी कम करके लोगों को राहत देने की कोशिश की। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान जरूर हुआ लेकिन आम लोगों को महंगाई से थोड़ी राहत मिली।
अगर दूसरे देशों से तुलना करें तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी काफी सीमित रही है। अमेरिका, यूएई, मलेशिया और कई अन्य देशों में ईंधन के दाम तेजी से बढ़े हैं। वहीं भारत में बढ़ोतरी अपेक्षाकृत कम रही है। यही वजह है कि सरकार और तेल कंपनियां लगातार कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रही हैं। फिलहाल लोगों की नजर आने वाले दिनों पर टिकी है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो घरेलू बाजार में भी पेट्रोल और डीजल महंगा हो सकता है। ऐसे में वाहन चालकों को रोजाना अपडेट होते रेट पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
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